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बच्ची की मौत पर अस्पताल में हंगामा

Sun, 28 Feb 2021 12:17 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2021 12:17 AM IST
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Uproar in the hospital over the girl's death
बच्ची की मौत पर अस्पताल में हंगामा
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बिजनौर। जजी चौक के पास स्थित राज हॉस्पिटल में बच्ची की मौत होने पर गुस्साए परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सकों पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया। पुलिस के मौके पर पहुंचने पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।

नजीबाबाद इलाके के गांव रम्मनवाला निवासी सुनील कुमार की आठ माह की पुत्री को अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर उसने शुक्रवार की देर रात नगर के राज हॉस्पिटल में भर्ती कराया। इस दौरान अस्पताल स्टाफ ने उस पर 50 हजार रुपये जमा करने का दबाव बनाया और चिकित्सकों ने ठीक प्रकार से बच्ची का उपचार नहीं किया। आरोप है कि हालत बिगड़ने पर भी सुबह करीब नौ बजे तक भी कोई डॉक्टर बच्ची की सुध लेने नहीं पहुंचा तो मासूम ने तड़प कर दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए परिजनों ने चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने की कोशिश की तो चिकित्सकों ने परिजनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इससे सुनील और उसकी मां गीता गंभीर रूप से घायल हो गए। वहां पर अफरातफरी मच गई। किसी ने पुलिस को सूचित किया तो पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। दोनों पक्ष थाने पहुंचे और एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करते हुए तहरीर दी। राज हॉस्पिटल के संचालक बाल रोग विशेषज्ञ डा. सिद्धार्थ सिंह का कहना है कि बच्ची की मौत अस्पताल से बाहर हुई है। परिजन उसे लेकर शनिवार की सुबह लगभग छह बजे राज हॉस्पिटल लेकर आए थे और उसने केवल 2800 रुपये जमा किए। गंभीर हालत होने के कारण बच्ची को वेंटिलेटर पर रखने की परिजनों को सलाह दी गई, लेकिन परिजनों ने समय रहते उसे वेंटिलेटर पर नहीं रखवाया और वे आपस में सलाह-मशविरा करते ही रह गए। जहां तक बात मारपीट की है तो शुरुआत परिजनों ने चिकित्सकों से मारपीट की। अपने बचाव के लिए चिकित्सकों और स्टाफ को ऐसा करने को मजबूर होना पड़ा। शहर कोतवाल राजेश सोलंकी ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद मामला निपट गया है।
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