फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   The hands of the police will be long even in cyber

साइबर में भी लंबे होंगे पुलिस के हाथ

Fri, 15 Apr 2022 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Apr 2022 12:12 AM IST
विज्ञापन
The hands of the police will be long even in cyber
साइबर में भी लंबे होंगे पुलिस के हाथ
विज्ञापन

बिजनौर। यूं तो कानून के हाथ लंबे होते हैं लेकिन साइबर अपराधियों तक पहुंचने में छोटे पड़ जाते हैं। पुलिस के इन हाथों को साइबर बल मजबूती देगा। दरअसल, जिले में साइबर लैब की स्थापना होने जा रही है। इसके लिए पुणे की एक कंपनी से सहयोग मांगा गया है। लैब बनाने के साथ साइबर क्राइम से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग देकर पारंगत किया जाएगा।
तकनीक के इस दौर में अपराध का तरीका बदला है। साल दर साल साइबर अपराध बढ़ने की आशंका है, इस चुनौती से निपटने के लिए जिले के पुलिस अफसरों ने योजना बना ली है। हाल ही में पुणे की एक कंपनी से संपर्क किया गया है। यह कंपनी बिजनौर पुलिस को बताएगी कि लैब कैसे बनाई जानी है और कौन से उपकरण लगाने होंगे। साइबर क्राइम से निपटने के लिए लैब में काम करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
विज्ञापन

एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि जिस कंपनी से संपर्क किया गया है, उसने लखनऊ की साइबर लैब बनाने और पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने का काम किया है। फिलहाल कंपनी से डीपीआर बनाने के लिए कहा गया है। जिससे बजट की डिमांड करते हुए जल्द से जल्द लैब बनाई जा सके। लैब बनाने के लिए बाकायदा एक कमरे का निर्माण कर लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लखनऊ की लैब पर नहीं होगी निर्भरता
साइबर क्राइम के मामलों में अभी तक बिजनौर से लखनऊ की लैब को डाटा भेजा जाता है। वहां से जांच रिपोर्ट आने में दो दो महीने तक का वक्त लग जाता है। बिजनौर में ही लैब बन जाने के बाद एक दिन में ही साइबर क्राइम के डाटा को डीकोड कर लिया जाएगा। लैब में फोरेंसिक कंप्यूटर के अलावा अन्य उपकरण भी लगाए जाएंगे। जिले में फिलहाल हर महीने 20-25 शिकायत साइबर क्राइम की आ रही है। जिन्हें साइबर सेल के हवाले कर दिया जाता है। एक प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी साइबर सेल में तैनात हैं। बताया जा रहा है कि इन दिनों साइबर अपराधी नौकरी के लिए आवेदन का झांसा देकर फर्जी लिंक डाल रहे हैं। इस महीने ऐसे दो मामले सामने आए। उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी और क्राइम के लिए पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। रकम भी गैर राज्यों में स्थित बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।

---------- कोट
जिले में सभी थानों पर साइबर सेल का गठन किया जा चुका है। अब साइबर लैब बनाने के लिए भी कवायद चल रही है। जल्द से जल्द लैब बनाकर चालू करने का प्रयास किया जा रहा है-डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed