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इस बार होगा केवल गन्ना पौधे का ही सर्वे
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इस बार सिर्फ गन्ना पौधे का होगा सर्वे
बिजनौर। गन्ना विभाग इस बार केवल गन्ने के पौधे का ही सर्वे कराएगा। चालू पेराई सत्र के गन्ने के पौधे को अगले साल की पेड़ी माना जाएगा। कुछ किसानों के गन्ना सट्टे में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए गन्ना विभाग इस बार ये कदम उठाने जा रहा है।
गन्ना विभाग द्वारा गन्ने के पौधे व पेड़ी का सर्वे कराया जाता है। गन्ने की पैड़ी व पौधे के आधार पर ही किसानों को गन्ना पर्ची दी जाती है। किसान के पास पेड़ी ज्यादा होती है तो उसे पास जल्दी दिए जाते हैँ। लेकिन कुछ किसान इस व्यवस्था में फर्जीवाड़ा कराते हैं। किसान हर बार अपनी पेड़ी अधिक दिखाते हैं और पौधा कम। इससे उन्हें गन्ना पर्ची जल्दी मिलती हैं जबकि दूसरे किसानों को समय से पर्ची नहीं मिलती हैं। लेकिन ऐसे किसानों की मनमानी पर रोक लगने जा रही है। गन्ना विभाग अब केवल गन्ना पौधे का ही सर्वे कराएगा। चालू पेराई सत्र के गन्ना पौधे को अगले साल पेड़ी माना जाएगा। किसानों के पास चालू पेराई सत्र में जो पौधा है वही अगले साल पेड़ी में दर्ज हो सकेगा। यह व्यवस्था सभी किसानों के लिए लागू होगी। कोई भी किसान चालू पेराई सत्र के पौधे से अधिक पेड़ी नहीं दिखा पाएगा। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार गन्ना सर्वे जल्दी ही शुरू करा जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार केवल गन्ना पौधे का ही सर्वे होगा।
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बिजनौर। गन्ना विभाग इस बार केवल गन्ने के पौधे का ही सर्वे कराएगा। चालू पेराई सत्र के गन्ने के पौधे को अगले साल की पेड़ी माना जाएगा। कुछ किसानों के गन्ना सट्टे में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए गन्ना विभाग इस बार ये कदम उठाने जा रहा है।
गन्ना विभाग द्वारा गन्ने के पौधे व पेड़ी का सर्वे कराया जाता है। गन्ने की पैड़ी व पौधे के आधार पर ही किसानों को गन्ना पर्ची दी जाती है। किसान के पास पेड़ी ज्यादा होती है तो उसे पास जल्दी दिए जाते हैँ। लेकिन कुछ किसान इस व्यवस्था में फर्जीवाड़ा कराते हैं। किसान हर बार अपनी पेड़ी अधिक दिखाते हैं और पौधा कम। इससे उन्हें गन्ना पर्ची जल्दी मिलती हैं जबकि दूसरे किसानों को समय से पर्ची नहीं मिलती हैं। लेकिन ऐसे किसानों की मनमानी पर रोक लगने जा रही है। गन्ना विभाग अब केवल गन्ना पौधे का ही सर्वे कराएगा। चालू पेराई सत्र के गन्ना पौधे को अगले साल पेड़ी माना जाएगा। किसानों के पास चालू पेराई सत्र में जो पौधा है वही अगले साल पेड़ी में दर्ज हो सकेगा। यह व्यवस्था सभी किसानों के लिए लागू होगी। कोई भी किसान चालू पेराई सत्र के पौधे से अधिक पेड़ी नहीं दिखा पाएगा। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार गन्ना सर्वे जल्दी ही शुरू करा जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार केवल गन्ना पौधे का ही सर्वे होगा।
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