{"_id":"6271766d457de11f3a220e98","slug":"tiger-came-near-population-panic-among-people-demand-for-help-from-forest-officials","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजनौर: आबादी के निकट आया बाघ, लोगों में दहश्त, वन अधिकारियों से मदद की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजनौर: आबादी के निकट आया बाघ, लोगों में दहश्त, वन अधिकारियों से मदद की मांग
Wed, 04 May 2022 12:07 AM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Published by: सुशील कुमार
Updated Wed, 04 May 2022 12:07 AM IST
सार
हिम्मत कर किसी ग्रामीण ने उसकी वीडियो भी बना ली, जिस पर ग्रामीण एकत्र हो गए और शोर मचाया तब बाघ जंगल की ओर चला गया। कालागढ़ व बढ़ापुर में वन क्षेत्र होने के कारण वहां अधिकतर जंगली जानवर निवास करते हैं।
विज्ञापन
बाघ (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव कुआंखेड़ा में आबादी के निकट बाघ की आमद से ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से जंगली जानवरों को निर्धारित वन क्षेत्र में खदेड़ने सहित स्थाई समाधान की मांग की है।
विज्ञापन
गांव कुआंखेड़ा में कई दिनों से गांव में आबादी के समीप बाघ नजर आ रहा है। मंगलवार की सुबह भी बाघ पर कुछ ग्रामीणों की नजर पड़ी तो उनके होश उड़ गए। हिम्मत कर दूर से किसी ग्रामीण ने वीडियो भी बना ली। बस्ती के समीप बाघ देखे जाने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीण अमरीक सिंह, मनजीत सिंह, पप्पू, हरकेवल सिंह, बेअंत सिंह, सतपाल सिंह, सुखदेव सिंह आदि का कहना है कि मंगलवार की सुबह खेतों पर काम कर रहे कुछ ग्रामीणों की पास ही जंगल में घूमते बाघ पर नजर पड़ी, जिससे उनके होश उड़ गए।
विज्ञापन
हिम्मत कर किसी ग्रामीण ने उसकी वीडियो भी बना ली, जिस पर ग्रामीण एकत्र हो गए और शोर मचाया तब बाघ जंगल की ओर चला गया। कालागढ़ व बढ़ापुर में वन क्षेत्र होने के कारण वहां अधिकतर जंगली जानवर निवास करते हैं। अनेक बार जंगली जानवर गुलदार, बाघ व हाथी भी उधर आ निकलते हैं। अक्सर कई बार ग्रामीणों का जंगली जानवरों से सामना हो जाता है। अब जंगली जानवर बस्ती के समीप भी नजर आने लगे हैं, जिससे लोगों में इसका भय व्याप्त है। वहीं ग्रामीण अकेले दुकेले खेतों पर जाने से घबरा रहे हैं। वह झुंड के रूप में एकत्र होकर अपने जरूरी कार्यों के लिए खेतों पर जाने को मजबूर हैं और उन्हें अंधेरा होने से पूर्व ही घर को लौटना पड़ता है।
विज्ञापन
इसके अलावा पास ही कालागढ़ से गंगा पार को जाने वाला मार्ग है। काफी ग्रामीण उधर से गंगा पार या कालागढ़ भी आते जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती के समीप घूम रहे जंगली जानवर किसी बड़ी घटना को भी अंजाम दे सकते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से बाघ व अन्य जंगली जानवरों को निर्धारित वन क्षेत्र में छुड़वाने सहित समस्या का स्थाई समाधान कराने की मांग की है। इस संबंध मे नजीबाबाद डीएफओ मनोज शुक्ला का कहना है कि पास ही में कालागढ़ व साहू वाला रेंज है। जंगली जानवर उधर आ जाते हैं। उन्होनें गस्त बढ़ाने तथा जानवरों को जंगल में खदेड़ने का प्रयास किए जाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने लोगों से खेतों की तरफ झुंड बनाकर हाथों में लाठी डंडे लेकर जाने की बात कही है।