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जिनके कंधों पर सारा भार, उनकी सुरक्षा के ही नहीं इंतजाम
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बिजनौर में 20 अप्रैल को गांव काशीवाला में लाइनमैन की मौत के विरोध में जाम लगाते परिजन व ग्रामीण व प?
- फोटो : BIJNOR
जिनके कंधों पर सारा भार, उनकी सुरक्षा के ही नहीं इंतजाम
बिजनौर। बिना सीढ़ी के खंभे पर चढ़ना, न सुरक्षा बेल्ट और न हेलमेट, 40 से 45 डिग्री पारा और चिलचिलाती धूप में तपता लोहे का खंभा, जरा सा हाथ फिसला और गिरने का खतरा... आज की जीवन शैली में बिजली अहम जरूरत बन गई है, लेकिन इसकी निर्बाध आपूर्ति का जिम्मा जिन लोगों पर वे हर दिन अपनी जान खतरे में डालते हैं। लाइनों में आए फाल्ट को ठीक करने वही दशकों पुराना तरीका है। करंट का जोखिम अलग, शट डाऊन में काम कर रहे कई लाइनमैन करंट छोड़ दिए जाने के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं।
ऊर्जा निगम के बिजनौर सर्किल में लाइनमैन से लेकर एसएसओ तक के 607 नियमित पदों के सापेक्ष करीब 126 ही कर्मी तैनात हैं। खाली 484 पदों की जगह बिजली विभाग ने निजी कंपनियों के माध्यम से संविदाकर्मी रख रखे हैं। अनुबंध के समय संविदाकर्मियों के फील्ड में कार्य करने को उनकी सुरक्षा की दृष्टि के लिए हेलमेट, ग्लब्स, जूते, बेल्ट और जैकेट दिए जाना अनिवार्य रहता है। संविदा कर्मियों की माने तो काफी कर्मियों तक यह सामान नहीं पहुंचता है। हाइड्रोलिक ट्राली के दौर में साधारण सीढ़ी भी उन्हें उपलब्ध नहीं होती।
संविदा कर्मी संगठन के पश्चिमांचल अध्यक्ष रणवीर सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, लेकिन समय पर नहीं मिलती। मानदेय, ईपीएफ, पीएफ आदि के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती है। डिविजन अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि संविदा कर्मियों को समय पर सुरक्षा के सामान नहीं मिलते हैं। सालभर में एक बार यूनिफॉर्म आदि सामान उपलब्ध कराया जाता है। जबकि यह सालभर में दो बार मिलना चाहिए।
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- नियमित कर्मचारियों की कमी के कारण कुशल संविदकर्मी कार्य कर रहे हैं। संविदा कर्मियों की सुरक्षा के लिए सामान उपलब्ध कराना अनुबंध में लिखा होता है। संविदा कर्मियों की समस्याओं का निदान कराया जाता है - नंदलाल, अधीक्षण अभियंता बिजनौर
विद्युत लाइन पर कार्य करने की सुरक्षा नियमावली
1-पोल या टॉवर पर कार्य करते समय सुरक्षा बेल्ट और हेलमेट होना चाहिए
2-चालू लाइन पर कार्य करते समय इन्सुलेटिड औजार, हाथों में रबर के दस्ताने हो
3-खंभों पर चढ़ने के लिए सीढ़ी और उसे पकड़ने के लिए एक अन्य सहयोगी हो
4-उपयुक्त पोशाक पहनकर कार्य करें, लाइन में करंट बंद कराकर खंभे पर चढ़े
5-नंगे पैर का नहीं करें, रबर के जूते पहनकर विद्युत लाइन पर काम किया जाए।
6-लाइन में करंट छोड़ने से पहले चेक कर लें, कोई लाइन पर काम तो नहीं कर रहा
करंट से मौत के मामले
26 मार्च 2022: हीमपुरदीपा क्षेत्र में फाल्ट ठीक करने के दौरान हाईटेंशन लाइन के करंट लगने से संविदाकर्मी संजीव उर्फ बबलू की मौत हुई
20 अप्रैल 2022: काशीवाला निवासी गुरजीत सिंह की बढ़ापुर-सरदारपुर छायली मार्ग पर बिजली के खंभे पर फाल्ट ठीक करते समय मौत
08 मार्च 2021: गांव इस्माइलपुर में लाइन पर काम करने गए एक लाइनमैन नकुल कुमार निवासी कैमरी की करंट लगने से मौत हो गई।
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बिजनौर। बिना सीढ़ी के खंभे पर चढ़ना, न सुरक्षा बेल्ट और न हेलमेट, 40 से 45 डिग्री पारा और चिलचिलाती धूप में तपता लोहे का खंभा, जरा सा हाथ फिसला और गिरने का खतरा... आज की जीवन शैली में बिजली अहम जरूरत बन गई है, लेकिन इसकी निर्बाध आपूर्ति का जिम्मा जिन लोगों पर वे हर दिन अपनी जान खतरे में डालते हैं। लाइनों में आए फाल्ट को ठीक करने वही दशकों पुराना तरीका है। करंट का जोखिम अलग, शट डाऊन में काम कर रहे कई लाइनमैन करंट छोड़ दिए जाने के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं।
ऊर्जा निगम के बिजनौर सर्किल में लाइनमैन से लेकर एसएसओ तक के 607 नियमित पदों के सापेक्ष करीब 126 ही कर्मी तैनात हैं। खाली 484 पदों की जगह बिजली विभाग ने निजी कंपनियों के माध्यम से संविदाकर्मी रख रखे हैं। अनुबंध के समय संविदाकर्मियों के फील्ड में कार्य करने को उनकी सुरक्षा की दृष्टि के लिए हेलमेट, ग्लब्स, जूते, बेल्ट और जैकेट दिए जाना अनिवार्य रहता है। संविदा कर्मियों की माने तो काफी कर्मियों तक यह सामान नहीं पहुंचता है। हाइड्रोलिक ट्राली के दौर में साधारण सीढ़ी भी उन्हें उपलब्ध नहीं होती।
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संविदा कर्मी संगठन के पश्चिमांचल अध्यक्ष रणवीर सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, लेकिन समय पर नहीं मिलती। मानदेय, ईपीएफ, पीएफ आदि के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती है। डिविजन अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि संविदा कर्मियों को समय पर सुरक्षा के सामान नहीं मिलते हैं। सालभर में एक बार यूनिफॉर्म आदि सामान उपलब्ध कराया जाता है। जबकि यह सालभर में दो बार मिलना चाहिए।
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- नियमित कर्मचारियों की कमी के कारण कुशल संविदकर्मी कार्य कर रहे हैं। संविदा कर्मियों की सुरक्षा के लिए सामान उपलब्ध कराना अनुबंध में लिखा होता है। संविदा कर्मियों की समस्याओं का निदान कराया जाता है - नंदलाल, अधीक्षण अभियंता बिजनौर
विद्युत लाइन पर कार्य करने की सुरक्षा नियमावली
1-पोल या टॉवर पर कार्य करते समय सुरक्षा बेल्ट और हेलमेट होना चाहिए
2-चालू लाइन पर कार्य करते समय इन्सुलेटिड औजार, हाथों में रबर के दस्ताने हो
3-खंभों पर चढ़ने के लिए सीढ़ी और उसे पकड़ने के लिए एक अन्य सहयोगी हो
4-उपयुक्त पोशाक पहनकर कार्य करें, लाइन में करंट बंद कराकर खंभे पर चढ़े
5-नंगे पैर का नहीं करें, रबर के जूते पहनकर विद्युत लाइन पर काम किया जाए।
6-लाइन में करंट छोड़ने से पहले चेक कर लें, कोई लाइन पर काम तो नहीं कर रहा
करंट से मौत के मामले
26 मार्च 2022: हीमपुरदीपा क्षेत्र में फाल्ट ठीक करने के दौरान हाईटेंशन लाइन के करंट लगने से संविदाकर्मी संजीव उर्फ बबलू की मौत हुई
20 अप्रैल 2022: काशीवाला निवासी गुरजीत सिंह की बढ़ापुर-सरदारपुर छायली मार्ग पर बिजली के खंभे पर फाल्ट ठीक करते समय मौत
08 मार्च 2021: गांव इस्माइलपुर में लाइन पर काम करने गए एक लाइनमैन नकुल कुमार निवासी कैमरी की करंट लगने से मौत हो गई।