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नेवले के बालों से बने ब्रश के साथ दो गिरफ्तार
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शेरकोट(बिजनौर)। नेवले के शिकार और उसके बाल के मामले में शेरकोट एक बार फिर चर्चाओं में आ गया। रविवार को वन विभाग के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ कई स्थानों पर छापामारी कर नेवले के बालों से ब्रश बनाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में मोहम्मद यूनुस व दिलशाद निवासी मोहल्ला खुराड़ा शामिल है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले काफी समय से सूचना मिल रही थी कि मुहल्ला खुराड़ा में कुछ लोग नेवले के बालों से ब्रश बनाने का काम कर रहे है। रविवार को जब विभाग के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ छापामारी की तो इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और दो मौका पाकर वहां से भागने सफल हो गए। इस मौके पर टीम ने प्रतिबंधित नेवले के बालों के अधबने ब्रशों के बोरेेेे के साथ यूनुस व दिलशाद को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है। एसओ मनोज परमार का कहना है कि पुलिस की ओर से विभाग के अधिकारियों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
महंगे ब्रेश बनाने को चढ़ा रहे नेवलों की बलि
बिजनौर। शेरकोट में नेवलों के बालों से ब्रश बनाने का यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी कई बार यहां पर छापा लग चुका है और भारी मात्रा में नेवलों के बाल पकड़े जा चुके हैं। वर्ष 2019 की बात करें तो यहां पर 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान 24 हजार से ज्यादा ब्रश पकड़े गए थे, जो नेवलों के बालों से बने थे। वर्ष 2019 की 25 अक्तूबर को वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर शेरकोट में बड़ी कार्रवाई की थी। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और वन विभाग के अधिकारियों की मदद से पुलिस ने 24060 ब्रश और 133 किलो नेवले के बाल बरामद किए थे।
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-वर्ष 2021 में 11 नवंबर को भी शेरकोट के मोहल्ला शेखान में एक कारोबारी के यहां छापा मारा गया तो नेवले के करीब आठ किलो बाल और 1500 से अधिक तैयार व अधबने ब्रश बरामद किए गए थे।
-वर्ष 2018 में तीस सिंतबर को भी शेरकोट के मोहल्ला नोंधना में एक कारखाने पर छापा मारा गया। कुल तीन जगहों पर छापा लगा। इस छापे में तीन टाटा मैजिक में बाल और सैकड़ों क्रश बरामद हुए थे। यह कार्रवाई दिल्ली और प्रदेश की टीम ने संयुक्त रूप से की थी।
ब्रश उद्योग में शेरकोट का बड़ा नाम
बिजनौर। शेरकोट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रश की नगरी कहा जाता है। शेरकोट में बनने वाले ब्रश का निर्यात विदेशों तक होता है। इस कारोबार का मुख्य कार्यालय हैदराबाद में है। हालांकि प्रतिबंधित प्रजाति नेवले के बालों से बने ब्रशों पर रोक लगाने के लिए पुलिस और वन विभाग की टीम आए दिन छापा मारती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में है कीमत
नेवले के बालों वाले ब्रश अंतरराष्ट्रीय बाजार में केरबिन नाम से बेचा जाता है। शेरकोट में पकड़े गए वन्य जीव तस्करों के पास से पहले लगे छापों के दौरान कई विदेशी नंबर भी मिले थे। बाजार में नेवले के बालों से बना ब्रश तीन रुपये से लेकर 100 रुपये तक में बिकता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी मोटी कीमत मिलती है।
प्रतिबंधित है नेवले का शिकार, शेड्यूल टू में आता है: डीएफओ
डीएफओ डॉ.अनिल पटेल ने बताया कि नेवला शेड्यूल टू का वन्य जीव है। इसका शिकार प्रतिबंधित है। इसे मारने वालों को सात साल तक की सजा हो सकती है। शेरकोट में छापा मारकर नेवले के बाल पकड़े गए हैं और केस दर्ज करा दिया गया है।
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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले काफी समय से सूचना मिल रही थी कि मुहल्ला खुराड़ा में कुछ लोग नेवले के बालों से ब्रश बनाने का काम कर रहे है। रविवार को जब विभाग के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ छापामारी की तो इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और दो मौका पाकर वहां से भागने सफल हो गए। इस मौके पर टीम ने प्रतिबंधित नेवले के बालों के अधबने ब्रशों के बोरेेेे के साथ यूनुस व दिलशाद को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है। एसओ मनोज परमार का कहना है कि पुलिस की ओर से विभाग के अधिकारियों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
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महंगे ब्रेश बनाने को चढ़ा रहे नेवलों की बलि
बिजनौर। शेरकोट में नेवलों के बालों से ब्रश बनाने का यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी कई बार यहां पर छापा लग चुका है और भारी मात्रा में नेवलों के बाल पकड़े जा चुके हैं। वर्ष 2019 की बात करें तो यहां पर 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान 24 हजार से ज्यादा ब्रश पकड़े गए थे, जो नेवलों के बालों से बने थे। वर्ष 2019 की 25 अक्तूबर को वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर शेरकोट में बड़ी कार्रवाई की थी। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और वन विभाग के अधिकारियों की मदद से पुलिस ने 24060 ब्रश और 133 किलो नेवले के बाल बरामद किए थे।
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-वर्ष 2021 में 11 नवंबर को भी शेरकोट के मोहल्ला शेखान में एक कारोबारी के यहां छापा मारा गया तो नेवले के करीब आठ किलो बाल और 1500 से अधिक तैयार व अधबने ब्रश बरामद किए गए थे।
-वर्ष 2018 में तीस सिंतबर को भी शेरकोट के मोहल्ला नोंधना में एक कारखाने पर छापा मारा गया। कुल तीन जगहों पर छापा लगा। इस छापे में तीन टाटा मैजिक में बाल और सैकड़ों क्रश बरामद हुए थे। यह कार्रवाई दिल्ली और प्रदेश की टीम ने संयुक्त रूप से की थी।
ब्रश उद्योग में शेरकोट का बड़ा नाम
बिजनौर। शेरकोट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रश की नगरी कहा जाता है। शेरकोट में बनने वाले ब्रश का निर्यात विदेशों तक होता है। इस कारोबार का मुख्य कार्यालय हैदराबाद में है। हालांकि प्रतिबंधित प्रजाति नेवले के बालों से बने ब्रशों पर रोक लगाने के लिए पुलिस और वन विभाग की टीम आए दिन छापा मारती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में है कीमत
नेवले के बालों वाले ब्रश अंतरराष्ट्रीय बाजार में केरबिन नाम से बेचा जाता है। शेरकोट में पकड़े गए वन्य जीव तस्करों के पास से पहले लगे छापों के दौरान कई विदेशी नंबर भी मिले थे। बाजार में नेवले के बालों से बना ब्रश तीन रुपये से लेकर 100 रुपये तक में बिकता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी मोटी कीमत मिलती है।
प्रतिबंधित है नेवले का शिकार, शेड्यूल टू में आता है: डीएफओ
डीएफओ डॉ.अनिल पटेल ने बताया कि नेवला शेड्यूल टू का वन्य जीव है। इसका शिकार प्रतिबंधित है। इसे मारने वालों को सात साल तक की सजा हो सकती है। शेरकोट में छापा मारकर नेवले के बाल पकड़े गए हैं और केस दर्ज करा दिया गया है।