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ग्राम प्रधान पर लगे आरोपों की जांच को नही पहुंची टीम
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जांच के लिए फिर गांव नहीं पहुंची टीम
नूरपुर। ब्लॉक की ग्राम पंचायत झीरन के ग्राम पंचायत सदस्यों द्वारा ग्राम प्रधान पर लगाए गए धांधली बरतने के आरोपों की जांच के लिए जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम के गांव न पहुंचने पर शिकायतकर्ताओं में रोष है।
ग्राम पंचायत झीरन के विजयपाल, शशि देवी, दयावती, हरपाल सिंह, प्रीतम कुमार, अंकुर आदि ग्राम पंचायत सदस्यों ने 13 नवंबर 2019 को शपथपत्रों के साथ ग्राम प्रधान कपिल कुमार पर विकास कार्यों में धांधली बरतने की शिकायत डीएम से की थी। डीएम ने भूमि संरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्य जांच समिति का गठन करते हुए जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए थे। जांच समिति ने शिकायतकर्ताओं को 24 जनवरी को जांच के लिए गांव आने को सूचित किया था, लेकिन जांच अधिकारी गांव में नही पहुंचे। बाद में जांच के लिए 22 फरवरी की तिथि निर्धारित की गई । इसकी सूचना भी शिकायतकर्ताओं को पत्र के माध्यम से दी गई। 22 फरवरी को ग्रामवासी पूरे दिन जांच टीम के आने की बाट जोहते रहे, लेकिन टीम गांव में नहीं पहुंची। ग्रामवासियों को अवगत कराया गया कि जांच के लिए अगली तिथि की सूचना जल्दी ही भेजी जाएगी। अधिकारियों की इस टाल मटोल से ग्रामवासियों में काफी रोष है। शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर विकास कार्यों की जांच शीघ्र कराने की मांग की है।
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नूरपुर। ब्लॉक की ग्राम पंचायत झीरन के ग्राम पंचायत सदस्यों द्वारा ग्राम प्रधान पर लगाए गए धांधली बरतने के आरोपों की जांच के लिए जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम के गांव न पहुंचने पर शिकायतकर्ताओं में रोष है।
ग्राम पंचायत झीरन के विजयपाल, शशि देवी, दयावती, हरपाल सिंह, प्रीतम कुमार, अंकुर आदि ग्राम पंचायत सदस्यों ने 13 नवंबर 2019 को शपथपत्रों के साथ ग्राम प्रधान कपिल कुमार पर विकास कार्यों में धांधली बरतने की शिकायत डीएम से की थी। डीएम ने भूमि संरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्य जांच समिति का गठन करते हुए जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए थे। जांच समिति ने शिकायतकर्ताओं को 24 जनवरी को जांच के लिए गांव आने को सूचित किया था, लेकिन जांच अधिकारी गांव में नही पहुंचे। बाद में जांच के लिए 22 फरवरी की तिथि निर्धारित की गई । इसकी सूचना भी शिकायतकर्ताओं को पत्र के माध्यम से दी गई। 22 फरवरी को ग्रामवासी पूरे दिन जांच टीम के आने की बाट जोहते रहे, लेकिन टीम गांव में नहीं पहुंची। ग्रामवासियों को अवगत कराया गया कि जांच के लिए अगली तिथि की सूचना जल्दी ही भेजी जाएगी। अधिकारियों की इस टाल मटोल से ग्रामवासियों में काफी रोष है। शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर विकास कार्यों की जांच शीघ्र कराने की मांग की है।
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