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पूर्व राज्यमंत्री ने सपा छोड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 26 Dec 2016 11:54 PM IST
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ओमपाल सिंह नेहरा।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री वरिष्ठ सपा नेता ओमपाल सिंह नेहरा ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व पर सवालिया निशान उठाते सपा से इस्तीफा देने घोषणा की है। उन्होंने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव पर भी जाट-मुस्लिम गठजोड़ को तोड़ने के लिए मुजफ्फरनगर दंगे में भूमिका निभाने व प्रदेश सरकार पर विकास कार्यों के नाम पर अरबों रुपये की लूट खसोट करने का आरोप लगाया है।
ओमपाल सिंह नेहरा को पिछले साल मनोरंजन कर विभाग में सलाहकार नियुक्त कर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाया गया था। एक किसान गोष्ठी में राम मंदिर बनवाने के बारे में टिप्पणी करने पर उनको पद से हटा दिया गया था। सोमवार को ओमपाल सिंह नेहरा ने सपा से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने प्रेस को जारी बयान में कहा कि वेस्ट यूपी में चौधरी चरण सिंह के समय से चले आ रहे जाट-मुस्लिम गठजोड़ के न टूटने के कारण मुलायम सिंह यादव यहां अपनी पार्टी का वर्चस्व नहीं बना पा रहे थे और इस गठजोड़ को तोड़ने में लगे थे। मुलायम सिंह यादव को मुजफ्फरनगर दंगे से अपने प्रयासों को सफलता भी मिली, हालांकि इसका ज्यादा फायदा भाजपा को हुआ। लेकिन मुलायम सिंह खुद को मुस्लिमों का मसीहा साबित करने में कामयाब हो गए। उन्होंने गन्ने के भाव, भुगतान, किसान कर्ज, बिजली का बिल, धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने आदि की बात उन्होंने मुलायम सिंह यादव से की, लेकिन इस पर कोई काम नहीं हुआ। चार साल के शासन में गन्ने पर केवल 25 रुपये कुंतल बढ़ाए, जबकि मिल मालिकों का 700 करोड़ का ब्याज माफ कर दिया। कहा कि लखनऊ से आगरा तक सबसे बड़ा राष्ट्रीय राज्यमार्ग का ढिंढोरा पीट रही सरकार ने इसमें सात हजार के बजाये 14 हजार करोड़ रुपये लगा दिए।
समाजवादी पार्क के नाम से नोएडा में 2500 एकड़ जमीन में पार्क बनवा दिया गया। कहा कि अगर सपा सरकार की योजनाओं की जांच किसी केंद्रीय व निष्पक्ष एजेंसी से करा ली जाए तो विकास पुरुष का सारा चिट्ठा खुलकर सामने आ जाएगा। ओमपाल सिंह नेहरा के अनुसार उन्होंने छह महीने पहले मुलायम सिंह यादव के साथ बैठक कर अखिलेश यादव को पद से हटाने को कहा था। कहा कि गायत्री प्रजापति जैसे महाभ्रष्ट व्यक्ति को पुन: मंत्रिमंडल में लेना मुख्यमंत्री की साफ छवि को दर्पण की तरह दर्शाता है।
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अंसारी बंधुओं को सपा में शामिल करने पर भी किसी ने टिप्पणी नहीं की, जबकि उनकी गुंडागर्दी व आपराधिक रिकॉर्ड को सभी ने टीवी पर देखा है। ओमपाल सिंह नेहरा प्रदेश सरकार को जनविरोधी, भ्रष्टाचारी व संकुचित मानसिकता वाली बताकर खुद को चौधरी चरण सिंह व चौधरी छोटूराम की अनुयायी बताने वाली प्रदेश सरकार को राष्ट्रहित में उखाड़ फेंकने की अपील की है।
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ओमपाल सिंह नेहरा को पिछले साल मनोरंजन कर विभाग में सलाहकार नियुक्त कर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाया गया था। एक किसान गोष्ठी में राम मंदिर बनवाने के बारे में टिप्पणी करने पर उनको पद से हटा दिया गया था। सोमवार को ओमपाल सिंह नेहरा ने सपा से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने प्रेस को जारी बयान में कहा कि वेस्ट यूपी में चौधरी चरण सिंह के समय से चले आ रहे जाट-मुस्लिम गठजोड़ के न टूटने के कारण मुलायम सिंह यादव यहां अपनी पार्टी का वर्चस्व नहीं बना पा रहे थे और इस गठजोड़ को तोड़ने में लगे थे। मुलायम सिंह यादव को मुजफ्फरनगर दंगे से अपने प्रयासों को सफलता भी मिली, हालांकि इसका ज्यादा फायदा भाजपा को हुआ। लेकिन मुलायम सिंह खुद को मुस्लिमों का मसीहा साबित करने में कामयाब हो गए। उन्होंने गन्ने के भाव, भुगतान, किसान कर्ज, बिजली का बिल, धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने आदि की बात उन्होंने मुलायम सिंह यादव से की, लेकिन इस पर कोई काम नहीं हुआ। चार साल के शासन में गन्ने पर केवल 25 रुपये कुंतल बढ़ाए, जबकि मिल मालिकों का 700 करोड़ का ब्याज माफ कर दिया। कहा कि लखनऊ से आगरा तक सबसे बड़ा राष्ट्रीय राज्यमार्ग का ढिंढोरा पीट रही सरकार ने इसमें सात हजार के बजाये 14 हजार करोड़ रुपये लगा दिए।
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समाजवादी पार्क के नाम से नोएडा में 2500 एकड़ जमीन में पार्क बनवा दिया गया। कहा कि अगर सपा सरकार की योजनाओं की जांच किसी केंद्रीय व निष्पक्ष एजेंसी से करा ली जाए तो विकास पुरुष का सारा चिट्ठा खुलकर सामने आ जाएगा। ओमपाल सिंह नेहरा के अनुसार उन्होंने छह महीने पहले मुलायम सिंह यादव के साथ बैठक कर अखिलेश यादव को पद से हटाने को कहा था। कहा कि गायत्री प्रजापति जैसे महाभ्रष्ट व्यक्ति को पुन: मंत्रिमंडल में लेना मुख्यमंत्री की साफ छवि को दर्पण की तरह दर्शाता है।
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अंसारी बंधुओं को सपा में शामिल करने पर भी किसी ने टिप्पणी नहीं की, जबकि उनकी गुंडागर्दी व आपराधिक रिकॉर्ड को सभी ने टीवी पर देखा है। ओमपाल सिंह नेहरा प्रदेश सरकार को जनविरोधी, भ्रष्टाचारी व संकुचित मानसिकता वाली बताकर खुद को चौधरी चरण सिंह व चौधरी छोटूराम की अनुयायी बताने वाली प्रदेश सरकार को राष्ट्रहित में उखाड़ फेंकने की अपील की है।