{"_id":"5f5528a88ebc3e6a0533b2bb","slug":"the-march-will-go-out-in-protest-against-the-anti-farmer-ordinances-bijnor-news-mrt5000088106","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान विरोधी अध्यादेशों के विरोध में पदयात्रा निकाल विरोध जताने का एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान विरोधी अध्यादेशों के विरोध में पदयात्रा निकाल विरोध जताने का एलान
विज्ञापन
किसान विरोधी अध्यादेशों के विरोध में पदयात्रा निकलेगी
बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की गांव जीवनपुर में हुई पंचायत में तीन कृषि अध्यादेशों व बिजली के लिए लाए जा रहे अध्यादेशों के खिलाफ आवाज उठाई गई। इनके वापस होने तक विरोध करने तथा पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया गया। किसानों से संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
संगठन के वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा ने कहा कि सरकार ने कृषि से जुड़े तीन अध्यादेश लागू किए हैं। इनमें किसानों से अनुबंध खेती कराना और मंडी समिति को समाप्त करना है। किसान पहले ही फसल बेचने के लिए बाजार के अधीन था, अब किसान को निजी कंपनियों के अधीन किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि अब तक किसानों को नलकूप के लिए सस्ती बिजली दी जा रही थी। अब सरकार एक बिजली एक रेट की बात कहकर किसानों को भी कामर्शियल रेट पर बिजली देने की बात कर रही है। सरकार किसानों को बिजली पर खाते में सब्सिडी भेजने की बात कर रही है जैसे गैस सिलिंडर पर भेजती है। सरकार ने जैसे गैस पर सब्सिडी बंद कर दी ऐसे ही एक दिन बिजली पर भी बंद कर देंगे।
किसान की लागत कम करने की बात कहते कहते सरकार अब लागत को दोगुना करने पर आमादा हो गई है। बिजली बिल बढ़ाने के साथ साथ नलकूप कनेक्शन की भारवृद्घि की भी बात हो रही है। कहा कि इसके विरोध में जिले भर के किसानों को अभियान चलाकर जागरूक किया जाएगा। 13 सितंबर तक गांवों में पदयात्रा करके व पंचायत करके जागरूक किया जाएगा। 14 सितंबर को जिला मुख्यालय व तहसीलों पर प्रदर्शन कर इन अध्यादेशों को वापस लेने की मांग की जाएगी। इस दौरान वेद प्रकाश, उपेंद्र राठी, राजपाल भगत, गौरव कुमार, अंकुर चौधरी, संजीव, राकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की गांव जीवनपुर में हुई पंचायत में तीन कृषि अध्यादेशों व बिजली के लिए लाए जा रहे अध्यादेशों के खिलाफ आवाज उठाई गई। इनके वापस होने तक विरोध करने तथा पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया गया। किसानों से संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
संगठन के वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा ने कहा कि सरकार ने कृषि से जुड़े तीन अध्यादेश लागू किए हैं। इनमें किसानों से अनुबंध खेती कराना और मंडी समिति को समाप्त करना है। किसान पहले ही फसल बेचने के लिए बाजार के अधीन था, अब किसान को निजी कंपनियों के अधीन किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि अब तक किसानों को नलकूप के लिए सस्ती बिजली दी जा रही थी। अब सरकार एक बिजली एक रेट की बात कहकर किसानों को भी कामर्शियल रेट पर बिजली देने की बात कर रही है। सरकार किसानों को बिजली पर खाते में सब्सिडी भेजने की बात कर रही है जैसे गैस सिलिंडर पर भेजती है। सरकार ने जैसे गैस पर सब्सिडी बंद कर दी ऐसे ही एक दिन बिजली पर भी बंद कर देंगे।
विज्ञापन
किसान की लागत कम करने की बात कहते कहते सरकार अब लागत को दोगुना करने पर आमादा हो गई है। बिजली बिल बढ़ाने के साथ साथ नलकूप कनेक्शन की भारवृद्घि की भी बात हो रही है। कहा कि इसके विरोध में जिले भर के किसानों को अभियान चलाकर जागरूक किया जाएगा। 13 सितंबर तक गांवों में पदयात्रा करके व पंचायत करके जागरूक किया जाएगा। 14 सितंबर को जिला मुख्यालय व तहसीलों पर प्रदर्शन कर इन अध्यादेशों को वापस लेने की मांग की जाएगी। इस दौरान वेद प्रकाश, उपेंद्र राठी, राजपाल भगत, गौरव कुमार, अंकुर चौधरी, संजीव, राकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन