{"_id":"5806721a4f1c1b434b70302f","slug":"traders-understand-the-pulse-of-the-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजनौर में दीपावली पर चाइना के माल से परहेज कर रहे हैं दुकानदार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजनौर में दीपावली पर चाइना के माल से परहेज कर रहे हैं दुकानदार
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Wed, 19 Oct 2016 03:59 PM IST
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बिजनौर जिले के ब्यापारियों ने आतंकियों को पनाह देने व उनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ करने के बाद भी पाकिस्तान का साथ देने वाले चाइना के माल का बायकाट खुद विरोध करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर चाइना के माल का विरोध अब असली रूप ले रहा है। दीपावली पर सजावट के लिए खुद दुकानदार ही चाइना के माल से परहेज कर रहे हैं।
जिले में दीपावली पर झालरों व सजावट के अन्य सामानों का बड़ा बाजार है। इनकी जिले में करोड़ों रुपये की बिक्री होती है। बाजार में बिकने वाली सभी झालरें चाइना मेड होती हैं। इसके अलावा सजावट का सामान भी चाइना मेड होता है।
बार बार पाकिस्तान का पक्ष लेने वाले चाइना के खिलाफ जनता में आक्रोश है। इसका अहसास दुकानदारों को भी है। इस बार थोक के व्यापारियों ने चाइना का माल और सालों के मुकाबले बहुत कम मंगाया है, जो माल मंगाया है, उसे रिटेलर दुकानदार खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। दुकानदारों को लगता है कि इस बार चाइना मेड सामान की बिक्री बहुत कम होगी। जनता चाइना मेड सामान का बहिष्कार कर सकती है। इसको देखते हुए वे अपने रुपये चाइना मेड सामान में नहीं लगाना चाहते हैं।
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सिंघल इलेक्ट्रिक एजेंसीज के प्रोपराइटर सुनील सिंघल के अनुसार उड़ी में सेना पर हुए हमले से पहले ही उन्होंने कुछ सामान थोक के मूल्य में मंगवाया था, वह भी बिक नहीं रहा है। बाकी ऑर्डर भी कैंसिल कर दिए हैं। सुनील सिंघल के मुताबिक अब वे चाइना मेड सामान नहीं मंगवाएंगे। अगर जनता चाइना मेड सामान का बहिष्कार करेगी तो व्यापारी भी चाइना मेड सामान लाना बंद कर देंगे।
कंडील भी हैं चाइना मेड
बाजार में बिकने वाली सभी झालरें यहां तक कि कई तरह की कंडील और देवी-देवताओं की मूर्ति भी चाइना मेड हैं। इन झालरों की कीमत 20 रुपये से 230 रुपये तक होती है। भारत की बनीघ् झालर बाजार में कहीं नहीं हैं।
चाइनीज माल को बता रहे जापानी ः चाइना मेड सामान की बिक्री बंद होती देखकर कुछ दुकानदार अपना पुराना माल निकालने की फिराक में हैं। वे चाइनीज झालरों को जापान मेड बताकर बेचने की जुगत भिड़ा रहे हैं।
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जिले में दीपावली पर झालरों व सजावट के अन्य सामानों का बड़ा बाजार है। इनकी जिले में करोड़ों रुपये की बिक्री होती है। बाजार में बिकने वाली सभी झालरें चाइना मेड होती हैं। इसके अलावा सजावट का सामान भी चाइना मेड होता है।
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बार बार पाकिस्तान का पक्ष लेने वाले चाइना के खिलाफ जनता में आक्रोश है। इसका अहसास दुकानदारों को भी है। इस बार थोक के व्यापारियों ने चाइना का माल और सालों के मुकाबले बहुत कम मंगाया है, जो माल मंगाया है, उसे रिटेलर दुकानदार खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। दुकानदारों को लगता है कि इस बार चाइना मेड सामान की बिक्री बहुत कम होगी। जनता चाइना मेड सामान का बहिष्कार कर सकती है। इसको देखते हुए वे अपने रुपये चाइना मेड सामान में नहीं लगाना चाहते हैं।
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सिंघल इलेक्ट्रिक एजेंसीज के प्रोपराइटर सुनील सिंघल के अनुसार उड़ी में सेना पर हुए हमले से पहले ही उन्होंने कुछ सामान थोक के मूल्य में मंगवाया था, वह भी बिक नहीं रहा है। बाकी ऑर्डर भी कैंसिल कर दिए हैं। सुनील सिंघल के मुताबिक अब वे चाइना मेड सामान नहीं मंगवाएंगे। अगर जनता चाइना मेड सामान का बहिष्कार करेगी तो व्यापारी भी चाइना मेड सामान लाना बंद कर देंगे।
कंडील भी हैं चाइना मेड
बाजार में बिकने वाली सभी झालरें यहां तक कि कई तरह की कंडील और देवी-देवताओं की मूर्ति भी चाइना मेड हैं। इन झालरों की कीमत 20 रुपये से 230 रुपये तक होती है। भारत की बनीघ् झालर बाजार में कहीं नहीं हैं।
चाइनीज माल को बता रहे जापानी ः चाइना मेड सामान की बिक्री बंद होती देखकर कुछ दुकानदार अपना पुराना माल निकालने की फिराक में हैं। वे चाइनीज झालरों को जापान मेड बताकर बेचने की जुगत भिड़ा रहे हैं।