सपा-रालोद गठबंधन: रालोद को सीटें मिलने की तस्वीर लगभग साफ, तैयारी में जुटे दावेदार
नहटौर विधानसभा सीट पर एक पुराने नेता की स्थिति मजबूत बताई जा रही है। वहीं दूसरे दावेदार भी टिकट मिलने का दावा ठोक रहे हैं। हालांकि पार्टी जिलाध्यक्ष अली अदनान अगले दो से तीन दिन में सीट और प्रत्याशियों की घोषणा होने की बात कह रहे हैं।
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बिजनौर जिले में सपा-रालोद गठबंधन में सीटें मिलने की तस्वीर लगभग साफ हो रही है। रालोद खेमे में चर्चा है कि बिजनौर, नहटौर के साथ-साथ चांदपुर सीट भी रालोद को मिल रही है। हालांकि इसे लेकर चर्चा यह भी है कि इनमें से एक सीट पर रालोद के सिंबल पर सपा का प्रत्याशी भी चुनाव लड़ सकता है। ऐसे में बिजनौर सीट पर टिकट पाने वालों के समीकरण में बदलाव भी देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि जिले में रालोद को मिलने वाली सीट और टिकट पाने वाले प्रत्याशियों के नाम पर अगले दो से तीन दिन में मुहर लग सकती है।
बुधवार को रालोद को गठबंधन में 36 सीटें मिलने की चर्चा चली तो बिजनौर जिले में भी रालोद के खाते में आने वाली सीटों को लेकर चर्चाएं तेज रहीं। पार्टी सूत्र कहते हैं कि बिजनौर और नहटौर सीट तो पहले ही रालोद के खाते में आ चुकी थी। अब चांदपुर भी रालोद को ही मिलने की संभावना बढ़ गई है। इसी के साथ इसकी संभावना भी बढ़ गई है कि इन तीन में से एक सीट पर रालोद के टिकट पर सपा का प्रत्याशी चुनाव लड़ सकता है।
टिकट बंटवारे की बात करें तो बिजनौर सीट पर सबसे ज्यादा गहमागहमी नजर आ रही है। बिजनौर में यूं तो अब तक जिलाध्यक्ष अली अदनान, डॉ.नीरज चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल सिंह, नागेंद्र पंवार, बृजवीर सिंह, प्रवीण सिंह देशवाल, राजेंद्र सिंह, योगेंद्र पाल सिंह राणा, पूर्व डीएम एसके वर्मा, पूनम चौधरी, पूर्व विधायक सुखवीर सिंह का नाम दावेदारों की लिस्ट में चल रहा था।
बुधवार को पड़ोसी जिले मुजफ्फरनगर निवासी एक और मुस्लिम नेता का नाम दावेदारों की लिस्ट में बढ़ गया, इससे पूरे दिन सियासी सरगर्मी बढ़ी रही। उधर चांदपुर सीट पर मिलने वाले टिकट के बाद बिजनौर में तस्वीर साफ होने की चर्चा भी जोरों पर है।
भाजपा में दिनभर चलती रही दिल्ली की बैठकों की चर्चा
बिजनौर जिले की आठों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पर फैसला दिल्ली में होना है। इसके लिए दो दिन से दिल्ली में मंथन चल रहा है। लखनऊ से दिल्ली पहुंची लिस्ट में नाम होने की उम्मीद जिन नेताओं को हैं, वह दिल्ली में ही डेरा डाले हुए हैं। जिले में भाजपा खेमे में टिकट पाने वाले प्रत्याशियों के नाम के कयास ही लगाए जाते रहे। पार्टी सूत्रों की माने तो दिल्ली में अभी केवल नाम पर स्थिति साफ होनी है, नाम की घोषणा होने में कुछ समय लग सकता है। अभी तक सभी दावेदार अपना नाम उस लिस्ट में मान रहे हैं और टिकट पाने को पूरे जोर लगा रहे हैं।