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Bijnor News: धामपुर - चौपालों पर होगा ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान

Wed, 18 Jan 2023 12:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Wed, 18 Jan 2023 12:23 AM IST
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The problems of the villagers will be solved on the chaupals
क्षेत्र के गांव में आयोजित चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीणों की समस्याओं को सुनते अधिकारी
- विकास विभाग के अधिकारियों ने शुरू की कवायद, दी जाएगी सरकारी योजनाओं की जानकारी
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- प्रत्येक शुक्रवार को ब्लाॅक में कम से कम दो-दो ग्राम सभाओं में चौपालों का आयोजन करना जरूरी
फोटो चार
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। अब ग्रामीणों की विकास संबंधित हर प्रकार की समस्याओं का निदान गांवों में ही चौपालों के माध्यम से होगा। उन्हें ब्लाॅक मुख्यालयों पर चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार के आदेश पर विकास विभाग की ओर से गांवों में चौपालों का आयोजन कर लोगों की समस्याओं का निदान करने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रत्येक शुक्रवार को ब्लाॅक में कम से कम दो-दो ग्राम सभाओं में चौपालों का आयोजन करना जरूरी किया गया है।
तहसील क्षेत्र धामपुर में चार ब्लाॅक अल्हैपुर, नहटौर, स्योहारा और अफजलगढ़ शामिल हैं। इन सभी ब्लाॅकों में करीब 300 ग्राम सभाएं हैं। अल्हैपुर में 97 और नहटौर में करीब 96 ग्राम सभाएं हैं। सभी ग्राम सभाओं में चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों की विकास से संबंधित समस्याओं और शिकायतों का निदान गांव में ही होगा। अल्हैपुर ब्लाक के खंड विकास अधिकारी मनीषदत्त का कहना है कि इन चौपालों में गांव के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने का हक है। ग्रामीणों को इन चौपालों में अपने दैनिक कार्यों को करने के बाद जरूर प्रतिभाग करना चाहिए। ग्रामीण जब प्रतिभाग करेंगे, उन्हें तभी चौपालों की महत्ता का पता लग सकेगा।
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नहटौर ब्लाॅक के प्रभारी खंड विकास अधिकारी दीनदयाल सिंह का कहना है कि सरकार की ओर से चौपालों को आयोजन ग्रामीणों को सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने को किया गया है। ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभ उठाने को आगे आना चाहिए। ग्रामसभा स्तर पर संपन्न होने वाले ऐसे कार्यक्रमों में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहते हैं। चौपालों में सबसे ज्यादा शिकायतें गंदगी आदि की जाती हैं, लेकिन वर्तमान में निराश्रित गोवंशीय पशुओं का मुद्दा भी ज्वलंत बना है। मनरेगा श्रमिकों की की ओर से सौ दिन काम करने की शिकायत आती है। जिनका निदान अधिकारियों की ओर से चौपाल स्तर पर ही किया जा रहा है।
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