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Bijnor News: धामपुर= कालागढ़ की केंद्रीय कालोनी में घुसा बाघ, लोगों में दहशत
Tue, 04 Apr 2023 11:50 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 04 Apr 2023 11:50 PM IST
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कालागढ़ के वनों में पेड़ के नीचे विश्राम करता एक बाघ।
फोटोः
कार्बेट टाइगर रिजर्व से निकलकर आबादी में पहुंचा
कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों से आबादी की ओर आने वाले बाघ अब घरों में भी घुसने लगे हैं। मंगलवार को केंद्रीय कालोनी के एक मकान में बाघ घुस गया। मोहल्ले वालों के शोर मचाने पर वह जंगल की ओर चला गया। वन विभाग ने वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने की बात कही है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में वन्यजीवों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि अब वह सीमावर्ती खेतों में विचरण करने के साथ साथ घरों में आ धमकते हैं। केन्द्रीय कालोनी निवासी सुखदेव सिंह ने बताया कि उनके मकान के आंगन में एक बाघ आकर खड़ा हो गया। उस समय उनकी पत्नी रसोई में कुछ काम कर रही थी। उसे आंगन में बाल्टी गिरने की आवाज आई। उसने सोचा कि शायद बंदरों का झुंड उत्पात मचा रहा होगा। वह दरवाजा खोलकर बाहर आई तो आंगन में एक बाघ खड़ा था। दहशत में उसने रसोई का दरवाजा बंद कर लिया। मोहल्ले वालो ने शोरगुल किया तब जाकर वह बाघ सूखासोत में जंगल की ओर चला गया। नागरिकों ने वन विभाग से आबादी क्षेत्र में गश्ती दलों की गश्त बढ़ाने की मांग की है। उधर कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी राकेश कुमार भट्ट का कहना है कि हिंसक जीवों से दूरी बनाएं। दिखाई देते ही विभाग को सूचना दें। केन्द्रीय कालोनी में गश्ती दलों को सतर्क कर दिया गया है। गश्त तेज़ करने के निर्देश गश्ती दलों को दिए हैं।
बाघ परियोजना के बाद नागरिकों की सुरक्षा बनेगी एक चुनौती
कार्बेट टाइगर रिजर्व की स्थापना को पचास साल बीतने के बाद बाघों के संरक्षण में कार्बेट पार्क प्रशासन को दुनिया में वाह वाही मिल रही है। वनों में वन्यजीवों की संख्या बढ़ती जा रही है। उनके विचरण का दायरा भी बढ़ रहा है। अब वह खेतों के अलावा बस्ती में लोगों के घरों में भी घुसने लगे हैं। केन्द्रीय कालोनी एवं नई कालोनी में सांझ ढलते ही यह जीव विचरण करने लगते हैं। हालाकि वन विभाग के गश्ती दल तैनात हैं। फिर भी नागरिकों की सुरक्षा वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन रही है।
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कार्बेट टाइगर रिजर्व से निकलकर आबादी में पहुंचा
कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों से आबादी की ओर आने वाले बाघ अब घरों में भी घुसने लगे हैं। मंगलवार को केंद्रीय कालोनी के एक मकान में बाघ घुस गया। मोहल्ले वालों के शोर मचाने पर वह जंगल की ओर चला गया। वन विभाग ने वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने की बात कही है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में वन्यजीवों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि अब वह सीमावर्ती खेतों में विचरण करने के साथ साथ घरों में आ धमकते हैं। केन्द्रीय कालोनी निवासी सुखदेव सिंह ने बताया कि उनके मकान के आंगन में एक बाघ आकर खड़ा हो गया। उस समय उनकी पत्नी रसोई में कुछ काम कर रही थी। उसे आंगन में बाल्टी गिरने की आवाज आई। उसने सोचा कि शायद बंदरों का झुंड उत्पात मचा रहा होगा। वह दरवाजा खोलकर बाहर आई तो आंगन में एक बाघ खड़ा था। दहशत में उसने रसोई का दरवाजा बंद कर लिया। मोहल्ले वालो ने शोरगुल किया तब जाकर वह बाघ सूखासोत में जंगल की ओर चला गया। नागरिकों ने वन विभाग से आबादी क्षेत्र में गश्ती दलों की गश्त बढ़ाने की मांग की है। उधर कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी राकेश कुमार भट्ट का कहना है कि हिंसक जीवों से दूरी बनाएं। दिखाई देते ही विभाग को सूचना दें। केन्द्रीय कालोनी में गश्ती दलों को सतर्क कर दिया गया है। गश्त तेज़ करने के निर्देश गश्ती दलों को दिए हैं।
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बाघ परियोजना के बाद नागरिकों की सुरक्षा बनेगी एक चुनौती
कार्बेट टाइगर रिजर्व की स्थापना को पचास साल बीतने के बाद बाघों के संरक्षण में कार्बेट पार्क प्रशासन को दुनिया में वाह वाही मिल रही है। वनों में वन्यजीवों की संख्या बढ़ती जा रही है। उनके विचरण का दायरा भी बढ़ रहा है। अब वह खेतों के अलावा बस्ती में लोगों के घरों में भी घुसने लगे हैं। केन्द्रीय कालोनी एवं नई कालोनी में सांझ ढलते ही यह जीव विचरण करने लगते हैं। हालाकि वन विभाग के गश्ती दल तैनात हैं। फिर भी नागरिकों की सुरक्षा वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन रही है।
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