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UP: बिजनौर में वाहनों की बिक्री में बड़ा खेल, बिना रजिस्ट्रेशन ही रुपये लेकर सौंप दिए 4300 से ज्यादा नए वाहन

Sun, 19 Jul 2026 10:57 AM IST
Mohd Mustakim रजनीश त्यागी, बिजनौर
रजनीश त्यागी, बिजनौर Published by: Mohd Mustakim Updated Sun, 19 Jul 2026 10:57 AM IST
सार

Bijnor News: परिवहन आयुक्त की लखनऊ से आई टीम के निरीक्षण के बाद वाहन एजेंसियों की लापरवाही सामने आई है। डीलरों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रत्येक बेचे गए वाहन का पंजीकरण मूल अभिलेखों के सत्यापन के बाद कराने का निर्देश दिया है।

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UP: Major irregularity in vehicle sales in Bijnor
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

जिले में नए वाहनों की बिक्री के बाद उन्हें बिना पंजीकरण के ही ग्राहकों के हवाले करने का बड़ा खेल सामने आया है। परिवहन आयुक्त की लखनऊ से आई टीम के निरीक्षण में खुलासा हुआ कि जिले में 4300 से अधिक नए वाहनों का पंजीकरण लंबित थे। यानी हजारों वाहन नियमानुसार रजिस्ट्रेशन कराए बिना ही सड़कों पर उतर गए। मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने सभी वाहन डीलरों को लंबित पंजीकरण तत्काल पूरा कराने के निर्देश देने के साथ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी जारी कर दी है।
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बिजनौर में वाहन डीलरों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। परिवहन आयुक्त के हालिया निरीक्षण में सामने आया कि जिले में 4300 से अधिक नए वाहनों का पंजीकरण लंबित हैं। इतनी बड़ी संख्या में लंबित पंजीकरण मिलने से यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि आखिर बिना वैध पंजीकरण के ये वाहन किस तरह सड़कों पर पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आने पर परिवहन आयुक्त ने नाराजगी जताई और लंबित मामलों के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। इसके बाद सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) ने जिले के सभी वाहन डीलरों को पत्र जारी कर स्पष्ट कर दिया कि प्रत्येक बेचे गए वाहन का पंजीकरण मूल अभिलेखों के सत्यापन के बाद समयबद्ध तरीके से कराया जाए।
 
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विभागीय पत्र में केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम-42 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि कोई भी वाहन स्थायी अथवा अस्थायी पंजीकरण के बिना सार्वजनिक सड़क पर नहीं चलाया जा सकता। इसके बावजूद यदि नियमों की अनदेखी की गई तो संबंधित डीलर के विरुद्ध केंद्रीय मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई करते हुए उसका व्यापार प्रमाणपत्र (डीलर लाइसेंस) निलंबित या निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी। विभाग ने सभी डीलरों से लंबित पंजीकरण आवेदन तत्काल निस्तारित कराने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने देने के निर्देश दिए हैं।
 
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ये बोले अधिकारी
जिले में 100 से ज्यादा वाहन डीलर है। सात दिन तक अगर पंजीकरण नहीं होता है तो इसके बाद डीलर को ही जुर्माना भरना पड़ता है। पंजीकरण में देरी न होने पाए, इसलिए नोटिस जारी किए गए थे, मगर अब कोई पेंडेंसी नहीं है।
- महेश शर्मा, एआरटीओ


 

शोरूम स्वामियों का ये है कहना
तिरुपति व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर दीपक गर्ग ने बताया कि चार पहिया से ज्यादा दो पहिया वाहन के पंजीकरण लंबित रहते हैं। चार पहिया वाहनों की पेंडेंसी एक सप्ताह के अंदर खत्म कर ली जाती है। आरसी कागज खत्म होने सहित अन्य वजह से भी पेंडेंसी होती है।

विमल ऑटोमोबाइल्स शोरूम के स्वामी विभोर अग्रवाल ने कहा कि उन्हें परिवहन विभाग की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है। दस्तावेज पूरे नहीं होने की वजह से पंजीयन पेंडेंसी हो जाती है। दो पहिया और चार पहिया दोनों तरह के वाहनों की पेंडेंसी संभव है।
 
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