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बिजनौर: बाघ ने वनकर्मी को मार डाला, अब तक हो चुकी दस कर्मियों की मौत

Mon, 21 Oct 2019 11:43 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: कपिल kapil Updated Mon, 21 Oct 2019 11:43 PM IST
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Tiger killed a forest worker in Bijnor of Uttar Pradesh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

बिजनौर में कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनों में बाघ ने वन कर्मी को मार डाला। बाघ ने पहले तो गश्ती दल में शामिल वन कर्मी राजेश पर हमला किया और फिर उसे खींचकर जंगल में ले गया। खोजबीन के बाद सोमवार सुबह वनकर्मी का शव मिला। वनकर्मी के शरीर का कुछ हिस्सा भी बाघ ने खा लिया। वन कर्मी की मौत से दहशत बनी है और वन कर्मी गश्त पर जाने से घबरा रहे हैं। 

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घटना रविवार रात करीब आठ बजे की है। प्लेन रेंज के चौखम बीट के मन्दालटी कक्ष संख्या 20-21 में वन आरक्षी राजेश नेगी और उनके साथी गश्त पर थे। तभी बाघ ने हमला कर दिया। साथी वन कर्मियों ने बाघ को भगाने के लिए फायरिंग भी की, लेकिन बाघ भागा नहीं, बल्कि राजेश को खींचकर वन में ले गया। तब टीम के सदस्यों ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। 
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कार्बेट टाइगर रिजर्व के वन निदेशक राहुल ने बताया वन कर्मी राजेश को तलाशने के लिए अभियान चलाया गया। सोमवार सुबह करीब पांच बजे जंगल में राजेश का शव पड़ा मिला। उसके शरीर का कुछ हिस्सा बाघ खा गया था। वन विभाग की टीम शव को हल्दूपड़ाव होकर पैदल मार्ग से लाकर रामगंगा नदी में नाव से कालागढ़ और फिर कोटद्वार चिकित्सालय में पहुंची। मृतक राजेश की आयु 45 वर्ष है। उनका परिवार कोटद्वार में रहता है। परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है।
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दहशत में हैं वनकर्मी

वन निदेशक राहुल ने बताया कि इस घटना के बाद से वनकर्मी दहशत में हैं। सुरक्षा कारणों से वनों में गश्ती दलों को समूह के रूप में जाने और कैमरा ट्रैप लगाने को कहा गया है। कैमरा ट्रैप से पता चलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वन कर्मी के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद पीड़ित परिवार को सहायता दिलाई जाएगी। 

अब तक हो चुकी दस वनकर्मियों की मौत 
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में अब तक 10 वनकर्मी वन्यजीवों के हमले में मौत की नींद सो चुके हैं। 22 जुलाई 2012 को सर्पदूली, 20 अक्तूबर 2013 को कालागढ़, 25 मार्च 2014 को सर्पदूली, 22 मार्च 2016 को कालागढ़, आठ अप्रैल 2016 को सर्पदूली, 10 जून 2016 को सर्पदूली व बिजरानी, 15 जुलाई 2019 को प्लेन रेंज, 13 अप्रैल 2019 को ढिकाला में और अब 20 अक्तूबर को प्लेन रेंज में वनकर्मी राजेश नेगी की बाघ ने जान ले ली है।

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