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Bijnor News: साइबर ठग बन गया मामा, भांजे को बना दिया मामू

Wed, 16 Apr 2025 11:50 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Wed, 16 Apr 2025 11:50 PM IST
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The son kept asking for help, the jam stopped the mother's breathing
बिजनौर। साइबर ठगी लगातार बढ़ रही है। कभी रिश्तेदार तो कभी पुलिस या ब्लैकमेलर बनकर साइबर ठग लोगों से पैसा ऐंठ रहे हैं। एक मामले में एक युवक को उसका मामा बनाकर उससे पांच हजार रुपये ठग लिए गए। वहीं एक दूसरे मामले में एप डाउनलोड करते ही फोटो एडिट कर युवती को ब्लैक मेल किया जाने लगा। पिछले साल 3292 लोगों से 11 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई थी। वहीं इस साल पिछले साढ़े तीन महीनों में अब तक 850 लोगों से करीब दो करोड़ रुपये ठगे जा चुके हैं। ठगी का शिकार छात्र से लेकर नौकरीपेशा तक सभी हो रहे हैं। ऐसे में साइबर पुलिस लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है।
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केस-1
शहर में ही एक बैंक में कार्यरत एक युवती ने करीब दो माह पहले सोशल मीडिया पर आ रहे एक एप को डाउनलोड कर लिया। इसके बाद साइबर ठगों ने मोबाइल से सारे नंबर और फोटो निकाल लिए। उन्हें एडिट कर अश्लील फोटो बनाए। विदेशी नंबर से व्हाट्सएप पर धमकी दी कि दस हजार रुपये नहीं दिए तो फोटो रिश्तेदारों को भेज देंगे। युवती ने साइबर पुलिस से मदद मांगी। साइबर पुलिस ने नंबर को ब्लॉक कराकर सारा डाटा सुरक्षित करा दिया।
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केस-2
स्योहारा निवासी अंकुल कुमार ने साइबर पुलिस को शिकायत कर बताया कि एक व्यक्ति का फोन आया। उस पर मामा बोल रहा हूं, मामी की हालत खराब है। अस्पताल में हूं, पांच हजार रुपये की तुरंत जरूरत है। अंकुल ने बताया कि उसने पांच हजार रुपये डाल दिए। दोबारा पूछने के लिए फोन किया तो नंबर बंद आने लगा। फिर मामा के दूसरे नंबर पर कॉल करके पता चला उन्होंने फोन नहीं किया था। साइबर ठग ने पैसे ऐंठ लिए।
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केस-3
नूरपुर क्षेत्र की एक युवती ने बताया कि उसके नाम से एक फर्जी अकाउंट बनाकर किसी ने अश्लील फोटो और वीडियो डाल दिए। जांच में पता चला कि यह अकाउंट कुवैत से चल रहा था। इसमें फोटो फेसबुक और व्हाट्सएप स्टेटस से उठाए गए थे। उन्हें एडिट किया गया। साइबर पुलिस ने इन अकाउंट को बंद कराकर सारे फोटो हटवाए।

केस-4
स्योहारा निवासी राजीव ने साइबर थाने में शिकायत कर बताया कि वर्ष 2024 में सितंबर माह से वह एक इंवेस्टमेंट एप के जरिए रुपये शेयर बाजार में लगा रहा था। उस पर उसका पैसा बढ़ता हुआ दिख रहा था। छह माह बाद उसे रिटर्न देने के लिए कहा गया था। वह उसमें सात लाख रुपये लगा चुका था। जब रिटर्न मांगा गया तो वह नहीं मिला। पता करने पर पता चला कि वह फर्जी एप था। साइबर पुलिस इसकी जांच कर रही है।

किन बातों का रखें ध्यान
-अज्ञात मोबाइल एप के माध्यम से लोन लेने और इंवेस्ट करने से बचें
-अनाधिकृत एप इंस्टाल न करें, केवल प्ले स्टोर से ही एप डाउनलोड करें
-अपने ई-मेल का पासवर्ड स्ट्रांग रखें और किसी से शेयर न करें
-कॉल करके कोई पुलिस, जज या आयकर अधिकारी बताए तो कॉल न उठाएं
-साइबर अपराध होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें
साइबर ठग तरह-तरह के प्रलोभन देते हैं। वहीं कई मामलों में धमकी देते हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। इसकी शिकायत साइबर पुलिस से करें। सतर्कता बरतकर ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है।
--संजीव वाजपेयी, एएसपी सिटी बिजनौर
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