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कोरोना से व्यापार रहा प्रभावित, बजट में सरकार की छूट की आस लगाए हैं व्यापारी

Sun, 31 Jan 2021 12:20 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2021 12:20 AM IST
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Traders want exemption on income up to one million
दस लाख तक की आय पर छूट चाहते हैं व्यापारी
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बिजनौर। कोरोना में व्यापार पर ताला लगाकर घर बैठने को मजबूर रहे व्यापारी अब सरकार से बजट में छूट की आस कर रहे हैं। वे आयकर सीमा में बिना नियम शर्तों के दस लाख रुपये तक की छूट चाहते हैं। सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ऋण व सब्सिडी योजना तो चलाई लेकिन सीधे तौर पर व्यापारियों को अधिक फायदा नहीं पहुंचा है।
सरकार द्वारा हर साल व्यापारियों के लिए टैक्स स्लैब में कोई न कोई बदलाव जरूर किया जाता है। पिछले साल एक फरवरी को बजट पेश किया गया और मार्च के अंतिम सप्ताह में कोरोना की वजह से पूरा देश लॉक डाउन हो गया। कोरोना की वजह से दुकानों पर ताले लटक गए। व्यापारियों को तीन महीने तक हाथ पर हाथ रखकर घर बैठने को मजबूर होना पड़ा। बाजार खुलने के काफी समय बाद तक व्यापार प्रभावित रहा। बाजार बंद होने के दौरान व्यापारियों को बिजली का बिल भी देना पड़ा और दुकानों का किराया भी। व्यापारियों ने अपने यहां काम करने वाले लोगों को तनख्वाह भी दी। व्यापारियों को दीपावली पर ही थोड़ी राहत मिली और बाजार में खरीदारी में तेजी आई। अब व्यापारियों की नजर एक फरवरी को प्रस्तुत होने वाले बजट पर है।
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जिले को इस साल मिला जीएसटी
महीना 2019-20 2020-21
अप्रैल 15.03 1.07
मई 18.02 5.58
जून 15.09 16.63
जुलाई 19.50 20.07
अगस्त 15.79 25.91
सितंबर 11.52 16.89
अक्तूबर 10.66 14.54
नवंबर 16.21 17.34
दिसंबर 14.31 15.69
- समय से टैक्स जमा करने वालों को नहीं राहत
कोरोना से पहले सरकार ने जीएसटी जमा न करने पर बकाएदार व्यापारियों के लिए समाधान योजना शुरू की थी। योजना में पुराने बकाएदारों को टैक्स जमा करने पर ब्याज में छूट देने की बात की गई थी। योजना 31 मार्च तक थी लेकिन कोरोना को देखते हुए इसे 31 अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया था। योजना का लाभ जिले के करीब 1200 व्यापारियों को मिला, जबकि वाणिज्य कर विभाग में करीब 16 हजार व्यापारी पंजीकृत हैं। केवल बकाएदारों को ही फायदा मिला। समय से टैक्स देने वालों को कोई राहत नहीं मिली।
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दस लाख रुपये हो छूट
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष मनोज कुच्छल के अनुसार व्यापारियों व आमवर्ग की आयकर छूट दस लाख रुपये होनी चाहिए। इस पर कोई नियम व शर्त लागू नहीं होनी चाहिए।

- पेट्रोल, व्हिस्की हो जीएसटी में शामिल
डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन जिलाध्यक्ष ब्रजराज सिंह राजपूत के अनुसार सरकार को डीजल, पेट्रोल, क्रूड ऑयल व व्हिस्की को जीएसटी में शामिल करना चाहिए। इससे सरकार की आय बढ़ेगी।
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