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Bijnor News: मदद मांगता रहा बेटा, जाम ने रोक दी मां की सांसें
Wed, 16 Apr 2025 11:49 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 16 Apr 2025 11:49 PM IST
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बढ़ापुर में दिल का दौरा पड़ने से मरने वाली सरला देवी का फाइल फोटो।
- फोटो : यूनिवर्सिटी
बढ़ापुर/बिजनौर। कस्बे के मुख्य बाजार में संकरे मार्ग पर लगने वाले जाम ने सरला देवी (60) की सांसें रोक दीं। वे कार से शादी समारोह में बिजनौर जा रहीं थीं कि अचानक दिल का दौरा पड़ गया। बेटा मदद के लिए चिल्लाता रहा लेकिन जाम के कारण कार को निकलने में डेढ़ घंटा लग गया। समय पर उपचार नहीं मिलने से वृद्धा की मौत हो गई।
घटना मंगलवार शाम करीब सात बजे की है। सरला देवी का बेटा नीरज कुमार बढ़ापुर नगर पंचायत में सहायक लिपिक है। दोनों परिवार के साथ वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने कार से बिजनौर जा रहे थे। मुख्य बाजार में नगर पुलिस चौकी के पास जाम लगा था। उनकी कार भी जाम में फंस गई। इस दौरान कार में बैठी सरला देवी दिल का दौरा पड़ने से बेहोश हो गईं।
नीरज उन्हें इलाज के लिए ले जाने के लिए कार को रास्ता देने की गुहार लगाता रहा। पुलिस कर्मी भी मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने में जुट गए। इसके बावजूद करीब डेढ़ घंटे बाद नीरज की कार जाम से निकल सकी। सरला देवी को स्थानीय निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया। वहां से उन्हें हायर सेंटर ले जाने को कहा गया। बिजनौर ले जाते समय रास्ते में सरला देवी की मौत हो गई। नीरज का कहना है कि यदि मां को समय पर उपचार मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी।
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घटना मंगलवार शाम करीब सात बजे की है। सरला देवी का बेटा नीरज कुमार बढ़ापुर नगर पंचायत में सहायक लिपिक है। दोनों परिवार के साथ वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने कार से बिजनौर जा रहे थे। मुख्य बाजार में नगर पुलिस चौकी के पास जाम लगा था। उनकी कार भी जाम में फंस गई। इस दौरान कार में बैठी सरला देवी दिल का दौरा पड़ने से बेहोश हो गईं।
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नीरज उन्हें इलाज के लिए ले जाने के लिए कार को रास्ता देने की गुहार लगाता रहा। पुलिस कर्मी भी मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने में जुट गए। इसके बावजूद करीब डेढ़ घंटे बाद नीरज की कार जाम से निकल सकी। सरला देवी को स्थानीय निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया। वहां से उन्हें हायर सेंटर ले जाने को कहा गया। बिजनौर ले जाते समय रास्ते में सरला देवी की मौत हो गई। नीरज का कहना है कि यदि मां को समय पर उपचार मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी।
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