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Bijnor News: मूर्ति विसर्जित करते हुए रामगंगा में दो भाई डूबे
Wed, 03 Sep 2025 12:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 03 Sep 2025 12:02 AM IST
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अफजलगढ़ क्षेत्र के भूतपुरी रामगंगा नदी में दो सगे भाईयों के डूबने के बाद गमजदा परिजन। संवाद
अफजलगढ़। भूतपुरी रामगंगा नदी घाट पर गणपति जी की मूर्ति का विसर्जन करने आए उत्तराखंड के जसपुर के मोहल्ला नत्था सिंह निवासी दो भाई धर्मेंद्र (36) तथा विजेंद्र सिंह (34) पुत्र करन सिंह नदी में डूब गए। गोताखोर दोनों की तलाश में जुटे हुए हैं।
मंगलवार शाम लगभग साढ़े चार बजे दोनों भाई करीब 50 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ मूर्ति विसर्जित करने के लिए भूतपुरी स्थित रामंगगा घाट पर आए थे। रामगंगा पुल से करीब 800 मीटर दूर दोनों पांच अन्य युवकों के साथ विसर्जित करने के लिए गणपति जी की मूर्ति लेकर नदी में उतर गए।
दोनों मूर्ति के साथ बहते हुए नदी में काफी दूर चले गए जबकि अन्य युवक किसी तरह निकल आए। देखते ही देखते दोनों भाई लोगों की आंखों से ओझल हो गए। साथ में आया कोई व्यक्ति उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। सूचना पर सीओ आलोक सिंह तथा थानाध्यक्ष सुमित राठी, ग्राम प्रधान मोहम्मद उमर स्थानीय गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने दोनों को तलाश किया लेकिन उनका कहीं पता नहीं लग सका। एसडीएम स्मृति मिश्रा ने बताया कि अंधेरा होने के कारण फिलहाल तलाश रोक दी गई थी। एनडीआरएफ को बुलाया गया है।
छोटे को बचाने के प्रयास में बह गया बड़ा भाई : मूर्ति विसर्जित करते समय नदी के तेज बहाव में छोटा भाई विजेंद्र बहने लगा तो स्थिति को भांपकर बड़े भाई धर्मेंद्र ने उसे बचाने का प्रयास किया। नदी में दोनों भाइयों के अलावा पांच अन्य युवक नदी में उतरे थे। नदी का बहाव तेज होने के कारण मूर्ति बहने लगी तो विजेंद्र भी उसके साथ बहने लगा।
धर्मेंद्र ने उसका हाथ पकड़कर बचाने का प्रयास किया लेकिन वह भी उसके साथ बह गया। अन्य युवक किसी तरह बहाव से बाहर निकल आए। मूर्ति विसर्जित करने आए जत्थे में शामिल लोगों में से कोई भी तैरना नहीं जानता था। इसलिए कोई भी दोनों भाइयों को बचाने के लिए नदी में उतरने की हिम्मत नहीं कर सका।
सिस्टम की लापरवाही और बह गए दो भाई
बिजनौर। रामगंगा में विसर्जन करने के लिए आए अन्य तटबंध पर पर खड़े थे और दोनों भाई उनकी आंखों के सामने ही बह गए। हादसा सिस्टम की लापरवाही कही जाएगी, क्योकि रामगंगा नदी में 29 तारीख की शाम 4:00 से 5 हजार क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़ने से पहले कालागढ़ बांध के अधिकारियों ने बिजनौर समेत 7 जिलों को अलर्ट का पत्र जारी किया था जिसमें बाढ़ आने की आशंका जाहिर की गई थी। जिस जगह यह हादसा हुआ है बाढ़ चौकी उसे 3 किलोमीटर दूर है लेकिन बाढ़ चौकी पर तैनात कर्मचारियों ने भी फ्री है अंदाजा नहीं लगाया कि गणेश महोत्सव के चलते मूर्ति विसर्जन को लेकर खतरा पैदा हो सकता है।
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मंगलवार शाम लगभग साढ़े चार बजे दोनों भाई करीब 50 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ मूर्ति विसर्जित करने के लिए भूतपुरी स्थित रामंगगा घाट पर आए थे। रामगंगा पुल से करीब 800 मीटर दूर दोनों पांच अन्य युवकों के साथ विसर्जित करने के लिए गणपति जी की मूर्ति लेकर नदी में उतर गए।
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दोनों मूर्ति के साथ बहते हुए नदी में काफी दूर चले गए जबकि अन्य युवक किसी तरह निकल आए। देखते ही देखते दोनों भाई लोगों की आंखों से ओझल हो गए। साथ में आया कोई व्यक्ति उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। सूचना पर सीओ आलोक सिंह तथा थानाध्यक्ष सुमित राठी, ग्राम प्रधान मोहम्मद उमर स्थानीय गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने दोनों को तलाश किया लेकिन उनका कहीं पता नहीं लग सका। एसडीएम स्मृति मिश्रा ने बताया कि अंधेरा होने के कारण फिलहाल तलाश रोक दी गई थी। एनडीआरएफ को बुलाया गया है।
छोटे को बचाने के प्रयास में बह गया बड़ा भाई : मूर्ति विसर्जित करते समय नदी के तेज बहाव में छोटा भाई विजेंद्र बहने लगा तो स्थिति को भांपकर बड़े भाई धर्मेंद्र ने उसे बचाने का प्रयास किया। नदी में दोनों भाइयों के अलावा पांच अन्य युवक नदी में उतरे थे। नदी का बहाव तेज होने के कारण मूर्ति बहने लगी तो विजेंद्र भी उसके साथ बहने लगा।
धर्मेंद्र ने उसका हाथ पकड़कर बचाने का प्रयास किया लेकिन वह भी उसके साथ बह गया। अन्य युवक किसी तरह बहाव से बाहर निकल आए। मूर्ति विसर्जित करने आए जत्थे में शामिल लोगों में से कोई भी तैरना नहीं जानता था। इसलिए कोई भी दोनों भाइयों को बचाने के लिए नदी में उतरने की हिम्मत नहीं कर सका।
सिस्टम की लापरवाही और बह गए दो भाई
बिजनौर। रामगंगा में विसर्जन करने के लिए आए अन्य तटबंध पर पर खड़े थे और दोनों भाई उनकी आंखों के सामने ही बह गए। हादसा सिस्टम की लापरवाही कही जाएगी, क्योकि रामगंगा नदी में 29 तारीख की शाम 4:00 से 5 हजार क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़ने से पहले कालागढ़ बांध के अधिकारियों ने बिजनौर समेत 7 जिलों को अलर्ट का पत्र जारी किया था जिसमें बाढ़ आने की आशंका जाहिर की गई थी। जिस जगह यह हादसा हुआ है बाढ़ चौकी उसे 3 किलोमीटर दूर है लेकिन बाढ़ चौकी पर तैनात कर्मचारियों ने भी फ्री है अंदाजा नहीं लगाया कि गणेश महोत्सव के चलते मूर्ति विसर्जन को लेकर खतरा पैदा हो सकता है।

अफजलगढ़ क्षेत्र के भूतपुरी रामगंगा नदी में दो सगे भाईयों के डूबने के बाद गमजदा परिजन। संवाद

अफजलगढ़ क्षेत्र के भूतपुरी रामगंगा नदी में दो सगे भाईयों के डूबने के बाद गमजदा परिजन। संवाद

अफजलगढ़ क्षेत्र के भूतपुरी रामगंगा नदी में दो सगे भाईयों के डूबने के बाद गमजदा परिजन। संवाद