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अतिक्रमण पर अफसर गंभीर नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 05 May 2017 12:13 AM IST
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बिजनौर में जिले के बाकी शहरों से तो अतिक्रमण हटाया जा रहा है, मगर, बिजनौर सिटी में अफसर दिलचस्पी नहीं ले रहे । यही वजह है कि अतिक्रमण शहर की बड़ी समस्या बनता जा रहा है। यह स्थिति तब है जब शासन अतिक्रमण को लेकर सख्त है।
बुधवार को ही शहर कोतवाल प्रेमवीर राणा ने सिविल लाइन और अन्य कई क्षेत्रों से अतिक्रमण हटवाया। थोड़ी देर बाद ही अतिक्रमण करने वाले अपनी पुरानी जगह पर आ गए। अतिक्रमण की वजह से मेन बाजार का तो बुरा हाल है ही, मुख्य डाकघर चौराहे से सर्राफा बाजार तक पैदल निकलना भी लोगों का दूभर हो गया है। बिजनौर शहर में अवैध रूप से दौड़ रही ई-रिक्शा की वजह से भी सड़कों पर जगह कम पड़ने लगी है। अफसर इन ई-रिक्शा पर लगाम कसने से भी बच रहे हैं। पहले पुलिस ने मुख्य डाकघर से लेकर सर्राफा बाजार तक ई-रिक्शा के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी थी। मगर, अब ये ई-रिक्शा बाजार में भी धड़ल्ले से दौड़ रही है।
मेन बाजार ही नहीं शहर के अन्य इलाकों का भी ये ही हाल है। अभियान चलने के दौरान तो व्यापारी अतिक्रमण हटा लेते है पर बाद भी फिर से अतिक्रमण करने पर उतर आते है। आलम ये ही व्यापारी दुकानों के आग नालों तक पर अतिक्रमण करे बैठे है। इसके अलावा दुकानों पर सड़कों के किनारे वाहन खड़े करना भी बड़ी समस्या है। लोग अपने वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करने से बाज नहीं आ रहे। बेतरतीब खड़े इन वाहनों की वजह से जाम लगा रहता है ।
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बुधवार को ही शहर कोतवाल प्रेमवीर राणा ने सिविल लाइन और अन्य कई क्षेत्रों से अतिक्रमण हटवाया। थोड़ी देर बाद ही अतिक्रमण करने वाले अपनी पुरानी जगह पर आ गए। अतिक्रमण की वजह से मेन बाजार का तो बुरा हाल है ही, मुख्य डाकघर चौराहे से सर्राफा बाजार तक पैदल निकलना भी लोगों का दूभर हो गया है। बिजनौर शहर में अवैध रूप से दौड़ रही ई-रिक्शा की वजह से भी सड़कों पर जगह कम पड़ने लगी है। अफसर इन ई-रिक्शा पर लगाम कसने से भी बच रहे हैं। पहले पुलिस ने मुख्य डाकघर से लेकर सर्राफा बाजार तक ई-रिक्शा के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी थी। मगर, अब ये ई-रिक्शा बाजार में भी धड़ल्ले से दौड़ रही है।
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मेन बाजार ही नहीं शहर के अन्य इलाकों का भी ये ही हाल है। अभियान चलने के दौरान तो व्यापारी अतिक्रमण हटा लेते है पर बाद भी फिर से अतिक्रमण करने पर उतर आते है। आलम ये ही व्यापारी दुकानों के आग नालों तक पर अतिक्रमण करे बैठे है। इसके अलावा दुकानों पर सड़कों के किनारे वाहन खड़े करना भी बड़ी समस्या है। लोग अपने वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करने से बाज नहीं आ रहे। बेतरतीब खड़े इन वाहनों की वजह से जाम लगा रहता है ।
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