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विश्वविद्यालय की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं शुरू
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विश्वविद्यालय की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं शुरू
बिजनौर। जिले में रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्नातक व परास्नातक की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कोरोना संक्रमण के बीच मंगलवार को शुरू हो गई। परीक्षाएं पुराने परीक्षा केंद्रों पर ही हुईं। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।
परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर परीक्षार्थियों की वन टू वन थर्मल स्क्रीनिंग की गई। विश्वविद्यालय की यूजी, पीजी तथा प्रोफेसनल पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं मार्च में कोरोना संक्रमण के कारण अधूरी रह गई थीं। ये परीक्षाएं एक सितंबर मंगलवार से तीन शिफ्ट में शुरू हुई। जिला मुख्यालय के वर्धमान कॉलेज, आरबीडी कॉलेज समेत उन सभी परीक्षा केंद्रों पर हुई जो मार्च में परीक्षा केंद्र थे। कोई नया परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया। परीक्षा सुबह सात से नौ, ग्यारह से दो तथा शाम तीन से पांच की पालियों में हो रही है। वर्धमान कॉलेज के परीक्षा प्रभारी एस के सोन ने बताया कि मुख्य द्वार पर छात्र की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक कमरे में 20 से 25 परीक्षार्थी ही बैठाए गए। मानक के अनुसार एक कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगाई गई। विश्वविद्यालय के बुखार से पीड़ित छात्र को अलग करने के निर्देश हैं। सोमवार को बुखार से पीड़ित कोई भी विद्यार्थी परीक्षा देने नहीं आया। परीक्षा से पूर्व केंद्रों को सैनिटाइज कराया गया।
परीक्षा स्कीम डाउनलोड करने को लेकर छात्र असमंजस में रहे। जानकारी के अनुसार इस बार विश्वविद्यालय ने यूजी, पीजी तथा प्रोफेसनल की परीक्षा स्कीम अलग -अलग जारी की है। बताया गया कि मंगलवार को एक छात्रा वनस्पति विज्ञान की परीक्षा की तिथि जानने आई। जबकि वनस्पति विज्ञान का पेपर मंगलवार को ही था। मंगलवार को पेपर देखकर छात्र परेशान हो उठे। बताया गया कि पेपर पुराने पैटर्न पर था। विश्वविद्यालय ने कोरोना के कारण पेपर में सवाल हल करने की संख्या कम कर दी है। छात्र यह नहीं समझ सके कि उन्हें किस खंड से कितने सवाल करने हैं। पेपर में इसको लेकर कोई निर्देश नहीं होने से छात्र उलझे रहे।
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बिजनौर। जिले में रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्नातक व परास्नातक की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कोरोना संक्रमण के बीच मंगलवार को शुरू हो गई। परीक्षाएं पुराने परीक्षा केंद्रों पर ही हुईं। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।
परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर परीक्षार्थियों की वन टू वन थर्मल स्क्रीनिंग की गई। विश्वविद्यालय की यूजी, पीजी तथा प्रोफेसनल पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं मार्च में कोरोना संक्रमण के कारण अधूरी रह गई थीं। ये परीक्षाएं एक सितंबर मंगलवार से तीन शिफ्ट में शुरू हुई। जिला मुख्यालय के वर्धमान कॉलेज, आरबीडी कॉलेज समेत उन सभी परीक्षा केंद्रों पर हुई जो मार्च में परीक्षा केंद्र थे। कोई नया परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया। परीक्षा सुबह सात से नौ, ग्यारह से दो तथा शाम तीन से पांच की पालियों में हो रही है। वर्धमान कॉलेज के परीक्षा प्रभारी एस के सोन ने बताया कि मुख्य द्वार पर छात्र की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक कमरे में 20 से 25 परीक्षार्थी ही बैठाए गए। मानक के अनुसार एक कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगाई गई। विश्वविद्यालय के बुखार से पीड़ित छात्र को अलग करने के निर्देश हैं। सोमवार को बुखार से पीड़ित कोई भी विद्यार्थी परीक्षा देने नहीं आया। परीक्षा से पूर्व केंद्रों को सैनिटाइज कराया गया।
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परीक्षा स्कीम डाउनलोड करने को लेकर छात्र असमंजस में रहे। जानकारी के अनुसार इस बार विश्वविद्यालय ने यूजी, पीजी तथा प्रोफेसनल की परीक्षा स्कीम अलग -अलग जारी की है। बताया गया कि मंगलवार को एक छात्रा वनस्पति विज्ञान की परीक्षा की तिथि जानने आई। जबकि वनस्पति विज्ञान का पेपर मंगलवार को ही था। मंगलवार को पेपर देखकर छात्र परेशान हो उठे। बताया गया कि पेपर पुराने पैटर्न पर था। विश्वविद्यालय ने कोरोना के कारण पेपर में सवाल हल करने की संख्या कम कर दी है। छात्र यह नहीं समझ सके कि उन्हें किस खंड से कितने सवाल करने हैं। पेपर में इसको लेकर कोई निर्देश नहीं होने से छात्र उलझे रहे।
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