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इस बार हर्षण योग एवं रोहिणी नक्षत्र में मनाई जाएगी जन्माष्टमी
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इस बार हर्षण योग एवं रोहिणी नक्षत्र में मनाई जाएगी जन्माष्टमी
बिजनौर। इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व 30 अगस्त को मनाया जाएगा। पंडितों के अनुसार इस दिन प्रात: काल सूर्योदय से लेकर रात्रि 1:59 मिनट तक अष्टमी तिथि है। इस दिन प्रात: 6: 38 मिनट तक कृतिका नक्षत्र है, जो स्थिर योग में व्रत का प्रारंभ करेगा। इसके बाद 6:39 मिनट से रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ होगा, जो अगले दिन सुबह 9:44 मिनट तक रहेगा।
डबराल ज्योतिष सदन के प्रभारी पंडित प्रभुदत्त डबराल के अनुसार इस वर्ष श्री कृष्ण जन्माष्टमी 30 अगस्त रोहिणी नक्षत्र से युक्त है, जो सर्वमान्य है। उन्होंने बताया कि अष्टमी तिथि का प्रारंभ 29 अगस्त की रात 11:25 बजे से ही शुरू हो जाएगा, जो 30 अगस्त की रात लगभग 01:59 बजे तक रहेगी। श्रीकृष्ण जी की पूजा करने का समय निशिता काल के दौरान होता है, जो वैदिक समय के अनुसार मध्यरात्रि है।
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बिजनौर। इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व 30 अगस्त को मनाया जाएगा। पंडितों के अनुसार इस दिन प्रात: काल सूर्योदय से लेकर रात्रि 1:59 मिनट तक अष्टमी तिथि है। इस दिन प्रात: 6: 38 मिनट तक कृतिका नक्षत्र है, जो स्थिर योग में व्रत का प्रारंभ करेगा। इसके बाद 6:39 मिनट से रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ होगा, जो अगले दिन सुबह 9:44 मिनट तक रहेगा।
डबराल ज्योतिष सदन के प्रभारी पंडित प्रभुदत्त डबराल के अनुसार इस वर्ष श्री कृष्ण जन्माष्टमी 30 अगस्त रोहिणी नक्षत्र से युक्त है, जो सर्वमान्य है। उन्होंने बताया कि अष्टमी तिथि का प्रारंभ 29 अगस्त की रात 11:25 बजे से ही शुरू हो जाएगा, जो 30 अगस्त की रात लगभग 01:59 बजे तक रहेगी। श्रीकृष्ण जी की पूजा करने का समय निशिता काल के दौरान होता है, जो वैदिक समय के अनुसार मध्यरात्रि है।
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