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Bijnor News: खरीदारों से टैक्स ले रहे व्यापारी, विभाग को लगा रहे चूना
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बिजनौर का जीएसटी कार्यालय
-समाधान योजना में पंजीकृत ज्यादातर व्यापारी जमा नहीं कर रहे टैक्स
-जांच में हुआ खुलासा, रिटर्न दाखिल होने के बाद भी शून्य टैक्स दे रहे व्यापारी
-5500 व्यापारी समाधान योजना में जीएसटी विभाग में पंजीकृत
-1800 व्यापारी समाधान योजना के तहत जमा नहीं कर रहे टैक्स
-3700 व्यापारी टर्नओवर के हिसाब से नियमानुसार जमा कर रहे टैक्स
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में समाधान योजना के तहत पंजीकृत व्यापारी पर्याप्त मात्रा में टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। इसे लेकर जीएसटी विभाग कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। टैक्स जमा नहीं करने वाले करीब 1800 व्यापारियों की सूची तैयार हो रही है। इतना ही नहीं, विभाग की गोपनीय जांच में खुलासा हुआ है कि ज्यादातर व्यापारी खरीदारों से टैक्स लेने के बाद भी जमा नहीं कर रहे हैं।
जिले में समाधान योजना में करीब 5500 व्यापारी पंजीकृत हैं। इस योजना में ऐसे व्यापारी हैं, जिनका सालाना टर्नओवर 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक है। उन्हें एक प्रतिशत कर देना है। मगर, ज्यादातर व्यापारी नियमानुसार भी टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। इसे लेकर विभाग ने व्यापारियों की जांच करा ली है। जिले में करीब 1800 व्यापारी रिटर्न दाखिल करने के बाद भी शून्य टैक्स दे रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही है। लगभग 3700 व्यापारी टर्नओवर के हिसाब से टैक्स जमा कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी टैक्स जमा नहीं करने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई करने की रणनीति बना रहे हैं।
29 फरवरी तक जमा करें टैक्स
जीएसटी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समाधान योजना में पंजीकृत व्यापारी 29 फरवरी तक रिटर्न दाखिल कर टैक्स जमा रहे हैं। इस महीने के आखिर तक टैक्स जमा नहीं करने पर व्यापारियों के संस्थानों पर छापामार कर टैक्स जमा कराया जाएगा।
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एक व्यापारी 5000 से भी कम दे रहा सालाना टैक्स
समाधान योजना में पंजीकृत व्यापारी को सालाना कम से कम 40 हजार और अधिक से अधिक डेढ़ लाख रुपये टैक्स जमा करना है। मगर, इसके विपरीत व्यापारी अपनी सुविधानुसार टैक्स जमा रहे हैं। ये व्यापारी सालाना 5000 हजार रुपये से भी कम टैक्स जमा रहे हैं।
समाधान योजना में पंजीकृत व्यापारी नियमानुसार टैक्स नहीं दे रहे हैं। इसका खुलासा गोपनीय जांच में हुआ है। ये व्यापारी ग्राहकों से तो टैक्स ले रहे हैं, मगर विभाग को जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अब टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राजीव आर्थर, संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक), जीएसटी, बिजनौर
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-जांच में हुआ खुलासा, रिटर्न दाखिल होने के बाद भी शून्य टैक्स दे रहे व्यापारी
-5500 व्यापारी समाधान योजना में जीएसटी विभाग में पंजीकृत
-1800 व्यापारी समाधान योजना के तहत जमा नहीं कर रहे टैक्स
-3700 व्यापारी टर्नओवर के हिसाब से नियमानुसार जमा कर रहे टैक्स
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में समाधान योजना के तहत पंजीकृत व्यापारी पर्याप्त मात्रा में टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। इसे लेकर जीएसटी विभाग कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। टैक्स जमा नहीं करने वाले करीब 1800 व्यापारियों की सूची तैयार हो रही है। इतना ही नहीं, विभाग की गोपनीय जांच में खुलासा हुआ है कि ज्यादातर व्यापारी खरीदारों से टैक्स लेने के बाद भी जमा नहीं कर रहे हैं।
जिले में समाधान योजना में करीब 5500 व्यापारी पंजीकृत हैं। इस योजना में ऐसे व्यापारी हैं, जिनका सालाना टर्नओवर 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक है। उन्हें एक प्रतिशत कर देना है। मगर, ज्यादातर व्यापारी नियमानुसार भी टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। इसे लेकर विभाग ने व्यापारियों की जांच करा ली है। जिले में करीब 1800 व्यापारी रिटर्न दाखिल करने के बाद भी शून्य टैक्स दे रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही है। लगभग 3700 व्यापारी टर्नओवर के हिसाब से टैक्स जमा कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी टैक्स जमा नहीं करने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई करने की रणनीति बना रहे हैं।
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29 फरवरी तक जमा करें टैक्स
जीएसटी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समाधान योजना में पंजीकृत व्यापारी 29 फरवरी तक रिटर्न दाखिल कर टैक्स जमा रहे हैं। इस महीने के आखिर तक टैक्स जमा नहीं करने पर व्यापारियों के संस्थानों पर छापामार कर टैक्स जमा कराया जाएगा।
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एक व्यापारी 5000 से भी कम दे रहा सालाना टैक्स
समाधान योजना में पंजीकृत व्यापारी को सालाना कम से कम 40 हजार और अधिक से अधिक डेढ़ लाख रुपये टैक्स जमा करना है। मगर, इसके विपरीत व्यापारी अपनी सुविधानुसार टैक्स जमा रहे हैं। ये व्यापारी सालाना 5000 हजार रुपये से भी कम टैक्स जमा रहे हैं।
समाधान योजना में पंजीकृत व्यापारी नियमानुसार टैक्स नहीं दे रहे हैं। इसका खुलासा गोपनीय जांच में हुआ है। ये व्यापारी ग्राहकों से तो टैक्स ले रहे हैं, मगर विभाग को जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अब टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राजीव आर्थर, संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक), जीएसटी, बिजनौर