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भरने लगे बैराज रोड के गड्ढे, बाद में होंगे पक्के
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बिजनौर में बैराज रोड पर गड्ढ़ा भरने को होता काम।
- फोटो : BIJNOR
भरने लगे बैराज रोड के गड्ढे, बाद में होंगे पक्के
बिजनौर। मेरठ-पौड़ी हाईवे की सुध आखिरकार अफसरों ने लेनी शुरू कर दी है। पिछले दो दिन से मीरापुर से बिजनौर के बीच में सबसे पहले गहरे गड्ढे भरने का काम चल रहा है। बैराज पुल से बिजनौर की ओर बड़े गड्ढों में गिट्टी-बजरी डालकर उन्हें भर दिया गया है। हालांकि यह गड्ढे अस्थायी रूप से भरे गए हैं। हाईवे अथॉरिटी के अफसर बरसात का मौसम जाने के बाद इन गड्ढों को स्थायी रूप से भरने का दावा कर रहे हैं। अमर उजाला ने हाईवे की बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।
पिछले काफी समय से दिल्ली-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बदतर हो गई थी। हाईवे पर बिजनौर से बैराज और बैराज पुल से मीरापुर के बीच गहरे गड्ढे बन गए थे, जिससे रोजाना कोई न कोई हादसा सुनने को मिलता ही रहता था। एक सितंबर के अंक में अमर उजाला ने ‘ये कैसा हाईवे, छह किमी में 623 गड्ढे’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसके बाद डीएम से लेकर एनएचएआई के संबंधित अधिकारियों तक ने शीघ्र ही इसकी हालत में सुधार कराने की बात कही। हरकत में आए एनएचएआई के अफसरों ने बारिश रुकते ही गड्ढे भरवाने का दावा किया था। बुधवार को यह दावा धरातल पर उतरता दिखा। बिजनौर से बैराज के बीच छोटे गड्ढे तो नहीं, लेकिन बड़े गड्ढे जरूर गिट्टी और बजरी से पाट दिए गए हैं। पहले इन गड्ढों में ट्रक के पलटने का खतरा भी बना रहता था।
कुछ दिन बाद स्थायी रूप से भरवा देंगे गड्ढे : पीडी
एनएच -119 के पीडी दिनेश कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि पिछले कई दिनों से बारिश हो रही थी, इस कारण गड्ढे नहीं भरे जा रहे थे। जैसे ही बारिश रुकी, गड्ढे भरवाने का काम शुरू हो चुका है। मीरापुर से बिजनौर के बीच गड्ढे भरने का काम चल रहा है। अभी अस्थायी सामग्री डाली गई है, बारिश का मौसम जाने के बाद गड्ढों को स्थायी तौर पर भरवा दिया जाएगा।
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बिजनौर। मेरठ-पौड़ी हाईवे की सुध आखिरकार अफसरों ने लेनी शुरू कर दी है। पिछले दो दिन से मीरापुर से बिजनौर के बीच में सबसे पहले गहरे गड्ढे भरने का काम चल रहा है। बैराज पुल से बिजनौर की ओर बड़े गड्ढों में गिट्टी-बजरी डालकर उन्हें भर दिया गया है। हालांकि यह गड्ढे अस्थायी रूप से भरे गए हैं। हाईवे अथॉरिटी के अफसर बरसात का मौसम जाने के बाद इन गड्ढों को स्थायी रूप से भरने का दावा कर रहे हैं। अमर उजाला ने हाईवे की बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।
पिछले काफी समय से दिल्ली-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बदतर हो गई थी। हाईवे पर बिजनौर से बैराज और बैराज पुल से मीरापुर के बीच गहरे गड्ढे बन गए थे, जिससे रोजाना कोई न कोई हादसा सुनने को मिलता ही रहता था। एक सितंबर के अंक में अमर उजाला ने ‘ये कैसा हाईवे, छह किमी में 623 गड्ढे’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसके बाद डीएम से लेकर एनएचएआई के संबंधित अधिकारियों तक ने शीघ्र ही इसकी हालत में सुधार कराने की बात कही। हरकत में आए एनएचएआई के अफसरों ने बारिश रुकते ही गड्ढे भरवाने का दावा किया था। बुधवार को यह दावा धरातल पर उतरता दिखा। बिजनौर से बैराज के बीच छोटे गड्ढे तो नहीं, लेकिन बड़े गड्ढे जरूर गिट्टी और बजरी से पाट दिए गए हैं। पहले इन गड्ढों में ट्रक के पलटने का खतरा भी बना रहता था।
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कुछ दिन बाद स्थायी रूप से भरवा देंगे गड्ढे : पीडी
एनएच -119 के पीडी दिनेश कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि पिछले कई दिनों से बारिश हो रही थी, इस कारण गड्ढे नहीं भरे जा रहे थे। जैसे ही बारिश रुकी, गड्ढे भरवाने का काम शुरू हो चुका है। मीरापुर से बिजनौर के बीच गड्ढे भरने का काम चल रहा है। अभी अस्थायी सामग्री डाली गई है, बारिश का मौसम जाने के बाद गड्ढों को स्थायी तौर पर भरवा दिया जाएगा।
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