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यूपी बोर्ड के स्कूलों में ग्यारहवी कक्षा में नही हो रहे है दाखिले
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निर्मला शर्मा।
- फोटो : BIJNOR
यूपी बोर्ड के स्कूलों में 11वीं कक्षा में नहीं हो रहे है दाखिले
बिजनौर। जिले के यूपी बोर्ड के स्कूलों में कक्षा 11 में दाखिले नहीं हो रहे हैं। ग्रामीण स्कूलों के शिक्षकों द्वारा दाखिलों के लिए घर-घर संपर्क किया जा रहा है लेकिन अभिभावक दाखिला कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बोर्ड की फीस जमा करने तथा 11वीं कक्षाओं के रजिस्ट्रेशन के लिए मात्र सात दिन बचे हैं। ऐसे में हजारों विद्यार्थियों का साल खराब होने का खतरा है। प्रधानाचार्य आखिरी तारीख बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
इस साल जिले का हाईस्कूल का रिजल्ट बंपर रहा है। 387 स्कूलों के 42115 छात्र-छात्राएं पास हुए हैं। इसके बाद भी स्कूलों में कक्षा 11 में दाखिले नहीं हो रहे है। ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुले करीब एक माह बीत चुका है। कक्षा 11 के छात्रों का बोर्ड में रजिस्ट्रेशन होता है। इसके बिना छात्र बारहवीं की बोर्ड की परीक्षा नहीं दे सकता। रजिस्ट्रेशन की फीस जमा करने की आखिरी तारीख पांच अगस्त है। कोरोना के कारण अभिभावकों को इस बार दाखिला कराने आना है। जानकारी के अनुसार अभिभावक दाखिला कराने नहीं आ रहे हैं। दसवीं पास करने वाले छात्रों में औसतन 15-20 प्रतिशत दाखिले हुए हैं। गांव के स्कूलों में तो स्थिति अधिक खराब है। दसवीं व 12वीं के बोर्ड की परीक्षा फीस जमा होने की आखिरी तारीख भी पांच अगस्त है। इन छात्रों के अभिभावक भी बोर्ड फीस जमा करने नहीं आ रहे है। प्रधानाचार्य बताते है कि जब फोन कर फीस के लिए कहा जाता है तो अभिभावक कहते हैं कि स्कूल में बच्चे पढ़ नहीं रहे हैं तो फीस कैसी। अब फीस जमा करने के लिए आखिरी तारीख बढ़ाने की मांग होने लगी है। शिक्षक नेता हरि सिंह ढिल्लो ने डिप्टी सीएम को पत्र लिखा है। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष गयूर आसिफ, जिला उपमंत्री सुधांशु वत्स तारीख बढ़ाने को विकल्प बताते हैं।
किसान इंटर कॉलेज मंडावली की प्रधानाचार्य सुनीति त्यागी का कहना है कि स्कूल के 311 छात्र-छात्राओं ने हाईस्कूल पास किया है। इनमें से 20-25 बच्चों ने कक्षा 11 में दाखिला लिया है। बोर्ड परीक्षा की फीस 215 बच्चों में से 15-20 की ही आई है। अभिभावकों को लगातार फोन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फीस जमा करने की आखिरी तारीख बढ़नी चाहिए।
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आरजेपी इंटर कॉलेज बिजनौर के प्रधानाचार्य ओपी सिंह बताते है कि पास होने वाले छात्रों में से 30 प्रतिशत ने भी नामांकन फीस जमा नहीं की है। बोर्ड की 20 प्रतिशत फीस आई है। अभिभावक फोन करने पर कहते हैं, कोरोना है कैसे आएं। इस तरह तो काफी बच्चों की फीस जमा नहीं होगी। फिलहाल तारीख बढ़ाना ही विकल्प है।
आदर्श ग्रामीण इंटर कॉलेज चंदक के प्रधानाचार्य सुभाष चंद कहते हैं कि कॉलेज में गांव के बच्चे पढ़ते हैं। दाखिले नहीं हो रहे हैं। अभिभावक लॉकडाउन में काम ठप होने तथा पैसा नहीं होने की बात कहते हैं। बुलाने पर भी स्कूल नहीं आ रहे हैं। इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए ।
जीजीआईसी बिजनौर की प्रधानाचार्या निर्मला शर्मा कहती हैं कि दाखिले होने की संख्या पिछले साल के मुकाबले काफी कम है। फीस जमा करने को और समय दिया जाए।
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बिजनौर। जिले के यूपी बोर्ड के स्कूलों में कक्षा 11 में दाखिले नहीं हो रहे हैं। ग्रामीण स्कूलों के शिक्षकों द्वारा दाखिलों के लिए घर-घर संपर्क किया जा रहा है लेकिन अभिभावक दाखिला कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बोर्ड की फीस जमा करने तथा 11वीं कक्षाओं के रजिस्ट्रेशन के लिए मात्र सात दिन बचे हैं। ऐसे में हजारों विद्यार्थियों का साल खराब होने का खतरा है। प्रधानाचार्य आखिरी तारीख बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
इस साल जिले का हाईस्कूल का रिजल्ट बंपर रहा है। 387 स्कूलों के 42115 छात्र-छात्राएं पास हुए हैं। इसके बाद भी स्कूलों में कक्षा 11 में दाखिले नहीं हो रहे है। ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुले करीब एक माह बीत चुका है। कक्षा 11 के छात्रों का बोर्ड में रजिस्ट्रेशन होता है। इसके बिना छात्र बारहवीं की बोर्ड की परीक्षा नहीं दे सकता। रजिस्ट्रेशन की फीस जमा करने की आखिरी तारीख पांच अगस्त है। कोरोना के कारण अभिभावकों को इस बार दाखिला कराने आना है। जानकारी के अनुसार अभिभावक दाखिला कराने नहीं आ रहे हैं। दसवीं पास करने वाले छात्रों में औसतन 15-20 प्रतिशत दाखिले हुए हैं। गांव के स्कूलों में तो स्थिति अधिक खराब है। दसवीं व 12वीं के बोर्ड की परीक्षा फीस जमा होने की आखिरी तारीख भी पांच अगस्त है। इन छात्रों के अभिभावक भी बोर्ड फीस जमा करने नहीं आ रहे है। प्रधानाचार्य बताते है कि जब फोन कर फीस के लिए कहा जाता है तो अभिभावक कहते हैं कि स्कूल में बच्चे पढ़ नहीं रहे हैं तो फीस कैसी। अब फीस जमा करने के लिए आखिरी तारीख बढ़ाने की मांग होने लगी है। शिक्षक नेता हरि सिंह ढिल्लो ने डिप्टी सीएम को पत्र लिखा है। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष गयूर आसिफ, जिला उपमंत्री सुधांशु वत्स तारीख बढ़ाने को विकल्प बताते हैं।
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किसान इंटर कॉलेज मंडावली की प्रधानाचार्य सुनीति त्यागी का कहना है कि स्कूल के 311 छात्र-छात्राओं ने हाईस्कूल पास किया है। इनमें से 20-25 बच्चों ने कक्षा 11 में दाखिला लिया है। बोर्ड परीक्षा की फीस 215 बच्चों में से 15-20 की ही आई है। अभिभावकों को लगातार फोन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फीस जमा करने की आखिरी तारीख बढ़नी चाहिए।
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आरजेपी इंटर कॉलेज बिजनौर के प्रधानाचार्य ओपी सिंह बताते है कि पास होने वाले छात्रों में से 30 प्रतिशत ने भी नामांकन फीस जमा नहीं की है। बोर्ड की 20 प्रतिशत फीस आई है। अभिभावक फोन करने पर कहते हैं, कोरोना है कैसे आएं। इस तरह तो काफी बच्चों की फीस जमा नहीं होगी। फिलहाल तारीख बढ़ाना ही विकल्प है।
आदर्श ग्रामीण इंटर कॉलेज चंदक के प्रधानाचार्य सुभाष चंद कहते हैं कि कॉलेज में गांव के बच्चे पढ़ते हैं। दाखिले नहीं हो रहे हैं। अभिभावक लॉकडाउन में काम ठप होने तथा पैसा नहीं होने की बात कहते हैं। बुलाने पर भी स्कूल नहीं आ रहे हैं। इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए ।
जीजीआईसी बिजनौर की प्रधानाचार्या निर्मला शर्मा कहती हैं कि दाखिले होने की संख्या पिछले साल के मुकाबले काफी कम है। फीस जमा करने को और समय दिया जाए।

ओपी सिंह।- फोटो : BIJNOR

सुनिति त्यागी।- फोटो : BIJNOR

सुभाष चंद।- फोटो : BIJNOR