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डॉक्यूमेंट्री बनाकर लोगों को बताया जाएगा बिजनौर का इतिहास
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बिजनौर में अपने आवास पर इतिहासकारों की बैठक लेते डीएम उमेश मिश्रा।
- फोटो : BIJNOR
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डॉक्यूमेंट्री बनाकर लोगों को बताया जाएगा बिजनौर का इतिहास
बिजनौर। जिले को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को जिले के इतिहासकार, साहित्यकार, प्रकृति प्रेमी, वरिष्ठ पत्रकारों की बैठक बुलाई गई। जिले को पर्यटन के क्षेत्र में कैसे नई पहचान मिले, उस पर चर्चा हुई। इन धरोहरों की फोटोग्राफी करा डॉक्यूमेंट्री बनवाई जाएगी। इसके माध्यम से लोगों का जिले के गौरवशाली इतिहास से परिचय कराया जाएगा।
बुधवार की शाम डीएम आवास कार्यालय पर डीएम उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। बैठक में इतिहासकारों ने डीएम को जिले के पांच हजार साल के इतिहास से परिचय कराया। इसके अलावा बैठक में मौजूद साहित्याकारों ने साहित्य के क्षेत्र में नाम कमाने वाले साहित्यकारों से अवगत कराया। बैठक में विदुर भूमि से लेकर, अमानगढ़, नबाजुदोल्ला का किला, कण्व ऋषि आश्रम, बिजनौर आदि पर चर्चा हुई। डीएम ने कहा कि जिले के गौरवशाली इतिहास, अमानगढ़, सांस्कृतिक विरासत की जानकारी सरकारी वेबसाइट पर डाली जाएंगी। इसके लिए इन जगहों की फोटोग्राफी भी कराई जाएगी। कुछ डॉक्यूमेंट्री भी बनेंगी। यही नहीं अन्य माध्यमों से भी जिले की इन विरासतों से लोगों को परिचित कराया जाएगा।
बिजनौर के हर कौने में फैली है ऐतिहासिक विरासतें
डीएम उमेश मिश्रा ने बैठक में कहा कि जब भी जिले के बारे में पढ़ा या सुना जाता है तो यहां साहित्य, प्रकृति, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक विरासतें मिलती हैं। सभी को एक कमेटी बनाकर संकलित कराया जाएगा। ताकि इन सांस्कृतिक धरोहरों का विकास कराया जा सके। इसके बाद इनका प्रचास-प्रसार किया जाएगा।
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बिजनौर। जिले को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को जिले के इतिहासकार, साहित्यकार, प्रकृति प्रेमी, वरिष्ठ पत्रकारों की बैठक बुलाई गई। जिले को पर्यटन के क्षेत्र में कैसे नई पहचान मिले, उस पर चर्चा हुई। इन धरोहरों की फोटोग्राफी करा डॉक्यूमेंट्री बनवाई जाएगी। इसके माध्यम से लोगों का जिले के गौरवशाली इतिहास से परिचय कराया जाएगा।
बुधवार की शाम डीएम आवास कार्यालय पर डीएम उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। बैठक में इतिहासकारों ने डीएम को जिले के पांच हजार साल के इतिहास से परिचय कराया। इसके अलावा बैठक में मौजूद साहित्याकारों ने साहित्य के क्षेत्र में नाम कमाने वाले साहित्यकारों से अवगत कराया। बैठक में विदुर भूमि से लेकर, अमानगढ़, नबाजुदोल्ला का किला, कण्व ऋषि आश्रम, बिजनौर आदि पर चर्चा हुई। डीएम ने कहा कि जिले के गौरवशाली इतिहास, अमानगढ़, सांस्कृतिक विरासत की जानकारी सरकारी वेबसाइट पर डाली जाएंगी। इसके लिए इन जगहों की फोटोग्राफी भी कराई जाएगी। कुछ डॉक्यूमेंट्री भी बनेंगी। यही नहीं अन्य माध्यमों से भी जिले की इन विरासतों से लोगों को परिचित कराया जाएगा।
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बिजनौर के हर कौने में फैली है ऐतिहासिक विरासतें
डीएम उमेश मिश्रा ने बैठक में कहा कि जब भी जिले के बारे में पढ़ा या सुना जाता है तो यहां साहित्य, प्रकृति, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक विरासतें मिलती हैं। सभी को एक कमेटी बनाकर संकलित कराया जाएगा। ताकि इन सांस्कृतिक धरोहरों का विकास कराया जा सके। इसके बाद इनका प्रचास-प्रसार किया जाएगा।
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