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विभाग में है शिक्षकों की जबरदस्त सेटिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 14 Sep 2016 12:02 AM IST
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बिजनौर में आठ साल कागजों में गुजार चुकी शिक्षिका आभा जैन ने बेसिक शिक्षा विभाग की पोल खोल कर रख दी है। सेटिंग से स्कूलों में नौकरी कर रहे शिक्षकों में आभा जैन अकेली नहीं है। विभागीय सूत्रों की माने तो जिले में करीब 250 शिक्षक अधिकारियों की अनुकंपा पर स्कूल नहीं जाते तथा सेटिंग से कागजों में ही नौकरी चल रही है। स्कूलों की जांच हुई तो कई अधिकारी भी इस लापरवाही में बेनकाब होंगे।
ब्लॉक कोतवाली देहात के प्राथमिक विद्यालय टांडा सिक्कावाला की शिक्षिका आभा जैन के आठ साल तक बिना स्कूल जाए नौकरी करने का खुलासा होने के बाद अब विभाग खुद को दागदार होने से बचाने की जुगत में लगा है। आभा जैन जिले में अकेली ऐसी शिक्षिका नहीं जो स्कूल नहीं जाती बल्कि विभाग की अनुकंपा से सैकड़ों शिक्षक कागजों में नौकरी चला रहे हैं। सेटिंग का कमाल है मास्टर जी घर पर होते हैं और हाजिरी स्कूल में लग जाती है।
इस सेटिंग के लिए शिक्षकों से मोटी रकम का सौदा किया जाता है। प्रत्येक महीने के वेतन से कमीशन काट लिया जाता है। ब्लॉक कोतवाली देहात के अलावा ब्लॉक अफजलगढ़, नजीबाबाद और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह खेल खूब चल रहा है।
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इस मामले में बीएसए संजय कुमार कुशवाहा का कहना है कि ऐसे शिक्षकों को चिह्नित कराया जाएगा जो लंबे समय से स्कूलों से गायब है और उनकी हाजिरी लग रही है या फिर उनकी सही स्थिति छिपाई जा रही है।
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ब्लॉक कोतवाली देहात के प्राथमिक विद्यालय टांडा सिक्कावाला की शिक्षिका आभा जैन के आठ साल तक बिना स्कूल जाए नौकरी करने का खुलासा होने के बाद अब विभाग खुद को दागदार होने से बचाने की जुगत में लगा है। आभा जैन जिले में अकेली ऐसी शिक्षिका नहीं जो स्कूल नहीं जाती बल्कि विभाग की अनुकंपा से सैकड़ों शिक्षक कागजों में नौकरी चला रहे हैं। सेटिंग का कमाल है मास्टर जी घर पर होते हैं और हाजिरी स्कूल में लग जाती है।
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इस सेटिंग के लिए शिक्षकों से मोटी रकम का सौदा किया जाता है। प्रत्येक महीने के वेतन से कमीशन काट लिया जाता है। ब्लॉक कोतवाली देहात के अलावा ब्लॉक अफजलगढ़, नजीबाबाद और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह खेल खूब चल रहा है।
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इस मामले में बीएसए संजय कुमार कुशवाहा का कहना है कि ऐसे शिक्षकों को चिह्नित कराया जाएगा जो लंबे समय से स्कूलों से गायब है और उनकी हाजिरी लग रही है या फिर उनकी सही स्थिति छिपाई जा रही है।