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बेखौफ माफिया, खादर में खूब धधक रहीं शराब की भट्ठियां
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मंडावर के गांव मीरापुर में ऐसे बेची जाती है कच्ची शराब (फाइल फ़ोटो)।
- फोटो : BIJNOR
बेखौफ माफिया, खादर में खूब धधक रहीं शराब की भट्ठियां
बिजनौर। जिले में भी चोरी छिपे अवैध शराब का खूब खेल चल रहा है। खादर क्षेत्र में तो अवैध शराब की खूब भट्ठी धधक रही हैं। कारोबारी इस धंधे को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। जिले में कई लोगों की शराब का सेवन करने से मौत हो चुकी है। पुलिस व आबकारी विभाग की मिलीभगत से यह कारोबार फल फूल रहा है। पिछले पांच सालों में जिले में 12 से ज्यादा लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हो चुकी है।
जिले में हरियाणा व अन्य राज्यों से चोरी छिपे शराब लाई जाती है। लेकिन माफिया खुद भी शराब बनाकर उसे असली बताकर लोगों को परोस रहे हैं। शराब पीने वालों को मालूम नहीं होता कि यह शराब जानलेवा भी साबित हो सकती है। खादर क्षेत्र में मंडावर थाने के गांव डैबलगढ़, चाहड़वाला, राजारामपुर, मीरापुर, कोहरपुर, रावली और ब्रह्मपुरी, शहर कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर, गंज दारानगर से लेकर हीमपुर के खादर तक। बढ़ापुर थाने के मधपुरी, चपंतपुर चकला, भोगपुर गांव में शराब भट्ठियां धधकती हैं। इन भट्ठियाें पर कच्ची शराब बनाकर बेची जाती हैं। कई बार शराब का सेवन करने से लोगों की जान भी जा चुकी है। कई बार पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से शराब की भट्ठियों को बंद कराने के लिए अभियान भी चलाया गया पर ये भट्ठी बंद नहीं र्हुइं। पुलिस व आबकारी विभाग के अभियान के दौरान शराब के कारोबारी शांत हो जाते हैं। महिलाएं भी इस कारोबार में लगी हैं। कई गांवों में तो घर-घर में कच्ची शराब बेची जाती है।
चुनाव के दौरान होते हैं सक्रिय
चुनाव के दौरान गैर राज्यों से शराब लाने वाले माफिया सक्रिय हो जाते हैं। ये शराब को चोरी छिपे लाकर अपने ठिकानों पर छिपा देते हैं। जिले में ऐसे 45 शराब माफिया सक्रिय हैं। पुलिस ने इन्हें रडार पर ले रखा है। कई माफिया सक्रिय हो गए हैं व गैर राज्यों से शराब लाने की ताक में लगे हैं।
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जहरीली शराब पीने से इनकी हुई मौत
चंदोक गांव में 2005 में शराब पीने से गांव के पप्पू, चमन, नीटू, जबर सिंह, केसरी समेत छह लोगों की मौत हो गई थी। 20 से ज्यादा लोग बड़ी मुश्किल से बच पाए थे। 2018 में स्योहारा थाने के गांव दिनदारपुर में ओमराज की शराब पीने से मौत हो गई थी। उसके तीन साथियों की हालत बिगड़ गई थी। 2010 में नहटौर थाने के गांव रूखड़ियो में चुनाव के दौरान शराब पीने से रामपाल व बिसना की मौत हुई थी। 2015 में नूरपुर क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की मौत हुई थी। 26 फरवरी 2019 को गांव साहनपुर नवादा में शराब पीने से किरनपाल ने जान गंवा दी थी।
जिले में चल रहा है अभियान : एसपी
एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह व जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र कुमार के मुताबिक शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। जो इस धंधे में लिप्त हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। खादर क्षेत्र में दबिश की जा रही है। शराब का अवैध धंधा जिले में नहीं चलने दिया जाएगा।
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बिजनौर। जिले में भी चोरी छिपे अवैध शराब का खूब खेल चल रहा है। खादर क्षेत्र में तो अवैध शराब की खूब भट्ठी धधक रही हैं। कारोबारी इस धंधे को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। जिले में कई लोगों की शराब का सेवन करने से मौत हो चुकी है। पुलिस व आबकारी विभाग की मिलीभगत से यह कारोबार फल फूल रहा है। पिछले पांच सालों में जिले में 12 से ज्यादा लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हो चुकी है।
जिले में हरियाणा व अन्य राज्यों से चोरी छिपे शराब लाई जाती है। लेकिन माफिया खुद भी शराब बनाकर उसे असली बताकर लोगों को परोस रहे हैं। शराब पीने वालों को मालूम नहीं होता कि यह शराब जानलेवा भी साबित हो सकती है। खादर क्षेत्र में मंडावर थाने के गांव डैबलगढ़, चाहड़वाला, राजारामपुर, मीरापुर, कोहरपुर, रावली और ब्रह्मपुरी, शहर कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर, गंज दारानगर से लेकर हीमपुर के खादर तक। बढ़ापुर थाने के मधपुरी, चपंतपुर चकला, भोगपुर गांव में शराब भट्ठियां धधकती हैं। इन भट्ठियाें पर कच्ची शराब बनाकर बेची जाती हैं। कई बार शराब का सेवन करने से लोगों की जान भी जा चुकी है। कई बार पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से शराब की भट्ठियों को बंद कराने के लिए अभियान भी चलाया गया पर ये भट्ठी बंद नहीं र्हुइं। पुलिस व आबकारी विभाग के अभियान के दौरान शराब के कारोबारी शांत हो जाते हैं। महिलाएं भी इस कारोबार में लगी हैं। कई गांवों में तो घर-घर में कच्ची शराब बेची जाती है।
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चुनाव के दौरान होते हैं सक्रिय
चुनाव के दौरान गैर राज्यों से शराब लाने वाले माफिया सक्रिय हो जाते हैं। ये शराब को चोरी छिपे लाकर अपने ठिकानों पर छिपा देते हैं। जिले में ऐसे 45 शराब माफिया सक्रिय हैं। पुलिस ने इन्हें रडार पर ले रखा है। कई माफिया सक्रिय हो गए हैं व गैर राज्यों से शराब लाने की ताक में लगे हैं।
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जहरीली शराब पीने से इनकी हुई मौत
चंदोक गांव में 2005 में शराब पीने से गांव के पप्पू, चमन, नीटू, जबर सिंह, केसरी समेत छह लोगों की मौत हो गई थी। 20 से ज्यादा लोग बड़ी मुश्किल से बच पाए थे। 2018 में स्योहारा थाने के गांव दिनदारपुर में ओमराज की शराब पीने से मौत हो गई थी। उसके तीन साथियों की हालत बिगड़ गई थी। 2010 में नहटौर थाने के गांव रूखड़ियो में चुनाव के दौरान शराब पीने से रामपाल व बिसना की मौत हुई थी। 2015 में नूरपुर क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की मौत हुई थी। 26 फरवरी 2019 को गांव साहनपुर नवादा में शराब पीने से किरनपाल ने जान गंवा दी थी।
जिले में चल रहा है अभियान : एसपी
एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह व जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र कुमार के मुताबिक शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। जो इस धंधे में लिप्त हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। खादर क्षेत्र में दबिश की जा रही है। शराब का अवैध धंधा जिले में नहीं चलने दिया जाएगा।

मंडावर के गांव मीरापुर में ऐसे बेची जाती है कच्ची शराब (फाइल फ़ोटो)- फोटो : BIJNOR

मंडावर के गांव मीरापुर में ऐसे बेची जाती है कच्ची शराब (फाइल फ़ोटो)- फोटो : BIJNOR