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Bijnor News: मूल स्वरूप में दिखाई दे रही पत्थरगढ़ किले की बावड़ी
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नजीबाबाद के पत्थरगढ़ किले में बावड़ी की बनाई गई सीढि़यां।
- पत्थरगढ़ किले की बावड़ी का जीर्णोंद्धार अंतिम चरणों में
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद। नबाव नजीबुद्दौला के बनाए पत्थरगढ़ किले की खस्ताहाल बावड़ी अब अपने मूल स्वरूप में दिखाई देने लगी है। पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने बावड़ी के जीर्णोद्वार का कार्य पूरा कर लिया है।
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन पत्थरगढ़ किले की बावड़ी कई दशक पूर्व अपने अस्तित्व को खो चुकी थी। पत्थरगढ़ किले को बचाने के लिए पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने जीर्णोद्धार कार्य शुरू कराया। पुरातत्व विभाग ने दोनों द्वार की मरम्मत के साथ विभाग ने किले की खस्ताहाल बावड़ी को मूलस्वरूप देने का अभियान चलाया है। बावड़ी की चारों ओर करीब 10 फीट गहराई तक खस्ताहाल हो चुकी सीढि़यों की मरम्मत का कार्य करीब चार माह पूर्व शुरू हुआ था। एक ओर नीचे उतरने के लिए करीब 36 सीढि़यां हैं। नीचे की ओर गोलाई के साथ कुआंनुमा आकृति में प्राकृतिक स्रोत का पानी है।
विभाग ने किले के दोनों द्वार की मरम्मत के साथ अन्य दो छोटे द्वारों की मरम्मत और गेट आदि लगवाए गए हैं। बावड़ी की सीढि़यों की मरम्मत का कार्य अंतिम चरणों में है।
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- मुख्य द्वारों को जोड़ने के लिए भी बनेगा मार्ग
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की पत्थरगढ़ किले के दो मुख्य और दो छोटे द्वारों को संपर्क मार्गाें के माध्यम से जोड़ने की योजना है। संरक्षण सहायक रवि कुमार ने बताया कि किले में चार मीटर चौड़ा खड़ंजा 496 मीटर की दूरी तक बनाया जाएगा। खड़ंजे में ईंटों के बजाय टाइल्स का प्रयोग किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद। नबाव नजीबुद्दौला के बनाए पत्थरगढ़ किले की खस्ताहाल बावड़ी अब अपने मूल स्वरूप में दिखाई देने लगी है। पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने बावड़ी के जीर्णोद्वार का कार्य पूरा कर लिया है।
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन पत्थरगढ़ किले की बावड़ी कई दशक पूर्व अपने अस्तित्व को खो चुकी थी। पत्थरगढ़ किले को बचाने के लिए पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने जीर्णोद्धार कार्य शुरू कराया। पुरातत्व विभाग ने दोनों द्वार की मरम्मत के साथ विभाग ने किले की खस्ताहाल बावड़ी को मूलस्वरूप देने का अभियान चलाया है। बावड़ी की चारों ओर करीब 10 फीट गहराई तक खस्ताहाल हो चुकी सीढि़यों की मरम्मत का कार्य करीब चार माह पूर्व शुरू हुआ था। एक ओर नीचे उतरने के लिए करीब 36 सीढि़यां हैं। नीचे की ओर गोलाई के साथ कुआंनुमा आकृति में प्राकृतिक स्रोत का पानी है।
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विभाग ने किले के दोनों द्वार की मरम्मत के साथ अन्य दो छोटे द्वारों की मरम्मत और गेट आदि लगवाए गए हैं। बावड़ी की सीढि़यों की मरम्मत का कार्य अंतिम चरणों में है।
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- मुख्य द्वारों को जोड़ने के लिए भी बनेगा मार्ग
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की पत्थरगढ़ किले के दो मुख्य और दो छोटे द्वारों को संपर्क मार्गाें के माध्यम से जोड़ने की योजना है। संरक्षण सहायक रवि कुमार ने बताया कि किले में चार मीटर चौड़ा खड़ंजा 496 मीटर की दूरी तक बनाया जाएगा। खड़ंजे में ईंटों के बजाय टाइल्स का प्रयोग किया जाएगा।