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पुलिस व स्वॉट टीम ने मुठभेड़ के दौरान दोहरे हत्याकांड के तीन आरोपी दबोचे
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मुठभेड़ में दोहरे हत्याकांड के तीन आरोपी दबोचे
बिजनौर । शहर कोतवाली पुलिस व स्वॉट टीम ने मुठभेड़ के दौरान गांव धौकलपुर में दस दिन पूर्व हुए दोहरे हत्याकांड के तीन आरोपियों को हत्या में प्रयुक्त कार, बंदूक व तमंचे के साथ दबोचा है। पकड़े गए तीनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था। इस हत्याकांड में नामजद किए गए तीन आरोपी पुलिस की जांच के दायरे में बेकसूर निकले हैं। हत्या में शामिल असली चेहरे सामने आ गए हैं।
एसपी डा.धर्मवीर सिंह के मुताबिक शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव धौकलपुर में नौ मई को शिक्षक धीर सिंह व उसके भतीजे अंकुर की ट्रैक्टर ट्राली से जंगल से भूसा लाते समय रास्ते में रोक कर कार में सवार लोगों ने बंदूक व तमंचों से गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। धीर सिंह के पिता महाराज सिंह ने गांव कंभौर निवासी देवेंद्र, रावणपुर निवासी दो भाई ललित व अमित, गांव धौकलपुर निवासी अनुज, उसके भाई कृष्णा व नितिन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नितिन सशस्त्र पुलिस बल में तैनात है। स्वॉट टीम व शहर कोतवाली पुलिस असली कातिलों तक पहुंचने में लगी थी। पुलिस ने ललित, अमित व देवेंद्र को हिरासत में ले लिया था। पुलिस की जांच के दौरान मेरठ जिले के जॉनी थाना क्षेत्र के गांव पिथौली निवासी विवेक, मुजफ्फरनगर जिले के भोपा थाना क्षेत्र के गांव धीराहेड़ी निवासी आकाश राठी उर्फ राजीव उर्फ टिंकल, गांव धौकलपुर निवासी अनुज, उसकी पत्नी लवली, अनुज के स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव रानानंगला निवासी साला सुमित के नाम भी प्रकाश में आए। डीआईजी मुरादाबाद ने कृष्णा, उसके भाई अनुज व सुमित पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। पुलिस की टीम हत्यारोपियों की तलाश में जुट गई। पुलिस ने आकाश राठी, सुमित व कृष्णा को नगीना रोड पर रेलवे फाटक के पास दबोचने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस ने कार में सवार तीनों आरोपियों की घेराबंदी करके उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से 12 बोर की दो बंदूक, एक तमंचा, तीन कारतूस और तीन खोखा भी बरामद हुए।
पकड़े गए कृष्णा ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसके भाई अनुज का धीर सिंह की बेटी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। अनुज धीर सिंह की लड़की को लेकर चला गया था। धीर सिंह व उसके परिजनों ने अनुज की शिकायत की तो अनुज के पिता ने अमन सिंह ने काफी प्रयास के बाद लड़की वापस करा दी थी। इसके बाद अनुज ने धीर सिंह के परिवार के बारे में अशोभनीय टिप्पणी कर दी। धीर सिंह, उसके भाई जगवीर व जगवीर के बेटे अंकुर ने 15 अगस्त 2015 को गांव के कॉलेज में समारोह के दौरान अमन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। धीर सिंह, जगवीर व अंकुर को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। इनके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की गई। धीर सिंह व अंकुर को जमानत मिल गई जबकि जगवीर अभी भी जेल में बंद है। पिता अमन सिंह की हत्या होने से उसके बेटे नितिन व अनुज आहत थे। नितिन एसएसबी में पटना में तैनात है। तीनों भाई मिलकर पिता की हत्या करने की योजना बना रहे थे। बड़े भाई नितिन ने उनके साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। चुनाव के दौरान वह छुट्टी पर आया था। छह मई को वह अपनी ड्यूटी पर चला गया कि दोनों भाई योजनाबद्ध तरीके से अपना काम कर लें। अनुज की शादी गांव रानानंगला में राकेश की बेटी लवली से हुई है। राकेश व उसके भाई मुकेश की तीन साल पहले आदित्य गैंग ने हत्या कर दी थी। लवली अपने पिता व चाचा के साथ अपने ससुर अमन सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए अपने भाई सुमित व पति अनुज को उकसाती रहती थी। बड़े भाई नितिन व लवली की योजना के तहत भाई अनुज ने अपने दो साथी विवेक व आकाश को सात मई को बिजनौर के महादेवपुरम कॉलोनी में अपने किराये के मकान में बुलाया। कृष्णा के अलावा अनुज व लवली ने उनके साथ बैठकर हत्या का पूरा प्लान बनाया। घटना को अंजाम देने के लिए पुरानी आल्टो कार खरीदी। सात व आठ मई को गांव धौकलपुुर की कार से रेकी की। नौ मई को योजना के तहत जंगल से लौटते वक्त धीर सिंह व अंकुर की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक, एक देशी बंदूक, तमंचा बरामद किया है। पुलिस की टीम फरार अनुज, उसकी पत्नी लवली, विवेक को दबोचने की फिराक में लगी है। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम में शामिल सर्विलांस/स्वॉट प्रभारी राजकुमार शर्मा, दरोगा मनोज परमार, संजय कुमार, शहर कोतवाल राधेश्याम, दरोगा जर्रार हुसैन, दीपक कुमार, सिपाही अर्जुन समेत पूरी टीम को इनाम देने की घोषणा की है।
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तीन नामजद निकले बेकसूर
एसपी के मुताबिक पुलिस की जांच में गांव कंभौर निवासी देवेंद्र, रावणपुर निवासी ललित व अमित बेकसूर पाए गए हैं। ये घटना में शामिल नहीं थे। अमन सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया। देवेंदर अमन सिंह हत्याकांड की पैरवी कर रहा था। अमित व ललित उसमे गवाह थे। उन्हें फंसाने के लिए नामजद किया गया था। पुलिस ने मृतक के परिजनों को बुलाकर भी उन्हें संतुष्ट किया।
एटीएम से पैसे निकालने पर मिले सुराग
हत्या करने के बाद कार से सभी आरोपी महादेवपुरम स्थित आवास पर पहुंचे। कार विवेक चला रहा था। इसके बाद सब लोग कार से आकाश राठी के गांव पहुंचे और 11 मई तक वहीं रहे। सात मई को तीनों आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए थे। इसके बाद आकाश राठी ने मुजफ्फरनगर के रामपुरी इलाके से इन आरोपियों को किराये का मकान दिलाया। वहां ये सब रह रहे थे। अनुज ने आकाश राठी के साथ बुढ़ाना में एक एटीएम से 13 मई को 18 हजार रुपये निकाले। वहां की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज ली। इसके बाद पुलिस बदमाशों को खंगालने में जुट गई। तब जाकर असली हत्यारोपियों तक पुलिस पहुंच पाई।
पहले सुमित ने बरसाई गोली
हत्या के दौरान अनुज की सास मंतोष की लाइसेंसी बंदूक का इस्तेमाल किया गया। ये बंदूक अनुज के साले सुमित के पास थी। सुमित ने इस बंदूक से ही सबसे पहले अंकुर पर गोलियां बरसाईं। दूसरी बंदूक से अनुज ने गोली मारी। अंकुर को बचाने के लिए चाचा धीर सिंह दौड़ा तो आकाश ने तमंचे से उस पर गोली दाग दी। पुलिस के मुताबिक घटना को अंजाम देने के लिए पूरा प्लान नितिन तैयार करके गया था। अनुज ने जिम्मेदारी ली थी। अनुज की दोस्ती विवेक से थी। विवेक ने उसे आकाश राठी से मिलवाकर घटना को अंजाम देने को तैयार किया, तब जाकर यह दोहरा हत्याकांड हुआ। पुलिस के मुताबिक आरोपी आदित्य गैंग से भी बदला लेने की फिराक में लगे थे।
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बिजनौर । शहर कोतवाली पुलिस व स्वॉट टीम ने मुठभेड़ के दौरान गांव धौकलपुर में दस दिन पूर्व हुए दोहरे हत्याकांड के तीन आरोपियों को हत्या में प्रयुक्त कार, बंदूक व तमंचे के साथ दबोचा है। पकड़े गए तीनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था। इस हत्याकांड में नामजद किए गए तीन आरोपी पुलिस की जांच के दायरे में बेकसूर निकले हैं। हत्या में शामिल असली चेहरे सामने आ गए हैं।
एसपी डा.धर्मवीर सिंह के मुताबिक शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव धौकलपुर में नौ मई को शिक्षक धीर सिंह व उसके भतीजे अंकुर की ट्रैक्टर ट्राली से जंगल से भूसा लाते समय रास्ते में रोक कर कार में सवार लोगों ने बंदूक व तमंचों से गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। धीर सिंह के पिता महाराज सिंह ने गांव कंभौर निवासी देवेंद्र, रावणपुर निवासी दो भाई ललित व अमित, गांव धौकलपुर निवासी अनुज, उसके भाई कृष्णा व नितिन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नितिन सशस्त्र पुलिस बल में तैनात है। स्वॉट टीम व शहर कोतवाली पुलिस असली कातिलों तक पहुंचने में लगी थी। पुलिस ने ललित, अमित व देवेंद्र को हिरासत में ले लिया था। पुलिस की जांच के दौरान मेरठ जिले के जॉनी थाना क्षेत्र के गांव पिथौली निवासी विवेक, मुजफ्फरनगर जिले के भोपा थाना क्षेत्र के गांव धीराहेड़ी निवासी आकाश राठी उर्फ राजीव उर्फ टिंकल, गांव धौकलपुर निवासी अनुज, उसकी पत्नी लवली, अनुज के स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव रानानंगला निवासी साला सुमित के नाम भी प्रकाश में आए। डीआईजी मुरादाबाद ने कृष्णा, उसके भाई अनुज व सुमित पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। पुलिस की टीम हत्यारोपियों की तलाश में जुट गई। पुलिस ने आकाश राठी, सुमित व कृष्णा को नगीना रोड पर रेलवे फाटक के पास दबोचने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस ने कार में सवार तीनों आरोपियों की घेराबंदी करके उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से 12 बोर की दो बंदूक, एक तमंचा, तीन कारतूस और तीन खोखा भी बरामद हुए।
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पकड़े गए कृष्णा ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसके भाई अनुज का धीर सिंह की बेटी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। अनुज धीर सिंह की लड़की को लेकर चला गया था। धीर सिंह व उसके परिजनों ने अनुज की शिकायत की तो अनुज के पिता ने अमन सिंह ने काफी प्रयास के बाद लड़की वापस करा दी थी। इसके बाद अनुज ने धीर सिंह के परिवार के बारे में अशोभनीय टिप्पणी कर दी। धीर सिंह, उसके भाई जगवीर व जगवीर के बेटे अंकुर ने 15 अगस्त 2015 को गांव के कॉलेज में समारोह के दौरान अमन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। धीर सिंह, जगवीर व अंकुर को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। इनके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की गई। धीर सिंह व अंकुर को जमानत मिल गई जबकि जगवीर अभी भी जेल में बंद है। पिता अमन सिंह की हत्या होने से उसके बेटे नितिन व अनुज आहत थे। नितिन एसएसबी में पटना में तैनात है। तीनों भाई मिलकर पिता की हत्या करने की योजना बना रहे थे। बड़े भाई नितिन ने उनके साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। चुनाव के दौरान वह छुट्टी पर आया था। छह मई को वह अपनी ड्यूटी पर चला गया कि दोनों भाई योजनाबद्ध तरीके से अपना काम कर लें। अनुज की शादी गांव रानानंगला में राकेश की बेटी लवली से हुई है। राकेश व उसके भाई मुकेश की तीन साल पहले आदित्य गैंग ने हत्या कर दी थी। लवली अपने पिता व चाचा के साथ अपने ससुर अमन सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए अपने भाई सुमित व पति अनुज को उकसाती रहती थी। बड़े भाई नितिन व लवली की योजना के तहत भाई अनुज ने अपने दो साथी विवेक व आकाश को सात मई को बिजनौर के महादेवपुरम कॉलोनी में अपने किराये के मकान में बुलाया। कृष्णा के अलावा अनुज व लवली ने उनके साथ बैठकर हत्या का पूरा प्लान बनाया। घटना को अंजाम देने के लिए पुरानी आल्टो कार खरीदी। सात व आठ मई को गांव धौकलपुुर की कार से रेकी की। नौ मई को योजना के तहत जंगल से लौटते वक्त धीर सिंह व अंकुर की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक, एक देशी बंदूक, तमंचा बरामद किया है। पुलिस की टीम फरार अनुज, उसकी पत्नी लवली, विवेक को दबोचने की फिराक में लगी है। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम में शामिल सर्विलांस/स्वॉट प्रभारी राजकुमार शर्मा, दरोगा मनोज परमार, संजय कुमार, शहर कोतवाल राधेश्याम, दरोगा जर्रार हुसैन, दीपक कुमार, सिपाही अर्जुन समेत पूरी टीम को इनाम देने की घोषणा की है।
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तीन नामजद निकले बेकसूर
एसपी के मुताबिक पुलिस की जांच में गांव कंभौर निवासी देवेंद्र, रावणपुर निवासी ललित व अमित बेकसूर पाए गए हैं। ये घटना में शामिल नहीं थे। अमन सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया। देवेंदर अमन सिंह हत्याकांड की पैरवी कर रहा था। अमित व ललित उसमे गवाह थे। उन्हें फंसाने के लिए नामजद किया गया था। पुलिस ने मृतक के परिजनों को बुलाकर भी उन्हें संतुष्ट किया।
एटीएम से पैसे निकालने पर मिले सुराग
हत्या करने के बाद कार से सभी आरोपी महादेवपुरम स्थित आवास पर पहुंचे। कार विवेक चला रहा था। इसके बाद सब लोग कार से आकाश राठी के गांव पहुंचे और 11 मई तक वहीं रहे। सात मई को तीनों आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए थे। इसके बाद आकाश राठी ने मुजफ्फरनगर के रामपुरी इलाके से इन आरोपियों को किराये का मकान दिलाया। वहां ये सब रह रहे थे। अनुज ने आकाश राठी के साथ बुढ़ाना में एक एटीएम से 13 मई को 18 हजार रुपये निकाले। वहां की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज ली। इसके बाद पुलिस बदमाशों को खंगालने में जुट गई। तब जाकर असली हत्यारोपियों तक पुलिस पहुंच पाई।
पहले सुमित ने बरसाई गोली
हत्या के दौरान अनुज की सास मंतोष की लाइसेंसी बंदूक का इस्तेमाल किया गया। ये बंदूक अनुज के साले सुमित के पास थी। सुमित ने इस बंदूक से ही सबसे पहले अंकुर पर गोलियां बरसाईं। दूसरी बंदूक से अनुज ने गोली मारी। अंकुर को बचाने के लिए चाचा धीर सिंह दौड़ा तो आकाश ने तमंचे से उस पर गोली दाग दी। पुलिस के मुताबिक घटना को अंजाम देने के लिए पूरा प्लान नितिन तैयार करके गया था। अनुज ने जिम्मेदारी ली थी। अनुज की दोस्ती विवेक से थी। विवेक ने उसे आकाश राठी से मिलवाकर घटना को अंजाम देने को तैयार किया, तब जाकर यह दोहरा हत्याकांड हुआ। पुलिस के मुताबिक आरोपी आदित्य गैंग से भी बदला लेने की फिराक में लगे थे।