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डैम से रामगंगा में छोड़ा पानी खेतों में पहुंचा, फसलों को नुकसान
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अफजलगढ़ के गांव भूतपुरी के जंगल में गन्ने की फसल में भरा पानी।
- फोटो : BIJNOR
डैम से रामगंगा में छोड़ा पानी खेतों में पहुंचा, फसलों को नुकसान
अफजलगढ़। रामगंगा नदी में डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़ने से नदी का जलस्तर बढ़ गया है और किसान खेतों पर भी नहीं जा पा रहे हैं। क्षुब्ध किसानों ने गांव आलमपुर गांवड़ी में एकत्र होकर सिंचाई विभाग के प्रति विरोध प्रदर्शन किया। समस्या का समाधान न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।
किसानों ने प्रदर्शन करते हुए बताया कि गांव आलमपुर गांवड़ी सहित भज्जावाला, माननगर, भूतपुरी, मनोहरवाली, रफैतपुर हुलास सहित अन्य आधा दर्जन से अधिक किसानों की खेती रामगंगा नदी के दूसरे छोर पर है। बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा एक सप्ताह पूर्व से रामगंगा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नदी का जलस्तर बढ़ गया है और वे अपने खेतों तक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। उनकी गन्ने की फसल एक सप्ताह से खेतों में छिली पड़ी है। गन्ने की छिली फसल सूखने के कगार पर है और गेहूं की बुवाई का काम अटका पड़ा है। कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नदी में पानी कम कराने के लिए कहा, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।
कहा कि समय पर शुगर मिल तक गन्ने की फसल न पहुंच पाने के कारण किसानों की गन्ने की पर्चियां निरस्त हो रही हैं। जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही। किसानों ने डीएम से रामगंगा नदी में छोड़े जा रहे पानी को कम कराने की मांग की है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में उदयराज सिंह, जगदीश सिंह, रामकुंवर सैनी, हरिराज सिंह, हेमराज सिंह, विरेंद्र कुमार, नरेंद्र सिंह, राजकुमार, रघुनाथ सिंह, नत्थू सिंह, दयाराम सिंह, अवनीत कुमार, सुभाष कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।
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अफजलगढ़। रामगंगा नदी में डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़ने से नदी का जलस्तर बढ़ गया है और किसान खेतों पर भी नहीं जा पा रहे हैं। क्षुब्ध किसानों ने गांव आलमपुर गांवड़ी में एकत्र होकर सिंचाई विभाग के प्रति विरोध प्रदर्शन किया। समस्या का समाधान न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।
किसानों ने प्रदर्शन करते हुए बताया कि गांव आलमपुर गांवड़ी सहित भज्जावाला, माननगर, भूतपुरी, मनोहरवाली, रफैतपुर हुलास सहित अन्य आधा दर्जन से अधिक किसानों की खेती रामगंगा नदी के दूसरे छोर पर है। बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा एक सप्ताह पूर्व से रामगंगा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नदी का जलस्तर बढ़ गया है और वे अपने खेतों तक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। उनकी गन्ने की फसल एक सप्ताह से खेतों में छिली पड़ी है। गन्ने की छिली फसल सूखने के कगार पर है और गेहूं की बुवाई का काम अटका पड़ा है। कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नदी में पानी कम कराने के लिए कहा, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।
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कहा कि समय पर शुगर मिल तक गन्ने की फसल न पहुंच पाने के कारण किसानों की गन्ने की पर्चियां निरस्त हो रही हैं। जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही। किसानों ने डीएम से रामगंगा नदी में छोड़े जा रहे पानी को कम कराने की मांग की है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में उदयराज सिंह, जगदीश सिंह, रामकुंवर सैनी, हरिराज सिंह, हेमराज सिंह, विरेंद्र कुमार, नरेंद्र सिंह, राजकुमार, रघुनाथ सिंह, नत्थू सिंह, दयाराम सिंह, अवनीत कुमार, सुभाष कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।
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