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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   UP: Bijnor farmer becomes former MP CM Kamal Nath in land records; plot to usurp land foiled.

यूपी: बिजनौर के किसान बने एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ, जमीन के कागजों में दर्ज हुआ नाम; हड़पने की साजिश नाकाम

Fri, 09 Oct 2026 07:01 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर Published by: Mohd Mustakim Updated Fri, 09 Oct 2026 07:01 PM IST
सार

Bijnor News: बिजनौर में कमलनाथ के पिता महेंद्रनाथ के नाम पर 90 बीघा जमीन थी, जिसे हड़पने की साजिश रच दी गई। पूर्व सीएम कमलनाथ का आवेदन तहसील में पांच महीने तक लटकाए रखा गया। मामला सामने आने के बाद अब कमलनाथ का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर लिया गया है। 

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UP: Bijnor farmer becomes former MP CM Kamal Nath in land records; plot to usurp land foiled.
कमलनाथ। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कमलनाथ अब बिजनौर के काश्तकार बन गए हैं। दरअसल करीब 30 बीघा जमीन की फर्द में विरासत के तौर पर कमलनाथ का नाम शामिल हो गया है। पांच महीने तक आवेदन को लटकाए रखने वाला तहसील प्रशासन जमीन हड़पने की साजिश में खुद को घिरता देख हरकत में आया और आनन-फानन राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कर लिया।
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नजीबाबाद के गांव अमीखानपुर उर्फ जट्टीवाला में पूर्व सीएम कमलनाथ के पिता महेंद्र नाथ की करीब 90 बीघा जमीन थी। गाटा संख्या 349, 375, 377 और 429 की खतौनी में महेंद्र नाथ निवासी कोलकाता का नाम दर्ज है। सात सितंबर 2004 को दिल्ली में महेंद्र नाथ की मौत हो गई थी। मौत के 22 साल बाद तक इस जमीन पर महेंद्रनाथ का नाम चलता रहा। 
 
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अब 18 मई को पूर्व सीएम कमलनाथ की ओर से चारों गाटा संख्या में स्थित जमीन को विरासत में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया गया। आवेदन में कमलनाथ, बहन नीता पुरी और रीता जोशी को वारिस बताया गया। जिस पर लेखपाल ने मृतक के बाहरी और वारिसों के दूर रहने का हवाला देते हुए आवेदन को आगे बढ़ा दिया गया था। साथ ही विवादित शब्द भी लिखा गया।
 
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इसके बाद यह आवेदन तहसीलदार की कोर्ट में पहुंचा। मगर मई माह से लेकर अब तक विरासत के तौर पर यह जमीन कमलनाथ और उनकी बहनों के नाम पर दर्ज नहीं हो सकी थी। इस प्रक्रिया के बीच ही पूर्व सीएम को जमीन के संबंध में मालूम हुआ कि तहसीलदार नजीबाबाद की कोर्ट में उक्त जमीन को लेकर एक वाद धर्मपाल बनाम ग्राम सभा चल रहा है। जिसमें फर्जी वसीयत दाखिल होने की बात कही गई।
 

इस वाद में उनके पिता महेंद्र नाथ का मृत्यु प्रमाण भी दाखिल किया गया, जोकि 10 अप्रैल 2003 को नजीबाबाद से ही जारी हुआ। जबकि उनके पिता की मौत सात सितंबर 2004 को दिल्ली में हुई थी। अब सात अक्तूबर को तहसील प्रशासन ने चार जगहों पर स्थित जमीन की फर्द में कमलनाथ का शामिल कर दिया। हालांकि उनकी शादीशुदा बहनों को वारिस नहीं माना गया है। जबकि आवेदन में बहनों के नाम भी शामिल किए गए थे।
 

पुलिस तक पहुंचा जमीन का मामला
इस मामले में पूर्व सीएम कमलनाथ की ओर से थाना नजीबाबाद में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जिसमें आरोप लगाया कि धर्मपाल सिंह, जसबिंदर सिंह ढिल्लो, विजय शंकर पांडेय निवासी नजीबाबाद और हल्का लेखपाल डेविड कुमार साजिश रचकर धोखाधड़ी करते हुए फर्जी तरीके से अपने नाम कराकर बेचना चाहते हैं। धर्मपाल सिंह और विजय शंकर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

ये बोले तहसीलदार
तहसीलदार न्यायालय में ग्राम पंचायत मोहम्मद अमीखानपुर उर्फ जट्टीवाला में महेंद्रनाथ की मृत्यु के बाद उनकी जमीन का पुत्र कमलनाथ को राजस्व रिकॉर्ड में वारिसान दर्ज कर लिया गया है।
-संतोष कुमार यादव, तहसीलदार नजीबाबाद

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