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मां के कदमों में ही है जन्नत

Mon, 09 May 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Mon, 09 May 2016 12:18 AM IST
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The mother is in step with the paradise
Mum on Mother's Day created by children such words - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर के धामपुर अपना क्लब की ओर से सनराइज डांस एकेडमी के तत्वाधान में मदर्स डे पर आयोजित मां भी कभी बेटी थी का मंचन देख दर्शक भावविभोर हो गए। इस दौरान नाट्य कलाकारों ने मां का अभिनय कर दर्शकों को मार्मिक प्रेरणा दी।
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रविवार को स्टेट बैंक कालोनी में आयोजित कार्यक्रम  में नाट्य कलाकार अबीना परवीन ने मां के अभिनय से दर्शकों बांध दिया। दर्शक मां के मंचन को देख भावविभोर हो उठे। कलाकार ने मां और बेटी की खाई को पाटने का नाटक के माध्यम से भरसक प्रयास किया।
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मंचन से दर्शाया कि बेटी को  समाज में स्वतंत्र रूप से जीने का पूरा अधिकार है। इन्हें कमजोर, बेबस न समझा जाए। मां अपने बच्चों पर पूरी ममता लुटाती है। लेकिन जब मां एक सास बनती है तो वह बहुओं को अखरने लगती है।
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मुस्कान राणा और मंजू चौहान ने तेजाब पीड़िता लड़की का अभिनय कर दर्शकों के रोंगेट खड़े कर दिए। नाटक का निर्देशन आकाश भारद्वाज ने किया। कार्यक्रम का संचालन पवन संगम और संगीत पुष्पेंद्र चौहान ने दिया।

कलाकारों में दीपक सागर, मानू सैनी, जोनी, जोनित  सिंह, रंधानिया, अबीना परवीन अंसारी, मुस्कान राणा रहीं। इस अवसर पर  हिमांशु विश्वास, विपिन मिश्रा, सोमेंद्र पांडेय, हर्ष कुमार, डा.  जितेंद्र, निर्मला राणा, रोमियो मय्यूर, दीक्षा, पूजा व विक्रम राणा रहे।

चांदपुर में राम रहीम चैरिटेबिल सोसाइटी के तत्वाधान में मदर्स डे पर आयोजित कार्यक्रम में मां को नमन करते हुए वक्ताओं ने सुबह उठने के बाद और सोने से पहले मां को नमन करने का आह्वान किया।

 गांव स्याऊ में तहसील के पास लेबर चौक पर मदर्स डे पर पहली बार आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने मां को नमन करते हुए कहा कि जहां माता बहिनों को सम्मान होता है वहीं ईश्वर का वास होता है।

संसार में सभी ऋण चुकाए जा सकते हैं लेकिन मां का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता है। मां के कदमों में ही जन्नत होती है।  वक्ताओं ने भ्रूण हत्या पर कहा कि यदि कन्या नहीं होगी तो मां कहां से होगी। बच्ची से मां बनने तक का सफर बड़ा लम्बा होता है।

वक्ताओं ने किसी भी रूप में कहीं भी हमेशा मां का सम्मान करने का आह्वान किया। कहा कि यदि दस व्यक्ति भी सुबह उठने के बाद और सोने से पहले मां को नमन करेंगे तो कार्यक्रम सफल होगा ।


लोगों ने मदर्स डे पर पहली बार आयोजित कार्यक्रम के लिए आयोजकों की सराहना की। गोविंद मित्तल की अध्यक्षता आँर ज्ञान प्रकाश वर्मा के संचालन में चले कार्यक्रम में चेतन स्वरूप शर्मा, डा. सत्येंद्र कुमार शर्मा, कमलेश सैनी, खान जमाल, मनोज चतुर्वेदी, तपोश आदि ने विचार व्यक्त किए।
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