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Bijnor News: फैसले से पहले ही पति ने खत्म कर ली जिंदगी
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स्योहारा । क्षेत्र के एक प्रेम विवाह प्रकरण में कानूनी प्रक्रिया के बीच एक युवक की जिंदगी खत्म हो गई। जिस युवती के साथ रहने के लिए उसने समाज और कानून से लड़ाई लड़ी, उसी से मिलने की आखिरी कोशिश भी नाकाम रही। अब हाईकोर्ट ने युवती को नाबालिग मानते हुए नोएडा नारी निकेतन भेजने का आदेश दिया है।
युवती के पिता ने 16 दिसंबर 2025 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बेटी के नाबालिग होने का दावा किया था और युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर युवती हाईकोर्ट चली गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर ही स्योहारा पुलिस ने युवती के बयान बिजनौर न्यायालय में दर्ज कराए थे, जिसमें युवती ने स्वयं को बालिग बताया था। चूंकि मामला हाईकोर्ट में चल रहा था तो स्वतंत्र छोड़ दिया था व उसके बयान की रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेज दी थी। कई महीनों से युवती अपने पति के साथ ससुराल नोंगावा सादात में रह रही थी।
अमरोहा पुलिस ने भी युवती के बयान दर्ज कराने के लिए उसे अमरोहा न्यायालय में पेश किया था, जहां उसे नाबालिग घोषित करते हुए वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया था। पिछले कई दिनों से युवती अमरोहा में वन स्टॉप सेंटर में रह रही थी। परिजनों की याचिका को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने अमरोहा पुलिस को 27 अप्रैल को हाईकोर्ट में पेश करने को कहा। शुक्रवार को पति अपनी पत्नी से मिलने वन स्टॉप सेंटर पहुंचा, लेकिन उसे मुलाकात की अनुमति नहीं मिल सकी। पत्नी से न मिल पाने की मायूसी उसे भीतर तक तोड़ गई। बताया जा रहा है कि शनिवार को उसने अपने घर पर जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी।
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सोमवार को अमरोहा पुलिस ने युवती को हाईकोर्ट में पेश किया, जहां उसके बयान दर्ज किए गए। इसके बाद हाईकोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर युवती को नाबालिग मानते हुए उसे नोएडा स्थित नारी निकेतन भेजने के निर्देश दिए हैं।
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युवती के पिता ने 16 दिसंबर 2025 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बेटी के नाबालिग होने का दावा किया था और युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर युवती हाईकोर्ट चली गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर ही स्योहारा पुलिस ने युवती के बयान बिजनौर न्यायालय में दर्ज कराए थे, जिसमें युवती ने स्वयं को बालिग बताया था। चूंकि मामला हाईकोर्ट में चल रहा था तो स्वतंत्र छोड़ दिया था व उसके बयान की रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेज दी थी। कई महीनों से युवती अपने पति के साथ ससुराल नोंगावा सादात में रह रही थी।
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अमरोहा पुलिस ने भी युवती के बयान दर्ज कराने के लिए उसे अमरोहा न्यायालय में पेश किया था, जहां उसे नाबालिग घोषित करते हुए वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया था। पिछले कई दिनों से युवती अमरोहा में वन स्टॉप सेंटर में रह रही थी। परिजनों की याचिका को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने अमरोहा पुलिस को 27 अप्रैल को हाईकोर्ट में पेश करने को कहा। शुक्रवार को पति अपनी पत्नी से मिलने वन स्टॉप सेंटर पहुंचा, लेकिन उसे मुलाकात की अनुमति नहीं मिल सकी। पत्नी से न मिल पाने की मायूसी उसे भीतर तक तोड़ गई। बताया जा रहा है कि शनिवार को उसने अपने घर पर जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी।
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सोमवार को अमरोहा पुलिस ने युवती को हाईकोर्ट में पेश किया, जहां उसके बयान दर्ज किए गए। इसके बाद हाईकोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर युवती को नाबालिग मानते हुए उसे नोएडा स्थित नारी निकेतन भेजने के निर्देश दिए हैं।