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Bijnor News: गैंगस्टर में दो अभियुक्तों को पांच-पांच साल का कारावास
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बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर अधिनियम अलका चौधरी ने उत्तर प्रदेश गिरोह बंद क्रियाकलाप अधिनियम में बदन सिंह और साबिर को दोषी पाया है। जिन्हें पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सलीम अख्तर ने बताया कि थाना चांदपुर में प्रभारी निरीक्षक रहे सुरेश सिंह चौहान ने प्राथमिक की दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि तालिब निवासी गांव सिकरिया थाना नौगांव सादात ने अपने साथी बदन सिंह निवासी पटाई खालसा थाना डिडौली मुरादाबाद, साबिर अंसारी निवासी गांव मोहनपुर थाना नौगांवा सादात, इकबाल पुत्र बंदू निवासी गांव छोटा मोहनपुर थाना नौगांवा सादात, यामीन पुत्र छज्जन निवासी गांव खेड़ा अपरोला थाना नौगांवा सादात के साथ मिलकर संगठित गिरोह बना रखा है। यह गैंग आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए समाज विरोधी क्रियाकलाप करता है। इस गैंग में शामिल तालिब, बदन सिंह, साबिर, यामीन और इकबाल के खिलाफ 2009 में थाना चांदपुर में हत्या का केस भी दर्ज हुआ था।
गैंगस्टर एक्ट के इस मामले की विवेचना करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। अब अदालत ने बदन सिंह और साबिर को दोषी पाया है जबकि यामीन और इकबाल को दोष मुक्त कर दिया। दोषी अभियुक्त बदन सिंह और साबिर को पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सलीम अख्तर ने बताया कि थाना चांदपुर में प्रभारी निरीक्षक रहे सुरेश सिंह चौहान ने प्राथमिक की दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि तालिब निवासी गांव सिकरिया थाना नौगांव सादात ने अपने साथी बदन सिंह निवासी पटाई खालसा थाना डिडौली मुरादाबाद, साबिर अंसारी निवासी गांव मोहनपुर थाना नौगांवा सादात, इकबाल पुत्र बंदू निवासी गांव छोटा मोहनपुर थाना नौगांवा सादात, यामीन पुत्र छज्जन निवासी गांव खेड़ा अपरोला थाना नौगांवा सादात के साथ मिलकर संगठित गिरोह बना रखा है। यह गैंग आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए समाज विरोधी क्रियाकलाप करता है। इस गैंग में शामिल तालिब, बदन सिंह, साबिर, यामीन और इकबाल के खिलाफ 2009 में थाना चांदपुर में हत्या का केस भी दर्ज हुआ था।
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गैंगस्टर एक्ट के इस मामले की विवेचना करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। अब अदालत ने बदन सिंह और साबिर को दोषी पाया है जबकि यामीन और इकबाल को दोष मुक्त कर दिया। दोषी अभियुक्त बदन सिंह और साबिर को पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया।
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