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महंगाई के मर्ज से कड़वी हो जाएगी दवा
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महंगाई के मर्ज से कड़वी हो जाएगी दवा
बिजनौर। दवाइयों की कीमत बढ़ने से मरीजों पर इसका भारी असर पड़ेगा। रोजमर्रा में उपयोग होने वाली कुछ दवाइयों के दाम 10 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। दवा की बढ़ी कीमत अब मरीज का मुंह कड़वा करेगी। अभी तक तो पेट्रोल, डीजल और गैस के ही दामों में इजाफा हुआ था, लेकिन अब दवाइयों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने जा रही है। आज के दौर में लोग खाने से ज्यादा दवाइयों पर आश्रित हैं, लेकिन अब दवाइयों के दाम बढ़ने से भी इसका असर मरीजों पर पड़ेगा। इस समय माइक्रोलैब कंपनी की पैरासिटामोल की 650 एमजी की 100 टैबलेट 200 रुपये की मिलती हैं, लेकिन 10 फीसदी तक इसके दाम बढ़ने से इसकी कीमत 220 रुपये हो जाएगी। यानी अब से मरीज को 20 रुपये ज्यादा देने होंगे। सभी कंपनियों की दवाइयों की अलग-अलग कीमत है। इसके साथ ही एलेबिंक कंपनी की एजिथ्रोमाइसिन की 500 एमजी की 100 टैबलेट इस समय 2400 रुपये की आती हैं, लेकिन अब 10 फीसदी दाम बढ़ने से इसकी कीमत 2640 रुपये हो जाएगी, जिससे मरीज की जेब पर 100 टैबलेट लेने में 240 रुपये का भार पड़ेगा।
वहीं सिप्रोफ्लोक्सासिन हाइड्रोक्लोराइड दवा की कीमत हर कंपनी की अलग-अलग है। इस समय सिपला कंपनी की सिप्रोफ्लोक्सासिन हाइड्रोक्लोराइड 100 टैबलेट की कीमत 400 रुपये हैं, लेकिन अब 10 फीसदी कीमत बढ़ने से यह टैबलेट 440 रुपये की मिलेगी, जिसकी वजह से सिप्रोफ्लोक्सासिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट खरीदने पर मरीज को 40 रुपये ज्यादा देने होंगे।
मेडिकल स्टोर मालिक नीरज कुमार ने बताया कि दवाइयों की कीमतों में बढ़ोतरी होने से मरीजों पर असर पड़ेगा। कुछ दवाइयों की कीमतों में हर दो महीनों में बढ़ोतरी हो रही है। वीपी और शुगर की दवा की तो हर दूसरे महीने 10 से 20 फीसदी तक कीमत बढ़ रही है।
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बिजनौर। दवाइयों की कीमत बढ़ने से मरीजों पर इसका भारी असर पड़ेगा। रोजमर्रा में उपयोग होने वाली कुछ दवाइयों के दाम 10 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। दवा की बढ़ी कीमत अब मरीज का मुंह कड़वा करेगी। अभी तक तो पेट्रोल, डीजल और गैस के ही दामों में इजाफा हुआ था, लेकिन अब दवाइयों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने जा रही है। आज के दौर में लोग खाने से ज्यादा दवाइयों पर आश्रित हैं, लेकिन अब दवाइयों के दाम बढ़ने से भी इसका असर मरीजों पर पड़ेगा। इस समय माइक्रोलैब कंपनी की पैरासिटामोल की 650 एमजी की 100 टैबलेट 200 रुपये की मिलती हैं, लेकिन 10 फीसदी तक इसके दाम बढ़ने से इसकी कीमत 220 रुपये हो जाएगी। यानी अब से मरीज को 20 रुपये ज्यादा देने होंगे। सभी कंपनियों की दवाइयों की अलग-अलग कीमत है। इसके साथ ही एलेबिंक कंपनी की एजिथ्रोमाइसिन की 500 एमजी की 100 टैबलेट इस समय 2400 रुपये की आती हैं, लेकिन अब 10 फीसदी दाम बढ़ने से इसकी कीमत 2640 रुपये हो जाएगी, जिससे मरीज की जेब पर 100 टैबलेट लेने में 240 रुपये का भार पड़ेगा।
वहीं सिप्रोफ्लोक्सासिन हाइड्रोक्लोराइड दवा की कीमत हर कंपनी की अलग-अलग है। इस समय सिपला कंपनी की सिप्रोफ्लोक्सासिन हाइड्रोक्लोराइड 100 टैबलेट की कीमत 400 रुपये हैं, लेकिन अब 10 फीसदी कीमत बढ़ने से यह टैबलेट 440 रुपये की मिलेगी, जिसकी वजह से सिप्रोफ्लोक्सासिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट खरीदने पर मरीज को 40 रुपये ज्यादा देने होंगे।
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मेडिकल स्टोर मालिक नीरज कुमार ने बताया कि दवाइयों की कीमतों में बढ़ोतरी होने से मरीजों पर असर पड़ेगा। कुछ दवाइयों की कीमतों में हर दो महीनों में बढ़ोतरी हो रही है। वीपी और शुगर की दवा की तो हर दूसरे महीने 10 से 20 फीसदी तक कीमत बढ़ रही है।
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