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ट्रेड यूनियनों ने सरकार की नीतियों के विरोध किया प्रदर्शन
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नजीबाबाद में नायब तहसीलदार राजीव यादव को ज्ञापन सौंपते प्रतिनिधि।
- फोटो : NAZIBABAD
नजीबाबाद। अखिल भारतीय किसान सभा नजीबाबाद और नांगलसोती की ओर से सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार और अपराधों पर रोक लगाने और कृषि का वाजिब दाम दिलाने की मांग की।
किसान संगठनों, ट्रेड यूनियनों और श्रमिक संगठनों के बंद के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले माकपा नेता रामपाल सिंह, इसरार अहमद, विजय शर्मा, खुर्शीद शेख, मोहम्मद उस्मान, ओमप्रकाश, अशरफ और नदीम के नेतृत्व में वामपंथी दलों के नेताओं ने सरकार की नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की। माकपा नेता रामपाल सिंह, इसरार अहमद, खुर्शीद शेख और विजय शर्मा ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर किसान-मजदूरों का आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने बिजली, खाद और बीज पर महंगाई पर भी रोष व्यक्त किया। किसान सभा की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार राजीव यादव को दिया गया। ज्ञापन में खेतीहर मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा गारंटी के अंतर्गत 60 साल से अधिक के लोगों को पेंशन देने, मनरेगा के दिन और मजदूरी बढ़ाने, पशु व्यापार से प्रतिबंध हटाने, बिजली की बढ़ी दरें वापिस लेने सहित अनेक मांगे शामिल थी।
उधर नांगलसोती में किसान और श्रमिक संगठनों के आह्वान पर किसान सभा ने प्रदर्शन किया। माकपा नेता विजेंद्र सिन्हा, सुनील कुमार, मुकेश शर्मा, सुरेंद्र सिन्हा, प्रीतम सैनी के नेतृत्व में किसान सभा की ओर से सरकार की नीतियों के विरोध में नांगलसोती में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दरोगा पीके तोमर को सौंपा। ठेका खेती कानून बंद करने, फसल बीमा के नाम पर लूट रोकने, किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने, कृषि अनुदान में बढ़ोतरी करने की मांग की गई।
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किसान संगठनों, ट्रेड यूनियनों और श्रमिक संगठनों के बंद के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले माकपा नेता रामपाल सिंह, इसरार अहमद, विजय शर्मा, खुर्शीद शेख, मोहम्मद उस्मान, ओमप्रकाश, अशरफ और नदीम के नेतृत्व में वामपंथी दलों के नेताओं ने सरकार की नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की। माकपा नेता रामपाल सिंह, इसरार अहमद, खुर्शीद शेख और विजय शर्मा ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर किसान-मजदूरों का आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने बिजली, खाद और बीज पर महंगाई पर भी रोष व्यक्त किया। किसान सभा की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार राजीव यादव को दिया गया। ज्ञापन में खेतीहर मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा गारंटी के अंतर्गत 60 साल से अधिक के लोगों को पेंशन देने, मनरेगा के दिन और मजदूरी बढ़ाने, पशु व्यापार से प्रतिबंध हटाने, बिजली की बढ़ी दरें वापिस लेने सहित अनेक मांगे शामिल थी।
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उधर नांगलसोती में किसान और श्रमिक संगठनों के आह्वान पर किसान सभा ने प्रदर्शन किया। माकपा नेता विजेंद्र सिन्हा, सुनील कुमार, मुकेश शर्मा, सुरेंद्र सिन्हा, प्रीतम सैनी के नेतृत्व में किसान सभा की ओर से सरकार की नीतियों के विरोध में नांगलसोती में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दरोगा पीके तोमर को सौंपा। ठेका खेती कानून बंद करने, फसल बीमा के नाम पर लूट रोकने, किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने, कृषि अनुदान में बढ़ोतरी करने की मांग की गई।
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