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Bijnor News: प्रबल की हत्या के सात दोषियों को हाईकोर्ट से मिली जमानत

Wed, 07 Oct 2026 01:53 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:53 AM IST
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Seven convicts in Prabal's murder case get bail from High Court
बिजनौर। जिले के सबसे चर्चित प्रबल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सात दोषियों की जमानत हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है। फिलहाल सभी सात दोषी बरेली की सेंट्रल जेल में बंद हैं।
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19 दिसंबर 2012 को शहनाई बैंक्वेट हॉल में आयोजित अग्रसेन जयंती कार्यक्रम में प्रबल अग्रवाल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। हत्या करने के बाद शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया था। 15 जनवरी 2013 को हस्तिनापुर क्षेत्र में प्रबल का शव बरामद हुआ। पुलिस ने जांच के बाद 26 जुलाई 2013 को संजय गुप्ता एडवोकेट, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, निखिल अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, राहुल गुप्ता और आशीष उर्फ आशु के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले में गवाह पक्षद्रोही हो गए थे।
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इस हत्याकांड के छह महीने बाद प्रबल के पिता आलोक अग्रवाल का भी सदमे में निधन हो गया था। इसके बाद प्रबल की बहन प्राची ने पूरे मामले की पैरवी जारी रखी। प्रबल की बहन प्राची के बयान को आधार बनाकर फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. शहजाद अली ने 31 जुलाई को सभी सातों आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद कुछ दिनों तक सभी दोषी बिजनौर जेल में ही रहे, इसके बाद इन्हें बरेली जेल भेज दिया गया था।
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इनकी ओर से हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई। कोर्ट नंबर 43 में सीरियल नंबर 51 पर जमानत याचिका लगी थी। मंगलवार को सबसे पहले संजय गुप्ता एडवोकेट की जमानत याचिका पर बहस हुई। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और विनय कुमार तिवारी की डबल बेंच ने दलील सुनने के बाद संजय गुप्ता एडवोकेट, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, अनुज गुप्ता, राहुल गुप्ता, निखिल अग्रवाल, आशीष अग्रवाल की जमानत याचिका मंजूर कर ली।

- रसूखदार हैं हत्या के दोषी
प्रबल हत्याकांड में जिन सात लोगों को सजा हुई थी, वे शहर के रसूखदार लोग हैं। जेल में बंद संजय गुप्ता रामलीला कमेटी के संरक्षक हैं। महिला आयोग की सदस्य संगीता अग्रवाल के पति विनय अग्रवाल और बेटा अपूर्व अग्रवाल इसी मामले में जेल में बंद हैं। राहुल गुप्ता लोहा कारोबारी हैं, अनुज गुप्ता गुप्ता चक्की वालों का बेटा है और निजी कंपनी में नौकरी करता था। निखिल अग्रवाल नमकीन फैक्टरी के संचालक और आशीष अग्रवाल कपड़ा व्यापारी हैं।


- लगातार करती रहूंगी पैरवी : प्राची
प्रबल की बहन प्राची ने बताया कि 14 साल की लंबी जद्दोजहद के बाद आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा मिली थी। अब दोषियों की जमानत याचिका सुनवाई के दौरान मेरे अधिवक्ता राकेश चंद्र तिवारी ने 15 मिनट तक बहस की। भले ही जमानत मिल गई है मगर सजा को बरकरार बनाए रखने के लिए लड़ती रहूंगी। सिर्फ जमानत हुई है। सजा की अपील विचाराधीन है।
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