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कुएं में गिरे दो शावक
Updated Sat, 19 Mar 2016 12:24 AM IST
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रेहड़ के जंगल में सूखे कुएं में गिरे गुलदार के दो शावक
- फोटो : अमर उजाला
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अफजलगढ़/रेहड/बिजनौर में अमानगढ़ रेंज में वन क्षेत्र से सटे गांव गादला में बृहस्पतिवार रात गुलदार के दो शावक गहरे कुएं में गिर गए। आठ घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद भी वन अधिकारियों के सारे प्रयास विफल रहे। गुलदारों को बाहर निकालने के लिए कार्बेट नेशनल पार्क की एक्सपर्ट टीम को बुलाया गया है। दिनभर मौके पर हजारों ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस व वन कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है। अमानगढ़ रेंज की टाइगर रिजर्व एरिया से सटे गांव गादला निवासी घनश्याम सिंह के खेत में कुआं है।
बृहस्पतिवार की रात 25 फुट गहरे सूखे कुएं में दो गुलदार गिर गए। गांव निवासी अनूप सिंह सिंह शुक्रवार की खेतों पर जा रहे थे। उन्होंने गुलदार के दहाड़ने की आवाज सुनी। कुएं में झांक कर देखा, तो उन्हें दो गुलदार दिखाई दिए। इस की सूचना उन्होंने वन अधिकारियों को दी।
मौके पर रेंजर सुरेंद्र सिंह व थाना रेहड़ पुलिस पहुंच गई।
टीम ने सुबह करीब दस बजे से शावकों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। वन कर्मियों ने कुएं में सीढ़ी भी लगाई ताकि गुलदार सीढ़ी पर चढ़कर स्वत: बाहर निकल जाए। वन दरोगा जयपाल सिंह ने कुएं में जाल डालकर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। सूचना पर डीएफओ स लील कुमार शुक्ला भी मौक पर पहुंच गए। लेकिन शाम पांच बजे तक वन अधिकारियों द्वारा किए गए सभी प्रयास विफल साबित हुए। वन विभाग की टीम व पुलिस मौके पर जुटी है।
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सुबह पहुंचेगी कार्बेट पार्क की एक्सपर्ट टीम
कुएं गिरे गुलदारों को बाहर निकालने के लिए वन अधिकारियों के सारे प्रयास नाकाफी साबित हुए। वन अधिकारियों ने अब हाथ खड़े कर दिए है। डीएफओ ने गुलदारों को बाहर निकालने के लिए कार्बेट नेशनल पार्क के अधिकारियों से संपर्क कर एक्सपर्ट टीम भेजने की मांग की है। डीएफओ की मांग पर कार्बेट की एक्सपर्ट टीम शनिवार की सुबह रेहड़ पहुंच जाएगी।
शावक नर और मादा गुलदार
डीएफओ सलील कुमार ने बताया कि कुएं में गिरे गुलदारों की आयु करीब तीन-चार वर्ष है। इनमें एक गुलदार नर व दूसरा मादा है।
अंत में किया जाएगा ट्रैकुलाइज
डीएफओ सलील कुमार शुक्ला ने बताया कि एक्सपर्ट टीम अपने तरीकों से उन्हें बाहर निकालने का प्रयास करेगी। यदि एक्सपर्ट टीम के सभी प्रयास विफल हो जाते है और गुलदार बाहर नहीं निकलते, तो उन्हें ट्रैकुलाइज कर बाहर निकाला जाएगा। विभाग के पास अपनी ट्रैकुलाइज गन है। गन को चलने के लिए एक्सपर्ट टीम के साथ आएंगे। डीएफओ सलील कुमार शुक्ला का कहना है कि भीड़ बेकाबू हो गई थी। गुलदारों को बाहर निकालने भी भीड़ सबसे बड़ी बाधक बनी थी। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस का सहारा लिया गया है। रात के समय पुलिस व वन कर्मियों की ड्यूटी रहेगी। कुएं को ऊपर से जाल से ढकवा दिया गया है।
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बृहस्पतिवार की रात 25 फुट गहरे सूखे कुएं में दो गुलदार गिर गए। गांव निवासी अनूप सिंह सिंह शुक्रवार की खेतों पर जा रहे थे। उन्होंने गुलदार के दहाड़ने की आवाज सुनी। कुएं में झांक कर देखा, तो उन्हें दो गुलदार दिखाई दिए। इस की सूचना उन्होंने वन अधिकारियों को दी।
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मौके पर रेंजर सुरेंद्र सिंह व थाना रेहड़ पुलिस पहुंच गई।
टीम ने सुबह करीब दस बजे से शावकों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। वन कर्मियों ने कुएं में सीढ़ी भी लगाई ताकि गुलदार सीढ़ी पर चढ़कर स्वत: बाहर निकल जाए। वन दरोगा जयपाल सिंह ने कुएं में जाल डालकर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। सूचना पर डीएफओ स लील कुमार शुक्ला भी मौक पर पहुंच गए। लेकिन शाम पांच बजे तक वन अधिकारियों द्वारा किए गए सभी प्रयास विफल साबित हुए। वन विभाग की टीम व पुलिस मौके पर जुटी है।
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सुबह पहुंचेगी कार्बेट पार्क की एक्सपर्ट टीम
कुएं गिरे गुलदारों को बाहर निकालने के लिए वन अधिकारियों के सारे प्रयास नाकाफी साबित हुए। वन अधिकारियों ने अब हाथ खड़े कर दिए है। डीएफओ ने गुलदारों को बाहर निकालने के लिए कार्बेट नेशनल पार्क के अधिकारियों से संपर्क कर एक्सपर्ट टीम भेजने की मांग की है। डीएफओ की मांग पर कार्बेट की एक्सपर्ट टीम शनिवार की सुबह रेहड़ पहुंच जाएगी।
शावक नर और मादा गुलदार
डीएफओ सलील कुमार ने बताया कि कुएं में गिरे गुलदारों की आयु करीब तीन-चार वर्ष है। इनमें एक गुलदार नर व दूसरा मादा है।
अंत में किया जाएगा ट्रैकुलाइज
डीएफओ सलील कुमार शुक्ला ने बताया कि एक्सपर्ट टीम अपने तरीकों से उन्हें बाहर निकालने का प्रयास करेगी। यदि एक्सपर्ट टीम के सभी प्रयास विफल हो जाते है और गुलदार बाहर नहीं निकलते, तो उन्हें ट्रैकुलाइज कर बाहर निकाला जाएगा। विभाग के पास अपनी ट्रैकुलाइज गन है। गन को चलने के लिए एक्सपर्ट टीम के साथ आएंगे। डीएफओ सलील कुमार शुक्ला का कहना है कि भीड़ बेकाबू हो गई थी। गुलदारों को बाहर निकालने भी भीड़ सबसे बड़ी बाधक बनी थी। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस का सहारा लिया गया है। रात के समय पुलिस व वन कर्मियों की ड्यूटी रहेगी। कुएं को ऊपर से जाल से ढकवा दिया गया है।