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कोरोना योद्घाओं के अथक प्रयास ने दी कोरोना को मात
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बिजनौर। कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार करने में लगे कोरोना योद्धाओं ने अपनी जान और परिवार की फिक्र किए बिना समुचित उपचार किया, जिसके चलते 27 मरीज कोरोना से मुक्त होकर अपने घरों को चलते गए।
जिले में अब तक कुल 31 कोरोना संक्रमित केस मिल चुके हैं। इनमें से 20 मरीज ठीक हो चुके हैं। इनमें से 18 एल-1 ग्रेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर पर थे और दो मुरादाबाद में तीर्थंकर महावीर हॉस्पिटल में भर्ती थे। इसके अलावा जनपद मुरादाबाद के भी नौ मरीज हल्दौर में ही क्वारंटीन थे। सात मरीज संभल में भर्ती हैं और चांदपुर का चिकित्सक तथा उसकी पत्नी मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। शनिवार को चिकित्सक का पुत्र और चांदपुर के ही मोहल्ला चाहसंग का रहने वाला एक अन्य युवक भी कोरोना पॉजिटिव मिला है।
संक्रमित मरीज के उपचार में चिकित्सकों का अहम रोल
सीएमओ विजय कुमार यादव का कहना है कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि चिकित्सकों के अथक प्रयास से ही कोरोना से जंग जीती गई है। उनके चिकित्सकों और अन्य मेडिकल स्टाफ ने मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार किया और उन्हें भर्ती कर सैंपलिंग करने से लेकर उपचार करने तक पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम किया। इन कोरोना योद्धाओं ने कोरोना से हार नहीं मानी और बिना डरे संक्रमित मरीजों का उपचार किया।
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डर तो रहता था, लेकिन फिर भी निभाते थे फर्ज
प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर के प्रभारी चिकित्साधिकारी मदनपाल सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमितों का इलाज करने में उन समेत कुल 25 स्वास्थ्यकर्मी लगे थे। उन्होंने बताया कि समय-समय पर सारी व्यवस्थाएं देखने की जिम्मेदारी उनकी ही थी। इसलिए कोई भी परेशानी होने पर वे उसका समाधान कराते थे। हर समय उन्हें संक्रमित होने का डर तो बना रहता था, लेकिन सबसे पहले उपचार करना ही उनका फर्ज था।
चिकित्सकों की मेहनत ने दिया मरीजों को नया जीवन
कोरोना के नोडल अधिकारी पीआर नायर ने बताया कि मेडिकल टीम ने मरीजों का उपचार कर मरीजों को नया जीवन दिया है। वास्तव में इनका काम सराहनीय है। उन्होंने सभी चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों तथा अन्य कोरोना योद्धाओं से इस काम में परस्पर एक दूसरे के साथ सहयोग की भावना से काम करने की अपील की है।
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जिले में अब तक कुल 31 कोरोना संक्रमित केस मिल चुके हैं। इनमें से 20 मरीज ठीक हो चुके हैं। इनमें से 18 एल-1 ग्रेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर पर थे और दो मुरादाबाद में तीर्थंकर महावीर हॉस्पिटल में भर्ती थे। इसके अलावा जनपद मुरादाबाद के भी नौ मरीज हल्दौर में ही क्वारंटीन थे। सात मरीज संभल में भर्ती हैं और चांदपुर का चिकित्सक तथा उसकी पत्नी मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। शनिवार को चिकित्सक का पुत्र और चांदपुर के ही मोहल्ला चाहसंग का रहने वाला एक अन्य युवक भी कोरोना पॉजिटिव मिला है।
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संक्रमित मरीज के उपचार में चिकित्सकों का अहम रोल
सीएमओ विजय कुमार यादव का कहना है कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि चिकित्सकों के अथक प्रयास से ही कोरोना से जंग जीती गई है। उनके चिकित्सकों और अन्य मेडिकल स्टाफ ने मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार किया और उन्हें भर्ती कर सैंपलिंग करने से लेकर उपचार करने तक पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम किया। इन कोरोना योद्धाओं ने कोरोना से हार नहीं मानी और बिना डरे संक्रमित मरीजों का उपचार किया।
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डर तो रहता था, लेकिन फिर भी निभाते थे फर्ज
प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर के प्रभारी चिकित्साधिकारी मदनपाल सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमितों का इलाज करने में उन समेत कुल 25 स्वास्थ्यकर्मी लगे थे। उन्होंने बताया कि समय-समय पर सारी व्यवस्थाएं देखने की जिम्मेदारी उनकी ही थी। इसलिए कोई भी परेशानी होने पर वे उसका समाधान कराते थे। हर समय उन्हें संक्रमित होने का डर तो बना रहता था, लेकिन सबसे पहले उपचार करना ही उनका फर्ज था।
चिकित्सकों की मेहनत ने दिया मरीजों को नया जीवन
कोरोना के नोडल अधिकारी पीआर नायर ने बताया कि मेडिकल टीम ने मरीजों का उपचार कर मरीजों को नया जीवन दिया है। वास्तव में इनका काम सराहनीय है। उन्होंने सभी चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों तथा अन्य कोरोना योद्धाओं से इस काम में परस्पर एक दूसरे के साथ सहयोग की भावना से काम करने की अपील की है।