यूपी : कर्फ्यू में ढील मिले तो सुधरे बाजार का हाल, सहालग से जुड़े व्यापारियों को आदेश का इंतजार, इस माह से है उम्मीद
बिजनौरशादियों में कपड़ों की भी जमकर खरीदारी होने की उम्मीद है। जिले में कपड़ों की दुकान एक महीने से बंद पड़ी हैं। अगर कोरोना कर्फ्यू में ढील मिलती है तो कपड़ों का कारोबार फिर से पटरी पर आ सकता है।
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मतलब खर्च भी ज्यादा होगा और इससे जुड़ा कारोबार फिर से पटरी पर लौट सकता है। धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद पंडित ललित शर्मा के अनुसार जून व जुलाई में भी काफी लोगों ने शादी की तारीख सुझवाई हैं। ये परिवार अब शादी करेंगे।
जिले में सौ से ज्यादा बैंक्वेट हॉल
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में 100 से अधिक बैंक्वेट हॉल हैं। पिछले दो महीने से बैंक्वेट हॉल में शायद ही कोई शादी हुई है। गांवों में शादी में तो भीड़ आ जाती है, लेकिन बैंक्वेट हॉल सूने पड़े हैं। शादियों में गिनती के मेहमान आने की वजह से लोगों ने घरों में ही शादी समारोह किए। काफी लोगों ने शादी के कार्यक्रम निरस्त भी किए।
बैंक्वेट हॉल, वहां सजावट करने वाले और बैंड बाजे वाले सभी खाली बैठे हैं। उन्हें भी कोरोना कर्फ्यू में ढील मिलने से व्यापार बढ़ने की उम्मीद है। राज मिलन बैैंक्वेट हॉल के मालिक राहुल सिंह के अनुसार जून व जुलाई के लिए एक भी बुकिंग नहीं है। अगर शादी में 100 मेहमानों के शामिल होने की अनुमति मिले तो ही कुछ बुकिंग आ सकती हैं।
कपड़ा व्यापार को मिल सकती है संजीवनी
शादियों में कपड़ों की भी जमकर खरीदारी होने की उम्मीद है। जिले में कपड़ों की दुकान एक महीने से बंद पड़ी हैं। यहां काम करने वाले लोग भी बेरोजगार बैठे हैं। अगर कोरोना कर्फ्यू में ढील मिलती है तो कपड़ों का कारोबार फिर से पटरी पर आ सकता है।
शादी का सीजन होने की वजह से कारोबार पर छाई मंदी भी खत्म हो सकती है। कपड़ा व्यापारी अभिषेक अग्रवाल के अनुसार दो महीने से कारोबार ठप है। हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं। अब सरकार की ढील की घोषणा पर ही उम्मीद है। सहालग होने की वजह से कारोबार पटरी पर आ सकता है।
सराफा कारोबार को भी है इंतजार
जिले में सोने चांदी के जेवरात की करीब एक हजार दुकान हैं। इसके अलावा ब्यूटी पार्लर, चूड़ी यहां तक कि बर्तनों का भी कारोबार सबसे ज्यादा सहालग पर ही निर्भर रहता है। इस बार कोरोना कर्फ्यू की वजह से अक्षय तृतीया पर भी सोने चांदी की बिक्री नहीं हुई थी।
अब शादी के सीजन में फिर से बिक्री होने की उम्मीद है। सराफा महेश तागरा के अनुसार अब सहालग से ही कुछ व्यापार होने की उम्मीद है। सहालग के बाद दीपावली पर ही कारोबार का मौका मिलेगा। सरकार को शादी से जुड़ी रियायत बढ़ानी चाहिए।