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‘ब्याज देने के लिए सरकार पर है दबाव’
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‘ब्याज देने के लिए सरकार पर है दबाव’
बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्तूबर तक ब्याज सहित गन्ना भुगतान के निर्देश दिए हैं। रविवार दस अक्तूबर को अमरोहा में हो रही गन्ना ब्याज हुंकार रैली इस आदेश का पालन कराने के लिए सरकार पर चोट करने का काम करेगी। अगर मिल मालिकों से एक बार ब्याज ले लिया तो फिर कभी किसान को भुगतान के लिए धरना नहीं देना होगा। कहा कि लखीमपुर खीरी कांड में मंत्री पर रिपोर्ट दर्ज कर इसकी जांच गैर भाजपा शासित राज्य में होनी चाहिए। गन्ना ब्याज हुंकार रैली में जाने के लिए वीएम सिंह ने बिजनौर पहुंचे थे।
गन्ना समिति में आयोजित प्रेसवार्ता में सरदार वीएम सिंह ने कहा कि किसान को लागत का डेढ़ गुना वादा करने वाली मोदी सरकार अब गन्ने में चार साल बाद केवल 25 रुपये बढ़ा रही है। गन्ना दाम कम से कम 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए था। किसानों को विलंब भुगतान पर ब्याज देने के नाम पर नुकसान दिखाने वाले ग्रुप कई कई चीनी मिल खोल चुके हैं, जबकि किसान अब भी परेशान है। कहा कि भुगतान न मिलने पर किसान को गन्ना समिति को 23 प्रतिशत का ब्याज देना पड़ता है तो किसान को भी सरकार से ब्याज लेने का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने ब्याज सहित भुगतान देने को कहा है। सरकार पर कोर्ट का दबाव है। लखीमपुर खीरी प्रकरण में कहा कि केंद्रीय राज्यमंत्री अजय शर्मा के गलत बयान की वजह से किसान भड़के और ये हादसा हुआ। मंत्री पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इस दौरान वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा, जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, गौरव चौधरी, अंकुर कुमार सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्तूबर तक ब्याज सहित गन्ना भुगतान के निर्देश दिए हैं। रविवार दस अक्तूबर को अमरोहा में हो रही गन्ना ब्याज हुंकार रैली इस आदेश का पालन कराने के लिए सरकार पर चोट करने का काम करेगी। अगर मिल मालिकों से एक बार ब्याज ले लिया तो फिर कभी किसान को भुगतान के लिए धरना नहीं देना होगा। कहा कि लखीमपुर खीरी कांड में मंत्री पर रिपोर्ट दर्ज कर इसकी जांच गैर भाजपा शासित राज्य में होनी चाहिए। गन्ना ब्याज हुंकार रैली में जाने के लिए वीएम सिंह ने बिजनौर पहुंचे थे।
गन्ना समिति में आयोजित प्रेसवार्ता में सरदार वीएम सिंह ने कहा कि किसान को लागत का डेढ़ गुना वादा करने वाली मोदी सरकार अब गन्ने में चार साल बाद केवल 25 रुपये बढ़ा रही है। गन्ना दाम कम से कम 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए था। किसानों को विलंब भुगतान पर ब्याज देने के नाम पर नुकसान दिखाने वाले ग्रुप कई कई चीनी मिल खोल चुके हैं, जबकि किसान अब भी परेशान है। कहा कि भुगतान न मिलने पर किसान को गन्ना समिति को 23 प्रतिशत का ब्याज देना पड़ता है तो किसान को भी सरकार से ब्याज लेने का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने ब्याज सहित भुगतान देने को कहा है। सरकार पर कोर्ट का दबाव है। लखीमपुर खीरी प्रकरण में कहा कि केंद्रीय राज्यमंत्री अजय शर्मा के गलत बयान की वजह से किसान भड़के और ये हादसा हुआ। मंत्री पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इस दौरान वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा, जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, गौरव चौधरी, अंकुर कुमार सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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