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पांच जर्जर परिषदीय स्कूलों का बदलेगा स्वरूप
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पांच जर्जर परिषदीय स्कूलों का बदलेगा स्वरूप
बिजनौर। यदि सब कुछ योजना के तहत हुआ तो 11 परिषदीय विद्यालयों में एक-एक कक्ष का निर्माण होगा और पांच जर्जर परिषदीय विद्यालयों को नया स्वरूप मिलेगा। जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कक्ष व विद्यालय भवन का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय और शासन को भेज दिया है। धनराशि जारी होते ही इनका निर्माण आरंभ कर दिया जाएगा।
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति की जा रही है। जैसे विद्यालयों में छात्रों को पढ़ने के लिए फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड, रंगाई-पुताई, बाउंड्री, पेयजल, फर्स आदि कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीण अंचल में ग्राम पंचायत तथा शहरों में पालिका आदि की मदद से परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदलने का कार्य चल रहा है। इसके अलावा विभाग की ओर विद्यालयों में 11 जर्जर कक्षों तथा 25 जर्जर विद्यालयों का पूरा भवन निर्माण को चिह्नित कर उनका बजट बनाकर स्वीकृति को भेजा गया है। इसमें कक्षों व भवनों के निर्माण को स्वीकृति मिल गई। इस वित्तीय सत्र में पांच भवन निर्माण को धनराशि जारी होगी।
कहीं चार, तो कहीं 200 ज्यादा छात्र
वर्तमान में स्कूल चलो अभियान चल रहा है, जिसमें नामांकन बढ़ाने पर पूरा बल दिया जा रहा है। जनप्रतिनिधि व अफसरों ने नामांकन बढ़ाने व शिक्षा की गुणवत्ता अच्छी करने को एक-एक सरकारी स्कूल गोद लिया है। डीएम ने नहटौर ब्लॉक के फरीदपुर स्कूल में मात्र दो छात्र होने के कारण गोद लिया। कहा कि इसमें छात्र संख्या बढ़ानी है। इसके अलावा भी कई स्कूल ऐसे हैं, जिनमें छात्र दहाई से कम हैं, तो काफी स्कूलों दो व इससे ज्यादा छात्रों की संख्या है। जैसे प्राथमिक विद्यालय नवाबाद में छात्र चार और चार शिक्षक, शिक्षामित्र तैनात हैं। संविलियन विद्यालय हरेवली में 488 छात्र हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए आठ शिक्षक, एक शिक्षामित्र, एक अनुदेशक है।
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ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति की जा रही है। कई विद्यालय निजी स्कूलों को मात दे रहे हैं। कुछ अधूरे कार्य अब पूरे किए जा रहे है। शिक्षा की गुणवत्ता पर पूरा जोर दिया जा रहा है। पांच विद्यालयों के भवन बनने की स्वीकृति मिल गई है। बजट आते ही निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा - जयकरन यादव, बीएसए
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बिजनौर। यदि सब कुछ योजना के तहत हुआ तो 11 परिषदीय विद्यालयों में एक-एक कक्ष का निर्माण होगा और पांच जर्जर परिषदीय विद्यालयों को नया स्वरूप मिलेगा। जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कक्ष व विद्यालय भवन का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय और शासन को भेज दिया है। धनराशि जारी होते ही इनका निर्माण आरंभ कर दिया जाएगा।
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति की जा रही है। जैसे विद्यालयों में छात्रों को पढ़ने के लिए फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड, रंगाई-पुताई, बाउंड्री, पेयजल, फर्स आदि कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीण अंचल में ग्राम पंचायत तथा शहरों में पालिका आदि की मदद से परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदलने का कार्य चल रहा है। इसके अलावा विभाग की ओर विद्यालयों में 11 जर्जर कक्षों तथा 25 जर्जर विद्यालयों का पूरा भवन निर्माण को चिह्नित कर उनका बजट बनाकर स्वीकृति को भेजा गया है। इसमें कक्षों व भवनों के निर्माण को स्वीकृति मिल गई। इस वित्तीय सत्र में पांच भवन निर्माण को धनराशि जारी होगी।
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कहीं चार, तो कहीं 200 ज्यादा छात्र
वर्तमान में स्कूल चलो अभियान चल रहा है, जिसमें नामांकन बढ़ाने पर पूरा बल दिया जा रहा है। जनप्रतिनिधि व अफसरों ने नामांकन बढ़ाने व शिक्षा की गुणवत्ता अच्छी करने को एक-एक सरकारी स्कूल गोद लिया है। डीएम ने नहटौर ब्लॉक के फरीदपुर स्कूल में मात्र दो छात्र होने के कारण गोद लिया। कहा कि इसमें छात्र संख्या बढ़ानी है। इसके अलावा भी कई स्कूल ऐसे हैं, जिनमें छात्र दहाई से कम हैं, तो काफी स्कूलों दो व इससे ज्यादा छात्रों की संख्या है। जैसे प्राथमिक विद्यालय नवाबाद में छात्र चार और चार शिक्षक, शिक्षामित्र तैनात हैं। संविलियन विद्यालय हरेवली में 488 छात्र हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए आठ शिक्षक, एक शिक्षामित्र, एक अनुदेशक है।
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ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति की जा रही है। कई विद्यालय निजी स्कूलों को मात दे रहे हैं। कुछ अधूरे कार्य अब पूरे किए जा रहे है। शिक्षा की गुणवत्ता पर पूरा जोर दिया जा रहा है। पांच विद्यालयों के भवन बनने की स्वीकृति मिल गई है। बजट आते ही निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा - जयकरन यादव, बीएसए