{"_id":"5f7e08938ebc3e9bb9259519","slug":"the-people-who-burn-garbage-are-being-kept-from-satellite-bijnor-news-mrt5050178168","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेटेलाइट से रखी जा रही है कूड़ा जलाने वालों पर नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेटेलाइट से रखी जा रही है कूड़ा जलाने वालों पर नजर
विज्ञापन
सेटेलाइट से रखी जा रही है कूड़ा जलाने वालों पर नजर
बिजनौर। जिले की हवा अभी बिलकुल साफ है लेकिन अक्तूबर में दिल्ली की हवा खराब होने लगी है जिले की हवा में दिल्ली का ही स्मॉग आता है। लेकिन यह भी सच है कि कुछ किसान खेतों में फसलों के अवशेष जलाते हैं और नगर पालिका कर्मचारी भी कूड़ा जलाने से बाज नहीं आते। लेकिन अब सेटेलाइट से भी कूड़ा जलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। कूड़ा या फसल अवशेष जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
हवा में पाए मिलने वाले धूल व धुएं के कणों के आधार पर हवा की गुणवत्ता मापी जाती है। अगर प्रति घन मीटर हवा में धूल व धुएं के कण की मात्रा 100 माइक्रोग्राम तक रहती है तो इसका मतलब है कि जिले की हवा साफ है। बिजनौर की हवा में धूल व धुएं के कण की संख्या 73 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। चिंताजनक बात यह है कि दिल्ली का स्मॉग जिले की आबोहवा को भी प्रभावित करता है। खासतौर पर जिले में दीपावली के बाद तो हवा में धूल और धुएं के कणों की संख्या 140 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से भी अधिक हो जाती है।
ऐसे आता है स्मॉग
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी जेपी मौर्य के अनुसार अक्तूबर में मौसम बदलता है और ठंडक बढ़ने लगती है। हवा में नमी बढ़ती है। नमी हवा में मौजूद धूल व धुएं के कणों पर बैठने लगती है। इससे धूल के कण फूलकर कुछ मोटे हो जाते हैं। लगातार नमी बढ़ने पर ये धीरे-धीरे नीचे आने लगते हैं। साइज फूल जाने की वजह से ये कोहरे जैसा रूप ले लेते हैं। जो भी वायुमंडल में जाता है वह बैठने के बजाए इस तरह कुछ समय के लिए हवा में स्थिर हो जाता है।
विज्ञापन
पराली नहीं, जलता है कूड़ा
जिले के किसान पराली नहीं जलाते हैं। लेकिन अज्ञानता में कूड़ा जलाते हैं। नगर पालिका व पंचायतों के कर्मचारी खुलेआम कूड़ा जलाते हैं। यहां तक कि डीएम कंपाउंड के आसपास भी कूड़ा जलाया जाता है। इस पर कभी कोई ध्यान नहीं देता है।
ये बरतें सावधानी
किसान किसी भी तरह के अवशेष खेतों में न जलाएं। साथ ही घरों के बाहर, सड़क पर कूड़ा न जलाएं। नगर पालिका के कर्मचारी भी सड़क किनारे कूड़ा जलाते हैं। जनता व अधिकारी सफाई कर्मचारियों को ऐसा न करने दें।
एफआईआर दर्ज होगी
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र ने कहा कि कूड़ा या फसल अवशेष जलने की घटनाओं पर सेटेलाइट से नजर रखी जा रही है। कूड़ा या फसल अवशेष जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके लिए गांवों में लेखपालों व कानूनगों की ड्यूटी लगा दी गई है।
विज्ञापन
बिजनौर। जिले की हवा अभी बिलकुल साफ है लेकिन अक्तूबर में दिल्ली की हवा खराब होने लगी है जिले की हवा में दिल्ली का ही स्मॉग आता है। लेकिन यह भी सच है कि कुछ किसान खेतों में फसलों के अवशेष जलाते हैं और नगर पालिका कर्मचारी भी कूड़ा जलाने से बाज नहीं आते। लेकिन अब सेटेलाइट से भी कूड़ा जलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। कूड़ा या फसल अवशेष जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
हवा में पाए मिलने वाले धूल व धुएं के कणों के आधार पर हवा की गुणवत्ता मापी जाती है। अगर प्रति घन मीटर हवा में धूल व धुएं के कण की मात्रा 100 माइक्रोग्राम तक रहती है तो इसका मतलब है कि जिले की हवा साफ है। बिजनौर की हवा में धूल व धुएं के कण की संख्या 73 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। चिंताजनक बात यह है कि दिल्ली का स्मॉग जिले की आबोहवा को भी प्रभावित करता है। खासतौर पर जिले में दीपावली के बाद तो हवा में धूल और धुएं के कणों की संख्या 140 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से भी अधिक हो जाती है।
विज्ञापन
ऐसे आता है स्मॉग
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी जेपी मौर्य के अनुसार अक्तूबर में मौसम बदलता है और ठंडक बढ़ने लगती है। हवा में नमी बढ़ती है। नमी हवा में मौजूद धूल व धुएं के कणों पर बैठने लगती है। इससे धूल के कण फूलकर कुछ मोटे हो जाते हैं। लगातार नमी बढ़ने पर ये धीरे-धीरे नीचे आने लगते हैं। साइज फूल जाने की वजह से ये कोहरे जैसा रूप ले लेते हैं। जो भी वायुमंडल में जाता है वह बैठने के बजाए इस तरह कुछ समय के लिए हवा में स्थिर हो जाता है।
विज्ञापन
पराली नहीं, जलता है कूड़ा
जिले के किसान पराली नहीं जलाते हैं। लेकिन अज्ञानता में कूड़ा जलाते हैं। नगर पालिका व पंचायतों के कर्मचारी खुलेआम कूड़ा जलाते हैं। यहां तक कि डीएम कंपाउंड के आसपास भी कूड़ा जलाया जाता है। इस पर कभी कोई ध्यान नहीं देता है।
ये बरतें सावधानी
किसान किसी भी तरह के अवशेष खेतों में न जलाएं। साथ ही घरों के बाहर, सड़क पर कूड़ा न जलाएं। नगर पालिका के कर्मचारी भी सड़क किनारे कूड़ा जलाते हैं। जनता व अधिकारी सफाई कर्मचारियों को ऐसा न करने दें।
एफआईआर दर्ज होगी
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र ने कहा कि कूड़ा या फसल अवशेष जलने की घटनाओं पर सेटेलाइट से नजर रखी जा रही है। कूड़ा या फसल अवशेष जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके लिए गांवों में लेखपालों व कानूनगों की ड्यूटी लगा दी गई है।