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अभिलेखों में सीलिंग में दर्ज है बाग की जमीन

Sun, 26 Dec 2021 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Dec 2021 11:57 PM IST
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The garden's land is recorded in the ceiling in the records
बिजनौर का जैन फार्म। - फोटो : BIJNOR
अभिलेखों में सीलिंग में दर्ज है बाग की जमीन
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बिजनौर। शहर में एक हजार बीघा से ज्यादा भूमि में लगे आम के बाग पर एनजीटी की सख्ती के बाद जिले के अफसरों में खलबली मची है। वन विभाग ने नियमावली और राजस्व अफसरों ने पुराने दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
शहर में एक हजार बीघा से ज्यादा जमीन पर आम का बाग है। इसमें आम के पेड़ों की संख्या करीब चार हजार बताई जाती है। रविवार को विश्व दलित परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र पाल सिंह ने शासन और प्रशासन को पत्र लिखकर बताया कि जमींदारी प्रथा के उन्मूलन के बाद वर्ष 1961 में लैंड सीलिंग एक्ट लागू किया गया था। उस समय इस जमीन को सीलिंग भूमि घोषित कर दिया गया। भूपेंद्र पाल सिंह ने आरोप लगाया उस समय सीलिंग से बचने के उद्देश्य से जमीन पर आम का बाग लगवाया गया था। आज भी पुराने अभिलेखों में यह भूमि सीलिंग भूमि दर्ज है। सीलिंग को लेकर अलग-अलग कोर्ट में मुकदमे डाले गए। इनमें से कुछ आज भी विचाराधीन हैं। उन्होंने भूमि आम के पेड़ काटे जाने से खाली हुई है, उसे भूमिहीनों को आवंटित कराने की मांग की है।
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बाग की भूमि की बदल दी प्रकृति
आम के बाग की काफी जमीन पर वर्तमान में प्लाटिंग हो गई है। यहां पर दो साल पहले तक आम के पेड़ होते थे, जो रातोंरात काट दिए गए थे। शहर के लोगों का आरोप है कि मास्टर प्लान में यह भूमि बाग के रूप में दर्ज है, इसके बावजूद कुछ अफसरों की मिलीभगत कर इसकी प्रकृति बदल दी गई। एसडीएम सदर एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि बाग की जमीन की प्रकृृति बदलने का मामला पुराना है। यदि कोई शिकायत करता है तो इसकी जांच करा दी जाएगी। जांच में यदि प्रक्रिया गलत पाई जाती है तो उसे गंभीरता से देखा जाएगा।
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पेड़ों की रिपोर्ट पर भी उठ रहे सवाल
एनजीटी में जाने वाले विदित कुमार ने उद्यान विभाग की उन रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें आम के बाग में खड़े पेड़ों की फल देने की क्षमता समाप्त बता दी गई। उन्होंने कहा कि इसकी जांच भी होनी चाहिए कि किस आधार पर पेड़ों की फल देने की क्षमता समाप्त होना बता दिया गया। इस रिपोर्ट में एक खास हिस्से के पेड़ों को शामिल किया गया था।
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