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तीन और छात्र यूक्रेन से लौटे, कई को मिला बोर्डिंग पास
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यूक्रेन से नजीबाबाद पहुंची छात्रा गुलशमा से जानकारी लेते एसडीएम और सीओ।
- फोटो : BIJNOR
तीन और छात्र यूक्रेन से लौटे, कई को मिला बोर्डिंग पास
बिजनौर। यूक्रेन में फंसे जिले के दो और छात्र घर लौट आए हैं। इनके लौटने से परिवार वालों में खुशी का माहौल है। वहीं एक छात्रा समेत कई को रोमानिया से बोर्डिंग पास मिल गया है। इनकी कल तक लौट आने की उम्मीद है। हालांकि अभी जिले के कई छात्रा रोमानिया में शेल्टर होम में ठहरे हुए है जबकि कुछ पौलेंड और रोमानिया के बार्डर पर अटके हैं। उधर खारकीव में जिले का एक छात्र और एक छात्रा बंकर में पिछले छह दिनों से ठहरे हुए हैं। वहां एक भारतीय छात्र की मौत हो जाने से खारकीव में फंसे छात्रों में डर और मायूसी छा गई है।
पैदल चलकर रोमानिया बॉर्डर तक आना पड़ा
हीमपुर दीपा। क्षेत्र के गांव पीपली जट में रहने वाले डॉ. मोमिन अली का बेटा सुहेल यूक्रेन के शहर इवानो से लौट आया है। सुहेल जंग के दौरान अपने 20 साथियों के साथ इवानों के एक फ्लैट में शरण लिए हुए था। सुहेल रविवार की दोपहर बारह बजे अपने 20 साथियों के इवानो से निजी बस करके रोमानिया के लिए चल दिए। बस चालक ने उन्हें रोमानिया से 10 किलोमीटर पूर्व भी छोड़ दिया। जिन्हें पैदल चलकर रोमानिया बॉर्डर तक आना पड़ा। फ्लाइट से सोमवार प्रात: 8:00 दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच गए जिसके बाद वह सकुशल अपने घर गांव पीपली जट पहुंच गया। जिसे देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली।
वतन वापसी पर वलीद बेहद खुश
अफजलगढ़। नगर के मोहल्ला नायक सराय निवासी मो. वलीद खालिद अपने परिवार के बीच वापस लौट आया है। मो. खालिद के पुत्र वलीद खालिद यूक्रेन की उजहोर्ड नेशनल युनिवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। वहीं वलीद खालिद के माता-पिता सऊदी में रहते हैं, जिस कारण अपने माता पिता से नही मिल पाया है। वलीद खालिद ने बताया कि वह 10 किलोमीटर बस का सफर तय कर बार्डर पार करना पड़ा।
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यूक्रेन से घर पहुंची गुलशमा
नजीबाबाद । नगर में पहली छात्रा गुलशमा सकुशल यूक्रेन से घर पहुंची। परिजनों में खुशी की लहर। एसडीएम और सीओ ने घर पहुंच कर ली जानकारी। रेलवे कॉलोनी निवासी रेलवेकर्मी बाबू खां की बेटी गुलशमा इवानो मेडिकल यूनिवर्सिटी में थर्ड ईयर की छात्रा है। उसके सकुशल घर पहुंचने से परिजनों में खुशी है।
रोमानिया पहुंचा अबूजर
अफजलगढ़। मोहल्ला नायक सराय निवासी एमबीबीएस का छात्र अबूजर भी यूक्रेन में फंसा था अबूजर के चाचा सुलेमान ने बताया कि बीती रात अबूजर यूक्रेन से रोमानिया पहुंच गया है शीघ्र ही वह अपना नंबर आने पर भारत के लिए रवाना हो जाएगा, वहीं अबूजर के परिजनों ने उसके रोमानिया पहुंचने पर राहत की सांस ली है। उधर, गांव रसूलपुर निवासी छात्र शारिफ भी यूक्रेन में फंसा था। शारिफ के भाई रईस अहमद ने बताया कि शारिफ सिलोवाकया में पहुंच गया है उनकी शारिफ से बात हुई है।
हंगरी पहुंचा वजाहत
कोतवाली देहात। यूक्रेन में फंसा कोतवाली देहात का वजाहत मंगलवार को यूक्रेन से निकलकर हंगरी पहुंच गया है। मंगलवार को वजाहत ने परिजनों से कहा कि अब वह सुरक्षित है। हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट के हवाई अड्डे से वजाहत को भारत के लिए फ्लाइट मिलेगी। वजाहत के यूक्रेन से निकलने के बाद परिजनों ने भी राहत की सांस ली। कोतवाली देहात के मोहल्ला सादात निवासी डॉ. एजाज हुसैन का पुत्र वजाहत हुसैन यूक्रेन के ओडेसा शहर में स्थित ओडेशा नेशनल मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहा था।
खारकीव में डरे हुए हैं छात्र-छात्राएं
धामपुर के रहने वाले मेडिकल के छात्र नौमान अंसारी और धामपुर की ही रिहन खान फिलहाल खारकीव में हॉस्टल के नीचे बंकर में छह दिनों फंसे हुए हैं। अब खारकीव में एक भारतीय छात्र की मौत हो जाने से दशहत और बन गई है। मैस में भी खाना खत्म हो चुका है। नौमान की मां नजमा अंसारी ने बताया कि अब समस्या बढ़ गई है। सभी छात्र मायूस हो रहे हैं। डरे हुए हैं। भाषा नहीं जानते, पर्याप्त पैसा नहीं है कैसे निकले।
हितेश को मिला बोर्डिंग पास
रशीदपुर गढ़ी का हितेश एयरपोर्ट पर फ्लाइट के इंतजार में है। उसे बोर्डिंग पास मिल चुका है। वहीं मंडावर का सुहेल पोलैंड के बार्डर पर पहुंचा गया है। जुबैर जिले के अन्य छात्रों के साथ रोमानिया के शेल्टर होम में ठहरा हुआ है।
भारतीय प्रवासियों ने बढ़ाया हाथ
रोमानिया में शेल्टर होम में रह रहे छात्रों ने बताया कि रोमानिया में उन्हें कोई दिक्कत नहीं हो रही है। भारतीय दूतावास और वहां रह रहे भारत के लोग मदद को आगे आए हैं। खाने पीने की कोई दिक्कत नहीं है। कंबल और बिस्तर भी दिए गए हैं।
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बिजनौर। यूक्रेन में फंसे जिले के दो और छात्र घर लौट आए हैं। इनके लौटने से परिवार वालों में खुशी का माहौल है। वहीं एक छात्रा समेत कई को रोमानिया से बोर्डिंग पास मिल गया है। इनकी कल तक लौट आने की उम्मीद है। हालांकि अभी जिले के कई छात्रा रोमानिया में शेल्टर होम में ठहरे हुए है जबकि कुछ पौलेंड और रोमानिया के बार्डर पर अटके हैं। उधर खारकीव में जिले का एक छात्र और एक छात्रा बंकर में पिछले छह दिनों से ठहरे हुए हैं। वहां एक भारतीय छात्र की मौत हो जाने से खारकीव में फंसे छात्रों में डर और मायूसी छा गई है।
पैदल चलकर रोमानिया बॉर्डर तक आना पड़ा
हीमपुर दीपा। क्षेत्र के गांव पीपली जट में रहने वाले डॉ. मोमिन अली का बेटा सुहेल यूक्रेन के शहर इवानो से लौट आया है। सुहेल जंग के दौरान अपने 20 साथियों के साथ इवानों के एक फ्लैट में शरण लिए हुए था। सुहेल रविवार की दोपहर बारह बजे अपने 20 साथियों के इवानो से निजी बस करके रोमानिया के लिए चल दिए। बस चालक ने उन्हें रोमानिया से 10 किलोमीटर पूर्व भी छोड़ दिया। जिन्हें पैदल चलकर रोमानिया बॉर्डर तक आना पड़ा। फ्लाइट से सोमवार प्रात: 8:00 दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच गए जिसके बाद वह सकुशल अपने घर गांव पीपली जट पहुंच गया। जिसे देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली।
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वतन वापसी पर वलीद बेहद खुश
अफजलगढ़। नगर के मोहल्ला नायक सराय निवासी मो. वलीद खालिद अपने परिवार के बीच वापस लौट आया है। मो. खालिद के पुत्र वलीद खालिद यूक्रेन की उजहोर्ड नेशनल युनिवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। वहीं वलीद खालिद के माता-पिता सऊदी में रहते हैं, जिस कारण अपने माता पिता से नही मिल पाया है। वलीद खालिद ने बताया कि वह 10 किलोमीटर बस का सफर तय कर बार्डर पार करना पड़ा।
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यूक्रेन से घर पहुंची गुलशमा
नजीबाबाद । नगर में पहली छात्रा गुलशमा सकुशल यूक्रेन से घर पहुंची। परिजनों में खुशी की लहर। एसडीएम और सीओ ने घर पहुंच कर ली जानकारी। रेलवे कॉलोनी निवासी रेलवेकर्मी बाबू खां की बेटी गुलशमा इवानो मेडिकल यूनिवर्सिटी में थर्ड ईयर की छात्रा है। उसके सकुशल घर पहुंचने से परिजनों में खुशी है।
रोमानिया पहुंचा अबूजर
अफजलगढ़। मोहल्ला नायक सराय निवासी एमबीबीएस का छात्र अबूजर भी यूक्रेन में फंसा था अबूजर के चाचा सुलेमान ने बताया कि बीती रात अबूजर यूक्रेन से रोमानिया पहुंच गया है शीघ्र ही वह अपना नंबर आने पर भारत के लिए रवाना हो जाएगा, वहीं अबूजर के परिजनों ने उसके रोमानिया पहुंचने पर राहत की सांस ली है। उधर, गांव रसूलपुर निवासी छात्र शारिफ भी यूक्रेन में फंसा था। शारिफ के भाई रईस अहमद ने बताया कि शारिफ सिलोवाकया में पहुंच गया है उनकी शारिफ से बात हुई है।
हंगरी पहुंचा वजाहत
कोतवाली देहात। यूक्रेन में फंसा कोतवाली देहात का वजाहत मंगलवार को यूक्रेन से निकलकर हंगरी पहुंच गया है। मंगलवार को वजाहत ने परिजनों से कहा कि अब वह सुरक्षित है। हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट के हवाई अड्डे से वजाहत को भारत के लिए फ्लाइट मिलेगी। वजाहत के यूक्रेन से निकलने के बाद परिजनों ने भी राहत की सांस ली। कोतवाली देहात के मोहल्ला सादात निवासी डॉ. एजाज हुसैन का पुत्र वजाहत हुसैन यूक्रेन के ओडेसा शहर में स्थित ओडेशा नेशनल मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहा था।
खारकीव में डरे हुए हैं छात्र-छात्राएं
धामपुर के रहने वाले मेडिकल के छात्र नौमान अंसारी और धामपुर की ही रिहन खान फिलहाल खारकीव में हॉस्टल के नीचे बंकर में छह दिनों फंसे हुए हैं। अब खारकीव में एक भारतीय छात्र की मौत हो जाने से दशहत और बन गई है। मैस में भी खाना खत्म हो चुका है। नौमान की मां नजमा अंसारी ने बताया कि अब समस्या बढ़ गई है। सभी छात्र मायूस हो रहे हैं। डरे हुए हैं। भाषा नहीं जानते, पर्याप्त पैसा नहीं है कैसे निकले।
हितेश को मिला बोर्डिंग पास
रशीदपुर गढ़ी का हितेश एयरपोर्ट पर फ्लाइट के इंतजार में है। उसे बोर्डिंग पास मिल चुका है। वहीं मंडावर का सुहेल पोलैंड के बार्डर पर पहुंचा गया है। जुबैर जिले के अन्य छात्रों के साथ रोमानिया के शेल्टर होम में ठहरा हुआ है।
भारतीय प्रवासियों ने बढ़ाया हाथ
रोमानिया में शेल्टर होम में रह रहे छात्रों ने बताया कि रोमानिया में उन्हें कोई दिक्कत नहीं हो रही है। भारतीय दूतावास और वहां रह रहे भारत के लोग मदद को आगे आए हैं। खाने पीने की कोई दिक्कत नहीं है। कंबल और बिस्तर भी दिए गए हैं।

युक्रेन से लौटने के बाद अपने पिता के साथ हीमपुरदीपा के गांव पीपली जट सुहेल।- फोटो : BIJNOR

अफजलगढ़ के मोहल्ला नायक सराय में यूक्रेन से वापस लौटा वलीद ख़ालिद अपने परिजनों के साथ।- फोटो : BIJNOR