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परमात्मा का स्वरूप असीम, वही सृष्टि के पालनहार: बाबा फुलसंदे वाले
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नहटौर। गुरुगद्दी दरबार फुलसंदा में चल रहे तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को आयोजित सत्संग में बाबा फुलसंदे वालों ने परमात्मा के विराट स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा कि परमात्मा सर्वव्यापी हैं और वही समस्त सृष्टि के पालनहार हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु के बताए मार्ग पर चलने, अहंकार त्यागने तथा सेवा और सत्कर्म को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि परमात्मा के हजारों सिर, नेत्र और चरण हैं। इसका अर्थ है कि वह हर जीव और हर स्थान पर विद्यमान हैं। वह पूरी सृष्टि में व्याप्त हैं और उससे भी परे हैं। जो कुछ भूतकाल में हुआ, जो आज हो रहा है और जो भविष्य में होगा, सब कुछ परमात्मा की इच्छा से ही होता है। वही समस्त जीवों के पालनहार हैं और अमरता के स्वामी हैं। उन्होंने कहा कि यह दिखाई देने वाला पूरा संसार परमात्मा की महिमा का केवल एक छोटा-सा भाग है। उनका वास्तविक स्वरूप इससे कहीं अधिक विशाल और दिव्य है, जिसे सामान्य दृष्टि से नहीं देखा जा सकता।
बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि गुरु का स्थान जीवन में सबसे महत्वपूर्ण होता है। गुरु ही मनुष्य को सही मार्ग दिखाते हैं और अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान का प्रकाश देते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु की आज्ञा का पालन करने वाला व्यक्ति जीवन में कभी भटकता नहीं है और उसे मानसिक शांति के साथ ईश्वर की कृपा भी प्राप्त होती है।
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व्यवस्थापक अग्नि देवता ने बताया कि गुरु पूर्णिमा महोत्सव का समापन बुधवार को गुरु पूजन, विशेष सत्संग और आशीर्वचन के साथ होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
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बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि परमात्मा के हजारों सिर, नेत्र और चरण हैं। इसका अर्थ है कि वह हर जीव और हर स्थान पर विद्यमान हैं। वह पूरी सृष्टि में व्याप्त हैं और उससे भी परे हैं। जो कुछ भूतकाल में हुआ, जो आज हो रहा है और जो भविष्य में होगा, सब कुछ परमात्मा की इच्छा से ही होता है। वही समस्त जीवों के पालनहार हैं और अमरता के स्वामी हैं। उन्होंने कहा कि यह दिखाई देने वाला पूरा संसार परमात्मा की महिमा का केवल एक छोटा-सा भाग है। उनका वास्तविक स्वरूप इससे कहीं अधिक विशाल और दिव्य है, जिसे सामान्य दृष्टि से नहीं देखा जा सकता।
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बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि गुरु का स्थान जीवन में सबसे महत्वपूर्ण होता है। गुरु ही मनुष्य को सही मार्ग दिखाते हैं और अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान का प्रकाश देते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु की आज्ञा का पालन करने वाला व्यक्ति जीवन में कभी भटकता नहीं है और उसे मानसिक शांति के साथ ईश्वर की कृपा भी प्राप्त होती है।
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व्यवस्थापक अग्नि देवता ने बताया कि गुरु पूर्णिमा महोत्सव का समापन बुधवार को गुरु पूजन, विशेष सत्संग और आशीर्वचन के साथ होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।