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तीन बच्चों को पढ़ाते हैं दो शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Dec 2016 12:17 AM IST
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अफजलगढ़ के गांव खैरुल्लापुर प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के नहीं आने से खाली बैठे दोनों शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बिजनौर के अफजलगढ़ में बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण ही प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि खैरुल्लापुरदेश के प्राथमिक विद्यालय में केवल तीन बच्चे पंजीकृत हैं। इन तीन बच्चों को पढ़ाने के लिए विभाग ने दो शिक्षकों की तैनाती कर रखी है। इस गांव के महावीर सिंह, मदन सिंह, करन सिंह, गौरव कुमार का आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। उधर, बीएसए महेशचंद्र ने मामले को गंभीरता से लेकर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
सरकार की ओर से छह से 14 साल तक के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा बेहतर दिलाने को सर्वशिक्षा अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के रुचि नहीं लेने से अभियान को अपेक्षित रफ्तार नहीं मिल पा रही है। किसी स्कूल में 100 बच्चों पर दो-दो शिक्षकों की तैनाती है तो कहीं पर एक दो बच्चों पर कई कई शिक्षकों की तैनाती दी गई है। अफजलगढ़ ब्लाक के गांव खैरूल्लापुर का प्राइमरी स्कूल एक ऐसा विद्यालय है, जिसमें केवल तीन बच्चे पंजीकृत है।
विभाग ने इन तीन बच्चों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षकों की तैनाती कर रखी है। क्षेत्र के लाल सिंह, पान सिंह, लल्लू सिंह, भजन सिंह, बिल्लू का आरोप है कि शिक्षक अपने दायित्व प्रति लापरवाह बने हुए हैंआरोप है कि स्कूलों में बच्चों के गैरहाजिर होने पर शिक्षक भी मनमाने तौर पर स्कूल को बंद कर इधर-उधर हो जाते हैं। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ।
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बुधवार को स्कूल में ठंड के कारण एक भी बच्चा मौजूद नहीं रहा। स्कूल में बगैर बच्चों के ही दोनों अध्यापक मौजूद रहे। जबकि ब्लाक के गांव झाड़पुरा के जूनियर हाईस्कूल में 100 से ज्यादा बच्चे पंजीकृत हैं। विभाग की ओर से केवल इन बच्चों को पढ़ाने को मात्र एक ही शिक्षक की तैनाती रही है। पिछले माह ही इस स्कूल में एक और अध्यापक की तैनाती हुई।
मेघपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में 28 बच्चों पर एक अध्यापक, फतेहपुर धारा में 42 बच्चों पर एक अध्यापक की तैनाती है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अभिभावक ही क्षेत्र में बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ाने को मजबूर हैं। खैरुल्लापुर के अध्यापक पुनीत कुमार का कहना है कि उनके द्वारा विद्यालय में अधिक से अधिक बच्चों को पंजीकृत करने को अभियान चलाया जाता है। उधर, बीएसए महेशचंद्र ने मामले को गंभीरता से लेकर बीईओ से रिपोर्ट मांगी है। हिदायत दी है कि यदि ऐसा है तो बीईओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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सरकार की ओर से छह से 14 साल तक के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा बेहतर दिलाने को सर्वशिक्षा अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के रुचि नहीं लेने से अभियान को अपेक्षित रफ्तार नहीं मिल पा रही है। किसी स्कूल में 100 बच्चों पर दो-दो शिक्षकों की तैनाती है तो कहीं पर एक दो बच्चों पर कई कई शिक्षकों की तैनाती दी गई है। अफजलगढ़ ब्लाक के गांव खैरूल्लापुर का प्राइमरी स्कूल एक ऐसा विद्यालय है, जिसमें केवल तीन बच्चे पंजीकृत है।
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विभाग ने इन तीन बच्चों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षकों की तैनाती कर रखी है। क्षेत्र के लाल सिंह, पान सिंह, लल्लू सिंह, भजन सिंह, बिल्लू का आरोप है कि शिक्षक अपने दायित्व प्रति लापरवाह बने हुए हैंआरोप है कि स्कूलों में बच्चों के गैरहाजिर होने पर शिक्षक भी मनमाने तौर पर स्कूल को बंद कर इधर-उधर हो जाते हैं। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ।
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बुधवार को स्कूल में ठंड के कारण एक भी बच्चा मौजूद नहीं रहा। स्कूल में बगैर बच्चों के ही दोनों अध्यापक मौजूद रहे। जबकि ब्लाक के गांव झाड़पुरा के जूनियर हाईस्कूल में 100 से ज्यादा बच्चे पंजीकृत हैं। विभाग की ओर से केवल इन बच्चों को पढ़ाने को मात्र एक ही शिक्षक की तैनाती रही है। पिछले माह ही इस स्कूल में एक और अध्यापक की तैनाती हुई।
मेघपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में 28 बच्चों पर एक अध्यापक, फतेहपुर धारा में 42 बच्चों पर एक अध्यापक की तैनाती है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अभिभावक ही क्षेत्र में बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ाने को मजबूर हैं। खैरुल्लापुर के अध्यापक पुनीत कुमार का कहना है कि उनके द्वारा विद्यालय में अधिक से अधिक बच्चों को पंजीकृत करने को अभियान चलाया जाता है। उधर, बीएसए महेशचंद्र ने मामले को गंभीरता से लेकर बीईओ से रिपोर्ट मांगी है। हिदायत दी है कि यदि ऐसा है तो बीईओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।