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ऑक्सीजन मंगवाने की नहीं हो पा रही व्यवस्था
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बिजनौर। कोरोना से संक्रमित लोगों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के लिए अब भी बहुत पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। जिले के उद्यमियों ने मिलकर एक हजार से अधिक सिलिंडर ऑक्सीजन की व्यवस्था की, लेकिन ऑक्सीजन लाने के लिए टैंकर नहीं मिल रहा है। यह ऑक्सीजन छत्तीसगढ़ से टैंकर में भरकर आनी है। इसमें करीब सवा लाख रुपये का ट्रांसपोर्टेशन का खर्च आएगा। खर्च की व्यवस्था तो हो गई, लेकिन टैंकर की व्यवस्था अब तक नहीं हो पा रही है।
जिले में ऑक्सीजन प्लांट तो हैं, लेकिन उनमें ऑक्सीजन बनाने के लिए कियारो लिक्विड की जरूरत होती है। नजीबाबाद स्थित प्लांट कच्चा माल न मिलने की वजह से बंद पड़ा है। जिले में संक्रमण तो घट रहा है, लेकिन ऑक्सीजन की अभी तक पूर्ति नहीं हो पा रही है। ऑक्सीजन की पूर्ति करने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। जिले के उद्यमियों ने छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित जेएसडब्लू ग्रुप से एक टैंकर ऑक्सीजन की व्यवस्था की है। कंपनी ने ऑक्सीजन सेवा भाव में बिना किसी पैसे के ऑक्सीजन देने को राजी हो गई है। यह ऑक्सीजन एक हजार से 1200 सिलिंडर में आराम से भरी जा सकती है। रायपुर जिला बिजनौर से 1400 किमी से भी अधिक दूर है। वहां टैंकर लाने और आने करीब सवा लाख रुपया खर्च हो जाएगा। ट्रांसपोर्ट के खर्च का इंतजाम तो उद्यमियों ने आपस में मिलकर कर लिया है, लेकिन ऑक्सीजन लाने के लिए टैंकर की व्यवस्था करना बहुत टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। ऑक्सीजन लाने के लिए खास टैंकर का इस्तेमाल होता है। ऑक्सीजन अपने आप में बहुत ज्वलनशील होती है। इसे साधारण सिलिंडर में नहीं लाया जा सकता है। ऑक्सीजन लाने के लिए आसपास के जिलों में अब सिलिंडर की तलाश की जा रही है।
टैंकर की कर रहे व्यवस्था
उद्यमी मनी खन्ना के अनुसार ऑक्सीजन की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन उसे लाने के लिए टैंकर नहीं मिल पा रहा है। आसपास के जिलों के उद्यमियों व अफसरों से बात की जा रही है। टैंकर मिलते ही ऑक्सीजन मंगवा ली जाएगी।
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जिले में ऑक्सीजन प्लांट तो हैं, लेकिन उनमें ऑक्सीजन बनाने के लिए कियारो लिक्विड की जरूरत होती है। नजीबाबाद स्थित प्लांट कच्चा माल न मिलने की वजह से बंद पड़ा है। जिले में संक्रमण तो घट रहा है, लेकिन ऑक्सीजन की अभी तक पूर्ति नहीं हो पा रही है। ऑक्सीजन की पूर्ति करने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। जिले के उद्यमियों ने छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित जेएसडब्लू ग्रुप से एक टैंकर ऑक्सीजन की व्यवस्था की है। कंपनी ने ऑक्सीजन सेवा भाव में बिना किसी पैसे के ऑक्सीजन देने को राजी हो गई है। यह ऑक्सीजन एक हजार से 1200 सिलिंडर में आराम से भरी जा सकती है। रायपुर जिला बिजनौर से 1400 किमी से भी अधिक दूर है। वहां टैंकर लाने और आने करीब सवा लाख रुपया खर्च हो जाएगा। ट्रांसपोर्ट के खर्च का इंतजाम तो उद्यमियों ने आपस में मिलकर कर लिया है, लेकिन ऑक्सीजन लाने के लिए टैंकर की व्यवस्था करना बहुत टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। ऑक्सीजन लाने के लिए खास टैंकर का इस्तेमाल होता है। ऑक्सीजन अपने आप में बहुत ज्वलनशील होती है। इसे साधारण सिलिंडर में नहीं लाया जा सकता है। ऑक्सीजन लाने के लिए आसपास के जिलों में अब सिलिंडर की तलाश की जा रही है।
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टैंकर की कर रहे व्यवस्था
उद्यमी मनी खन्ना के अनुसार ऑक्सीजन की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन उसे लाने के लिए टैंकर नहीं मिल पा रहा है। आसपास के जिलों के उद्यमियों व अफसरों से बात की जा रही है। टैंकर मिलते ही ऑक्सीजन मंगवा ली जाएगी।
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