Bijnor: पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे पर तीन अंडरपास तैयार, पांच बड़े पुलों का चल रहा निर्माण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे पर तीन अंडरपास बनकर तैयार हो चुके हैं। इनका ढांचा पूरा कर लिया गया है, अब इन्हें सड़क से जोड़ना बाकी रह गया है। वहीं, इस मार्ग में बनने वाले चौथे अंडरपास का निर्माण भी चालू हो गया है। दरअसल, इस मार्ग में चार अंडरपास और कोतवाली देहात में एक ओवर ब्रिज बनाया जाना प्रस्तावित है। सड़क और सभी पुल बनाए जाने के बाद ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया जाएगा।
बिजनौर-कोतवाली मार्ग को पानीपत से खटीमा तक जाने वाले नेशनल हाईवे का हिस्सा बनाया गया था। इस सड़क को मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए तीन किलोमीटर लंबा बाईपास भी बनाया जा रहा है। यह बाईपास बिजनौर-नजीबाबाद मार्ग में पेदा गांव के पास से शुरू होकर बिजनौर-कोतवाली मार्ग में वीकेआईटी कॉलेज के पास निकल रहा है। जिसका निर्माण चल रहा है।
बाईपास जहां खत्म हो रहा है, वहां कॉलेज के पास एक अंडर पास बनाया जा रहा है। बिजनौर शहर की तरफ आने जाने वाले ट्रैफिक को इस अंडरपास से होकर निकलना पड़ेगा। इस मार्ग में कुल चार अंडर पास बनाए जाने थे। जिनमें बरुकी, पीली चौकी और महेश्वरी जट में अंडरपास बनकर तैयार हो चुके हैं। इन्हें सिर्फ सड़क से जोड़ना बाकी रह गया है।
यह भी पढ़ें:Double Murder Meerut: हर तरफ बिखरा था खून, नानी-धेवती की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या, खौफनाक थी वारदात
सभी अंडरपास के दोनों ओर सर्विस रोड भी बनाई जा रही है। अंडरपास बनाने का मकसद चौराहों पर भी वाहनों की स्पीड बरकरार रखना है। हाईवे के ट्रैफिक पर गांव देहात की भीड़ का कोई असर नहीं पड़ेगा।
छोइया से शादीपुर तक काली सड़क हुई तैयार
छोइया पुल से बरूकी और बरूकी से शादीपुर तक काली सड़क भी बनकर तैयार हो गई है। बता दें कि पहले यह सड़क सिर्फ सात मीटर चौड़ी थी, जिसकी चौड़ाई नेशनल हाईवे के अनुसार करते हुए 10 मीटर की गई है। वहीं, वीकेआईटी कॉलेज से छोइया नदी तक एक लेन काली सड़क बनकर तैयार हो गई है। शादीपुर से गांव डहरी तक भी एक लेन सड़क लगभग तैयार है, जिस पर दो चार दिनों में ट्रैफिक चालू कर दिया जाएगा।
पांच बड़े पुलों का चल रहा निर्माण
इस सड़क पर छोटे बड़े कुल 42 पुल बनाए जाने थे। जिनमें दस से अधिक पुलियों का निर्माण पूरा हो चुका है। बरुकी नहर, बान नदी, माहू रजबहा समेत पांच बड़े पुलों का निर्माण चल रहा है। जबकि महेश्वरी के पास एक बरसाती नदी और रहमापुर के पास भी दो बड़े पुल बनकर तैयार हो चुके हैं। छोइया नदी का बड़ा पुल बाद में बनाया जाएगा।
तीन अंडर पास का ढांचा बनकर तैयार हो गया है, एक पर काम चल रहा है। इन अंडरपास को सड़क से जोड़ने के लिए भी मिट़्टी डाली जाने लगी है। सड़क बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है - सतेंद्र पांडेय, प्रबंधक, निर्माण एजेंसी